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Pauri News: जिला अस्पताल का नेत्ररोग विभाग उपकरणों के अभाव से जूझ रहा
संवाद न्यूज एजेंसी, पौड़ी
Updated Mon, 20 Apr 2026 04:33 PM IST
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मरीजों को जांच के लिए श्रीनगर मेडिकल कॉलेज जाने को मजबूर
पौड़ी। जिला अस्पताल का नेत्ररोग विभाग इन दिनों आवश्यक उपकरणों की कमी से जूझ रहा है जिससे मरीजों को जांच के लिए श्रीनगर मेडिकल कॉलेज जाने को मजबूर होना पड़ रहा है। पीपीपी मोड समाप्त होने के बाद विभाग में ओपीडी लगातार बढ़ रही है लेकिन संसाधनों की कमी इलाज में बाधा बन रही है।
जिला अस्पताल का संचालन दिसंबर 2024 तक पीपीपी मोड में था। अनुबंध समाप्त होने के बाद एक जनवरी 2025 से स्वास्थ्य विभाग ने संचालन अपने हाथ में ले लिया। इसके बाद अस्पताल में धीरे-धीरे सुविधाओं का विस्तार तो हुआ है लेकिन कई विभाग अब भी उपकरणों की कमी से जूझ रहे हैं। इनमें नेत्ररोग विभाग प्रमुख रूप से शामिल है।
अप्रैल 2025 में नेत्ररोग विशेषज्ञ डॉ. गीतांजलि पाल की तैनाती के बाद विभाग में मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ी है। पहले जहां प्रतिदिन 15 से 20 मरीज ओपीडी में आते थे वहीं अब यह संख्या बढ़कर 60 से अधिक हो गई है। डॉ. पाल ने मोतियाबिंद समेत अन्य ऑपरेशन भी शुरू कर दिए हैं जिससे मरीजों को स्थानीय स्तर पर उपचार मिलने लगा है।
डॉ. पाल ने बताया कि इन उपकरणों की उपलब्धता से जांच और ऑपरेशन दोनों में तेजी आएगी और मरीजों को बाहर नहीं जाना पड़ेगा। इस संबंध में अस्पताल प्रशासन को प्रस्ताव भेजा जा चुका है। वहीं, जिला अस्पताल के पीएमएस डॉ. एलडी सेमवाल ने बताया कि नेत्ररोग विभाग से प्राप्त उपकरणों के प्रस्ताव को स्वीकृति के लिए शासन और स्वास्थ्य महानिदेशालय को भेज दिया गया है। स्वीकृति मिलते ही विभाग को आवश्यक उपकरण उपलब्ध करा दिए जाएंगे।
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पौड़ी। जिला अस्पताल का नेत्ररोग विभाग इन दिनों आवश्यक उपकरणों की कमी से जूझ रहा है जिससे मरीजों को जांच के लिए श्रीनगर मेडिकल कॉलेज जाने को मजबूर होना पड़ रहा है। पीपीपी मोड समाप्त होने के बाद विभाग में ओपीडी लगातार बढ़ रही है लेकिन संसाधनों की कमी इलाज में बाधा बन रही है।
जिला अस्पताल का संचालन दिसंबर 2024 तक पीपीपी मोड में था। अनुबंध समाप्त होने के बाद एक जनवरी 2025 से स्वास्थ्य विभाग ने संचालन अपने हाथ में ले लिया। इसके बाद अस्पताल में धीरे-धीरे सुविधाओं का विस्तार तो हुआ है लेकिन कई विभाग अब भी उपकरणों की कमी से जूझ रहे हैं। इनमें नेत्ररोग विभाग प्रमुख रूप से शामिल है।
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अप्रैल 2025 में नेत्ररोग विशेषज्ञ डॉ. गीतांजलि पाल की तैनाती के बाद विभाग में मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ी है। पहले जहां प्रतिदिन 15 से 20 मरीज ओपीडी में आते थे वहीं अब यह संख्या बढ़कर 60 से अधिक हो गई है। डॉ. पाल ने मोतियाबिंद समेत अन्य ऑपरेशन भी शुरू कर दिए हैं जिससे मरीजों को स्थानीय स्तर पर उपचार मिलने लगा है।
डॉ. पाल ने बताया कि इन उपकरणों की उपलब्धता से जांच और ऑपरेशन दोनों में तेजी आएगी और मरीजों को बाहर नहीं जाना पड़ेगा। इस संबंध में अस्पताल प्रशासन को प्रस्ताव भेजा जा चुका है। वहीं, जिला अस्पताल के पीएमएस डॉ. एलडी सेमवाल ने बताया कि नेत्ररोग विभाग से प्राप्त उपकरणों के प्रस्ताव को स्वीकृति के लिए शासन और स्वास्थ्य महानिदेशालय को भेज दिया गया है। स्वीकृति मिलते ही विभाग को आवश्यक उपकरण उपलब्ध करा दिए जाएंगे।
