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Pithoragarh News: सिस्टम की भूल, भुगत रहीं 200 छात्राएं
Thu, 13 Aug 2026 12:25 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
Updated Thu, 13 Aug 2026 12:25 AM IST
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गणाई गंगोली जीआईसी में बरसाती टैंक को भरने पहुंचा जल संस्थान का टैंकर। संवाद
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गणाई गंगोली (पिथौरागढ़)। सीमांत जिले के गणाई गंगोली इंटर कॉलेज की छात्राएं यदि घर से पानी लाना भूल गई तो दिनभर प्यासे रहकर ही पढ़ाई करनी पड़ती है। पेयजल व्यवस्था नहीं होने से विद्यालय की 200 छात्राओं को घर से पानी लाना मजबूरी बन गया है।
यह स्थिति जीजीआईसी गणाई गंगोली की है। यहां सिस्टम की अनदेखी का खामियाजा छात्राओं को भुगतना पड़ रहा है। विद्यालय भवन निर्माण के दौरान सभी यहां नल लगाना भूल गए। इसके कारण पिछले दस वर्षों से छात्राओं को रोजाना पानी की बोतल साथ ले जानी पड़ती है।
सबसे चिंताजनक स्थिति शौचालयों में पानी की व्यवस्था की है। यहां बरसात के पानी के लिए टैंक बनाया गया है लेकिन मानसूनकाल में इस टैंक के पानी में कीड़े पनप गए हैं। ऐसे में छात्राएं परेशान हैं।
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अभिभावकों का कहना है कि उन्होंने जल संस्थान, शिक्षा विभाग से लेकर विधायक, सांसद से विद्यालय में पेयजल की सुविधा उपलब्ध कराने की गुहार लगाई लेकिन कोई भी जिम्मेदार पेयजल की व्यवस्था नहीं करा सका। अभिभावकों ने कहा है कि जल्द ही विद्यालय तक पेयजल की सुविधा उपलब्ध नहीं हुई तो वे आंदोलन के लिए मजबूर होंगे।
बरसात में टैंकरों से कर रहे पानी की सप्लाई
बरसात के दौरान लाइन क्षतिग्रस्त होने से बरसाती टैंक तक पानी नहीं पहुंच रहा है। ऐसे में जल संस्थान टैंकर से बरसाती टैंक को भर रहा है। तब जाकर शौचालयों में पानी की व्यवस्था हो रही है। विद्यालय प्रबंधन का कहना है कि विद्यालय के आसपास ही डिग्री कॉलेज, आयुर्वेदिक अस्पताल, वन विभाग, डाक बंगला, तहसील कार्यालय, ट्रेजरी आदि संस्थान मौजूद हैं जहां पानी की सुविधा है। सिर्फ विद्यालय में ही पेयजल कनेक्शन नहीं लग सका है।
कोट -
जब से विद्यालय भवन बना है तब से ही पेयजल की समस्या है। शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने बताया है कि जल संस्थान को प्रस्ताव बनाने के लिए कहा गया है। जल्द ही पेयजल की व्यवस्था की जाएगी। - सरस्वती बोहरा, प्रधानाचार्य, जीजीआईसी, गणाई गंगोली
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यह स्थिति जीजीआईसी गणाई गंगोली की है। यहां सिस्टम की अनदेखी का खामियाजा छात्राओं को भुगतना पड़ रहा है। विद्यालय भवन निर्माण के दौरान सभी यहां नल लगाना भूल गए। इसके कारण पिछले दस वर्षों से छात्राओं को रोजाना पानी की बोतल साथ ले जानी पड़ती है।
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सबसे चिंताजनक स्थिति शौचालयों में पानी की व्यवस्था की है। यहां बरसात के पानी के लिए टैंक बनाया गया है लेकिन मानसूनकाल में इस टैंक के पानी में कीड़े पनप गए हैं। ऐसे में छात्राएं परेशान हैं।
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अभिभावकों का कहना है कि उन्होंने जल संस्थान, शिक्षा विभाग से लेकर विधायक, सांसद से विद्यालय में पेयजल की सुविधा उपलब्ध कराने की गुहार लगाई लेकिन कोई भी जिम्मेदार पेयजल की व्यवस्था नहीं करा सका। अभिभावकों ने कहा है कि जल्द ही विद्यालय तक पेयजल की सुविधा उपलब्ध नहीं हुई तो वे आंदोलन के लिए मजबूर होंगे।
बरसात में टैंकरों से कर रहे पानी की सप्लाई
बरसात के दौरान लाइन क्षतिग्रस्त होने से बरसाती टैंक तक पानी नहीं पहुंच रहा है। ऐसे में जल संस्थान टैंकर से बरसाती टैंक को भर रहा है। तब जाकर शौचालयों में पानी की व्यवस्था हो रही है। विद्यालय प्रबंधन का कहना है कि विद्यालय के आसपास ही डिग्री कॉलेज, आयुर्वेदिक अस्पताल, वन विभाग, डाक बंगला, तहसील कार्यालय, ट्रेजरी आदि संस्थान मौजूद हैं जहां पानी की सुविधा है। सिर्फ विद्यालय में ही पेयजल कनेक्शन नहीं लग सका है।
कोट -
जब से विद्यालय भवन बना है तब से ही पेयजल की समस्या है। शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने बताया है कि जल संस्थान को प्रस्ताव बनाने के लिए कहा गया है। जल्द ही पेयजल की व्यवस्था की जाएगी। - सरस्वती बोहरा, प्रधानाचार्य, जीजीआईसी, गणाई गंगोली