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Pithoragarh News: बस्ते तक नहीं पहुंची पढ़ाई... सीमांत जिले में शिक्षा विभाग की बड़ी लापरवाही
Sat, 11 Jul 2026 11:04 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
Updated Sat, 11 Jul 2026 11:04 PM IST
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पिथौरागढ़। शिक्षा के अधिकार (आरटीई) के तहत सरकारी स्कूलों के बच्चों को निशुल्क और समय पर किताबें देने के विभागीय दावे सीमांत जिले में खोखले साबित हो रहे हैं। सत्र शुरू होने के लंबे समय बाद भी शिक्षा विभाग छात्रों के बस्ते तक पुस्तकें पहुंचाने में नाकाम रहा है। स्थिति यह है कि कक्षा 10वीं के एक भी विद्यार्थी को अब तक गृह विज्ञान की पाठ्यपुस्तक उपलब्ध नहीं हो सकी है।
सीमांत जिले के 128 इंटर कॉलेज और 86 हाईस्कूलों में नौ हजार से अधिक विद्यार्थी शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। नए शिक्षा सत्र शुरू हुए पांच महीने बीत चुके हैं। इन विद्यालयों में 10वीं की तीन हजार से अधिक छात्राओं ने गृह विज्ञान विषय को चुना है।
हैरानी है कि अब तक इन छात्राओं को गृह विज्ञान की किताब उपलब्ध नहीं हो सकी है। विभाग ने शिक्षा सत्र की शुरुआत में जल्द विद्यार्थियों को निशुल्क किताब उपलब्ध कराने के दावे कर फर्मों को मांग भेजकर जिम्मेदारी निभा दी। अब तक किसी भी फर्म ने गृह विज्ञान की किताबों की आपूर्ति नहीं की है और विभाग भी चुप है। इस लापरवाही के चलते छात्राएं बगैर किताबों के ज्ञान लेकर अपने भविष्य के सपने को साकार करने में जुटी हैं।
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मथुरा और हल्द्वानी से होनी है किताबों की आपूर्ति
विभागीय अधिकारियों के मुताबिक, आरटीई के तहत किताबों की आपूर्ति के लिए मथुरा और हल्द्वानी की फर्मों की जिम्मेदारी तय की गई है। अब तक फर्मों ने गृह विज्ञान की किताब की आपूर्ति करने से हाथ पीछे खींचे हैं। चिंता की बात यह है कि विभाग भी अपनी जिम्मेदारी को पूरी तरह भुलाकर छात्राओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रहा है।
.............
10वीं कक्षा की गृह विज्ञान विषय की किताबों की आपूर्ति नहीं हुई है। किताब उपलब्ध होते ही इन्हें संबंधित विद्यार्थियों तक पहुंचा दिया जाएगा।-तरुण कुमार पंत, सीईओ, पिथौरागढ़
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सीमांत जिले के 128 इंटर कॉलेज और 86 हाईस्कूलों में नौ हजार से अधिक विद्यार्थी शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। नए शिक्षा सत्र शुरू हुए पांच महीने बीत चुके हैं। इन विद्यालयों में 10वीं की तीन हजार से अधिक छात्राओं ने गृह विज्ञान विषय को चुना है।
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हैरानी है कि अब तक इन छात्राओं को गृह विज्ञान की किताब उपलब्ध नहीं हो सकी है। विभाग ने शिक्षा सत्र की शुरुआत में जल्द विद्यार्थियों को निशुल्क किताब उपलब्ध कराने के दावे कर फर्मों को मांग भेजकर जिम्मेदारी निभा दी। अब तक किसी भी फर्म ने गृह विज्ञान की किताबों की आपूर्ति नहीं की है और विभाग भी चुप है। इस लापरवाही के चलते छात्राएं बगैर किताबों के ज्ञान लेकर अपने भविष्य के सपने को साकार करने में जुटी हैं।
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मथुरा और हल्द्वानी से होनी है किताबों की आपूर्ति
विभागीय अधिकारियों के मुताबिक, आरटीई के तहत किताबों की आपूर्ति के लिए मथुरा और हल्द्वानी की फर्मों की जिम्मेदारी तय की गई है। अब तक फर्मों ने गृह विज्ञान की किताब की आपूर्ति करने से हाथ पीछे खींचे हैं। चिंता की बात यह है कि विभाग भी अपनी जिम्मेदारी को पूरी तरह भुलाकर छात्राओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रहा है।
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10वीं कक्षा की गृह विज्ञान विषय की किताबों की आपूर्ति नहीं हुई है। किताब उपलब्ध होते ही इन्हें संबंधित विद्यार्थियों तक पहुंचा दिया जाएगा।-तरुण कुमार पंत, सीईओ, पिथौरागढ़