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Pithoragarh News: बारिश शुरू होते ही मौसमी बीमारियों की चपेट में बच्चे
Tue, 07 Jul 2026 11:10 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
Updated Tue, 07 Jul 2026 11:10 PM IST
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चंपावत। जिले में मानसून सक्रिय होने के साथ ही बच्चों में मौसमी बीमारियों का प्रकोप तेजी से बढ़ने लगा है। बारिश के कारण बढ़े संक्रमण से जिला अस्पताल की बाल रोग ओपीडी में मरीजों की संख्या में भारी उछाल आया है, जहां रोजाना 60 से 70 बच्चे सर्दी, खांसी, बुखार और पेट दर्द जैसी शिकायतों के साथ इलाज के लिए पहुंच रहे हैं।
इनमें वायरल बुखार और सांस संबंधी संक्रमण से पीड़ित बच्चों की संख्या अधिक है। चिकित्सकों ने अभिभावकों से बच्चों के खान-पान, साफ-सफाई और समय पर उपचार को लेकर सतर्कता बरतने की अपील की है। जिला अस्पताल के पीएमएस डॉक्टर एचएस ह्यांकी ने बताया कि छोटे बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होती है। दूषित भोजन और पानी से डायरिया का खतरा बढ़ता है। मौसम में बदलाव के कारण वायरल संक्रमण तेजी से फैल रहा है।
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ऐसे करें बचाव-
अस्पताल प्रबंधन ने अभिभावकों को सलाह दी है कि बच्चों को उबला और स्वच्छ पानी ही पिलाएं, ताजा और पौष्टिक भोजन दें साथ ही खुले में बिकने वाले खाद्य पदार्थों से परहेज करें। बच्चों को बारिश में भीगने से बचाएं, हाथों की नियमित सफाई कराएं और तेज बुखार, लगातार उल्टी-दस्त, सांस लेने में परेशानी या अत्यधिक सुस्ती जैसे लक्षण दिखाई देने पर तुरंत चिकित्सकीय परामर्श लें। बिना डॉक्टर की सलाह के कोई भी दवा न लें।
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इनमें वायरल बुखार और सांस संबंधी संक्रमण से पीड़ित बच्चों की संख्या अधिक है। चिकित्सकों ने अभिभावकों से बच्चों के खान-पान, साफ-सफाई और समय पर उपचार को लेकर सतर्कता बरतने की अपील की है। जिला अस्पताल के पीएमएस डॉक्टर एचएस ह्यांकी ने बताया कि छोटे बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होती है। दूषित भोजन और पानी से डायरिया का खतरा बढ़ता है। मौसम में बदलाव के कारण वायरल संक्रमण तेजी से फैल रहा है।
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ऐसे करें बचाव-
अस्पताल प्रबंधन ने अभिभावकों को सलाह दी है कि बच्चों को उबला और स्वच्छ पानी ही पिलाएं, ताजा और पौष्टिक भोजन दें साथ ही खुले में बिकने वाले खाद्य पदार्थों से परहेज करें। बच्चों को बारिश में भीगने से बचाएं, हाथों की नियमित सफाई कराएं और तेज बुखार, लगातार उल्टी-दस्त, सांस लेने में परेशानी या अत्यधिक सुस्ती जैसे लक्षण दिखाई देने पर तुरंत चिकित्सकीय परामर्श लें। बिना डॉक्टर की सलाह के कोई भी दवा न लें।