{"_id":"69bae12ad9007d1b2e0a440e","slug":"after-one-and-a-half-years-a-pathologist-has-been-appointed-in-the-district-hospital-all-types-of-tests-can-be-done-pithoragarh-news-c-230-1-alm1001-139501-2026-03-18","type":"story","status":"publish","title_hn":"Pithoragarh News: जिला अस्पताल में डेढ़ साल बाद पैथोलॉजिस्ट की तैनाती, सभी तरह की हो सकेंगी जांच","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Pithoragarh News: जिला अस्पताल में डेढ़ साल बाद पैथोलॉजिस्ट की तैनाती, सभी तरह की हो सकेंगी जांच
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
Updated Wed, 18 Mar 2026 11:00 PM IST
विज्ञापन
विज्ञापन
पिथौरागढ़। आखिरकार डेढ़ साल बाद जिला अस्पताल को पैथोलॉजिस्ट मिला है। अब यहां हर तरह की जांचें हो सकेंगी इसका लाभ मरीजों को मिलेगा। पैथोलॉजिस्ट न होने से अब मरीजों को जांच के लिए निजी लैब के चक्कर नहीं काटने होंगे। वहीं पैथोलॉजिस्ट के हस्ताक्षर से ही हर रिपोर्ट जारी होंगी।
जिला अस्पताल में डेढ़ साल पहले पैथोलॉजिस्ट का अनुबंध खत्म हो गया था। तब से नए पैथोलॉजिस्ट की तैनाती नहीं हो पाई थी। सीमांत के अस्पतालों में हर रोज एक हजार से अधिक मरीज पहुंच रहे हैं। अधिकतर मरीजों की बीमारी का सही और सटीक पता लगाने के लिए डॉक्टर रक्त, पेशाब सहित अन्य जांचों की सलाह देते हैं।
पैथोलॉजिस्ट नहीं होने से तकनीशियन भी कई जांच नहीं कर पा रहे थे जिससे मरीजों को निजी लैब के चक्कर लगाने पड़ रहे थे। टीबी और कैंसर जैसी बीमारी का पता लगाने के लिए जिला अस्पताल में यह जांच करीब 200 रुपये में होती है। बगैर पैथोलॉजिस्ट के यह जांच भी बंद थी और संबंधित मरीजों को इसके लिए निजी लैब में 1000 से 15000 रुपये खर्च करने पड़ रहे थे। पैथोलॉजिस्ट की तैनाती से अब सभी मरीजों को राहत मिलेगी।
बगैर पैथोलॉजिस्ट के हस्ताक्षर से जारी हो रही थीं रिपोर्ट
पिथौरागढ़। जिला अस्पताल में पैथोलॉजिस्ट नहीं होने से तकनीशियन के भरोसे लैब का संचालन हो रहा था। जांच रिपोर्ट भी बगैर पैथोलॉजिस्ट के हस्ताक्षर से जारी हो रही थी। कई केसों में पैथोलॉजिस्ट के हस्ताक्षर से जारी रिपोर्ट जरूरी होती है। अब जिला अस्पताल में पैथोलॉजिस्ट की तैनाती होने से इस समस्या से भी छुटकारा मिलेगा।
कोट
- अस्पताल में पैथोलॉजिस्ट की तैनाती हो गई है इसका लाभ मरीजों को मिलेगा। अस्पताल में स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर करने के गंभीरता से प्रयास किए जा रहे हैं। डॉ. भागीरथी गर्ब्याल, पीएमएस, जिला अस्पताल, पिथौरागढ़
Trending Videos
जिला अस्पताल में डेढ़ साल पहले पैथोलॉजिस्ट का अनुबंध खत्म हो गया था। तब से नए पैथोलॉजिस्ट की तैनाती नहीं हो पाई थी। सीमांत के अस्पतालों में हर रोज एक हजार से अधिक मरीज पहुंच रहे हैं। अधिकतर मरीजों की बीमारी का सही और सटीक पता लगाने के लिए डॉक्टर रक्त, पेशाब सहित अन्य जांचों की सलाह देते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
पैथोलॉजिस्ट नहीं होने से तकनीशियन भी कई जांच नहीं कर पा रहे थे जिससे मरीजों को निजी लैब के चक्कर लगाने पड़ रहे थे। टीबी और कैंसर जैसी बीमारी का पता लगाने के लिए जिला अस्पताल में यह जांच करीब 200 रुपये में होती है। बगैर पैथोलॉजिस्ट के यह जांच भी बंद थी और संबंधित मरीजों को इसके लिए निजी लैब में 1000 से 15000 रुपये खर्च करने पड़ रहे थे। पैथोलॉजिस्ट की तैनाती से अब सभी मरीजों को राहत मिलेगी।
बगैर पैथोलॉजिस्ट के हस्ताक्षर से जारी हो रही थीं रिपोर्ट
पिथौरागढ़। जिला अस्पताल में पैथोलॉजिस्ट नहीं होने से तकनीशियन के भरोसे लैब का संचालन हो रहा था। जांच रिपोर्ट भी बगैर पैथोलॉजिस्ट के हस्ताक्षर से जारी हो रही थी। कई केसों में पैथोलॉजिस्ट के हस्ताक्षर से जारी रिपोर्ट जरूरी होती है। अब जिला अस्पताल में पैथोलॉजिस्ट की तैनाती होने से इस समस्या से भी छुटकारा मिलेगा।
कोट
- अस्पताल में पैथोलॉजिस्ट की तैनाती हो गई है इसका लाभ मरीजों को मिलेगा। अस्पताल में स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर करने के गंभीरता से प्रयास किए जा रहे हैं। डॉ. भागीरथी गर्ब्याल, पीएमएस, जिला अस्पताल, पिथौरागढ़