फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Pithoragarh News ›   A population of 20,000 in Gangolihat faced hardship due to a lack of water supply

Pithoragarh News: गंगोलीहाट में पानी नहीं आने से 20 हजार की आबादी रही परेशान

Tue, 11 Aug 2026 11:07 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़ Updated Tue, 11 Aug 2026 11:07 PM IST
विज्ञापन
A population of 20,000 in Gangolihat faced hardship due to a lack of water supply
गंगोलीहाट (पिथौरागढ़) । क्षेत्र में लगातार हो रही भारी बारिश के कारण शालीखेत पंपिंग योजना से पानी की आपूर्ति पूरी तरह ठप हो गई है। पिछले दो दिनों से जलापूर्ति बाधित होने से हाट, हनेरा, कुंजनपुर, रावलगांव, खेतीगाड़ा, लाली, खतेड़ा, भाट गांव, पुनोली, चौढियार, नौदूंगा, पठक्यूड़ा, भूल्यूड़ा, कफलाड़ी और चुतरापानी समेत दर्जनों गांवों की करीब 20 हजार की आबादी को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
विज्ञापन


जल स्रोत में अत्यधिक गाद आने और गधेरे का पानी मटमैला होने के कारण पंपिंग करना असंभव हो गया है। हालात यह हैं कि प्रभावित ग्रामीण बारिश के पानी और दूरदराज के पारंपरिक स्रोतों से अपनी जरूरतें पूरी करने को मजबूर हैं।
विज्ञापन

जल संस्थान के खंड विकास अधिकारी जीडी आर्या ने बताया कि बारिश से गधेरे का पानी मटमैला हुआ है। इसके चलते पंपिंग नहीं हो रही है। मौसम ठीक होने पर पंपिंग सुचारु कर दी जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन


फिल्टर प्लांट न होने से समस्या
फिल्टर प्लांट नहीं होने के कारण शालीखेत पंपिंग योजना से बरसात के दिनों में लोगों को सुचारु रूप से पानी नहीं मिल पाता। लगातार बारिश होने पर गधेरे में मटमैला पानी रहता है। मुख्य चेंबर में गाद भर जाती है जिस कारण जल संस्थान पंपिंग नहीं कर पाता। पंपिंग न होने से अनेक गांवों के लोगों को पानी नहीं मिल पाता। लंबे संघर्ष के राज्य की तत्कालीन एनडी तिवारी सरकार ने क्षेत्र के लिए पंपिंग योजना स्वीकृत की थी। जल निगम ने पंपिंग योजना का निर्माण किया जिसे जल संस्थान को हैंडओवर किया गया।

---बोले क्षेत्रवासी--

जब-जब बारिश के बाद पानी नहीं आता है हैंडपंप का सहारा लेना पड़ता है। हैंडपंप पर भीड़ के कारण समय काफी लगता है। -शोभा देवी

पानी नहीं आने पर आधा किलोमीटर दूर से पानी ढोना पड़ता है। बरसात में फिसलन भरे रास्ते पर पानी से भरा बर्तन लाना जोखिम भरा होता है। -कंचना, क्षेत्रवासी

पंपिंग योजना बनने के बाद पानी की समस्या तो दूर हुई लेकिन बरसात में नल में पानी नहीं आने से प्राकृतिक स्रोतों पर निर्भर रहना पड़ता है। -गोविंद बल्लभ क्षेत्रवासी

पंपिंग योजना में फिल्टर प्लांट लगाने के लिए लगातार मांग की जा रही है। फिल्टर प्लांट लग जाता तो ऐसी समस्या नहीं आती। -भूपेश पंत, क्षेत्रवासी
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article