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Pithoragarh News: बमुश्किल मिले दो असिस्टेंट प्रोफेसर, एक ने नहीं ली तैनाती
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
Updated Sat, 07 Mar 2026 01:46 AM IST
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पिथौरागढ़। मेडिकल कॉलेज प्रबंधन की उम्मीदों को फिर से झटका लगा है। ऐसा इसलिए कि नौवें साक्षात्कार के बाद बमुश्किल दो असिस्टेंट प्रोफेसरों की नियुक्ति हुई थी। इनमें से एक ने तैनाती ले ली और दूसरे ने पहाड़ चढ़ने से हाथ पीछे खींच लिए हैं। इस वर्ष मेडिकल कॉलेज में पहले बैच की पढ़ाई शुरू होगी। कुशल डॉक्टर तैयार करने के लिए कॉलेज प्रबंधन को फैकल्टी नहीं मिल रही है।
पिथौरागढ़ में चंडाक के मोस्टमानू में 760 करोड़ की लागत से मेडिकल कॉलेज का निर्माण हो रहा है। मेडिकल कॉलेज में इस वर्ष मेडिकल की पढ़ाई शुरू होनी है। कुशल डॉक्टर तैयार करने के लिए 76 फैकल्टी की तैनाती होनी है। इनमें 16 प्रोफेसर, 24 एसोसिएट प्रोफेसर, 36 असिस्टेंट प्रोफेसर शामिल हैं।
कॉलेज प्रबंधन ने फैकल्टी की तैनाती के लिए पिछले डेढ़ साल में नौ साक्षात्कार किए। बमुश्किल एनाटॉमी और आर्थो विभाग में तैनाती के लिए दो असिस्टेंट प्रोफेसरों की नियुक्ति हुई। एनाटॉमी के असिस्टेंट प्रोफेसर ने पहाड़ में तैनाती लेने से मना कर मेडिकल कॉलेज प्रबंधन की दिक्कत और चिंता बढ़ाई है। अब 27 मार्च को 10 वां साक्षात्कार होगा। अब कॉलेज प्रबंधन को इस साक्षात्कार से उम्मीद लगाने के अलावा अन्य विकल्प नहीं है।
अप्रैल में पहुंचेगी एनएमसी की टीम
मेडिकल कॉलेज के संचालन के लिए नेशनल मेडिकल काउंसिल (एनएमसी) की मान्यता जरूरी है। मान्यता के लिए मेडिकल कॉलेज में संसाधनों के अलावा पर्याप्त फैकल्टी की तैनाती जरूरी है। अप्रैल महीने में एनएमसी की टीम व्यवस्थाओं और संसाधनों को परखने के लिए मेडिकल कॉलेज पहुंचेगी। फैकल्टी की कमी से जूझ रहे मेडिकल कॉलेज प्रबंधन के लिए एनएमसी के मानकों को पूरा करना चुनौती साबित होगा।
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कॉलेज प्रबंधन ने फैकल्टी की तैनाती के लिए पिछले डेढ़ साल में नौ साक्षात्कार किए। बमुश्किल एनाटॉमी और आर्थो विभाग में तैनाती के लिए दो असिस्टेंट प्रोफेसरों की नियुक्ति हुई। एनाटॉमी के असिस्टेंट प्रोफेसर ने पहाड़ में तैनाती लेने से मना कर मेडिकल कॉलेज प्रबंधन की दिक्कत और चिंता बढ़ाई है। अब 27 मार्च को 10 वां साक्षात्कार होगा। अब कॉलेज प्रबंधन को इस साक्षात्कार से उम्मीद लगाने के अलावा अन्य विकल्प नहीं है।
अप्रैल में पहुंचेगी एनएमसी की टीम
मेडिकल कॉलेज के संचालन के लिए नेशनल मेडिकल काउंसिल (एनएमसी) की मान्यता जरूरी है। मान्यता के लिए मेडिकल कॉलेज में संसाधनों के अलावा पर्याप्त फैकल्टी की तैनाती जरूरी है। अप्रैल महीने में एनएमसी की टीम व्यवस्थाओं और संसाधनों को परखने के लिए मेडिकल कॉलेज पहुंचेगी। फैकल्टी की कमी से जूझ रहे मेडिकल कॉलेज प्रबंधन के लिए एनएमसी के मानकों को पूरा करना चुनौती साबित होगा।