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Pithoragarh News: इस सत्र से पिथौरागढ़ मेडिकल कॉलेज के संचालन पर संशय के बादल
Tue, 11 Aug 2026 11:09 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
Updated Tue, 11 Aug 2026 11:09 PM IST
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पिथौरागढ़। मेडिकल कॉलेज पिथौरागढ़ के इस सत्र से संचालन पर फिर से संशय के बादल छा गए हैं। इस कारण जिले के युवाओं की स्थानीय स्तर पर ही पढ़ाई कर डॉक्टर बनने की उम्मीदें इस सत्र में भी धूमिल पड़ गई हैं। अपील पर सुनवाई करते हुए नेशनल मेडिकल कमीशन (एनएमसी) ने मेडिकल कॉलेज में कमियां दुरुस्त न होने की बात करते हुए मान्यता पर मुहर लगाने से फिलहाल मना कर दिया है।
मेडिकल कॉलेज प्रशासन अब कमीशन में दोबारा अपील की तैयारी कर रहा है। एक तरफ मान्यता प्राप्त मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस में दाखिल के लिए प्रथम चरण की काउंसलिंग प्रक्रिया चल रही है, दूसरी ओर चंडाक स्थित पिथौरागढ़ मेडिकल कॉलेज मान्यता पाने के लिए संघर्ष कर रहा है। हालांकि कॉलेज प्रशासन कमियां दुरुस्त करने की कोशिश करने की तैयारियां करते हुए दोबारा अपील करने की कवायद में जुटा है।
पिछले दिनों आई एनएमसी की टीम ने कॉलेज में कई खामियों को रेखांकित करते हुए प्रशासन को संचालन की अनुमति नहीं दी। इसके बाद कॉलेज की ओर से मान्यता के लिए की गई अपील पर बीते 29 जुलाई को सुनवाई हुई। इसी महीने 5 अगस्त को अपील का रिजल्ट बताते हुए एनएमसी ने फैकल्टी के अभाव सहित ढांचागत कमियां पूरी तरह दुरुस्त न होने की बात करते हुए संचालन की अनुमति देने से इन्कार कर दिया। साथ ही कहा गया कि कॉलेज प्रशासन सुनवाई के लिए दोबारा अपील कर सकता है। ऐसे में इसी सत्र से पिथौरागढ़ कॉलेज में एमबीबीएस की कक्षाएं शुरू होने की उम्मीदों को फिर झटका लगा है।
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85 विशेषज्ञों के सापेक्ष 15 की ही नियुक्ति
पिथौरागढ़। मेडिकल कॉलेज में फिलहाल विशेषज्ञों की काफी कमी है। प्रोफेसर, एसोसिएट और असिस्टेंट प्रोफेसरों के 85 पदों के सापेक्ष 15 की
नियुक्ति हो पाई है। सीनियर और जूनियर रेजिडेंट डॉक्टर भी पर्याप्त संख्या में नहीं हैं। हालांकि ढांचागत सुविधाओं का विस्तार लगभग पूरा हो गया है, लेकिन फैकल्टी का अभाव मेडिकल कॉलेज शुरू होने की राह में बड़ा रोड़ा बना हुआ है।
...................-
सभी ढांचागत सुविधाएं दुरुस्त कर ली गई हैं। फैकल्टी का जरूर अभाव है। कल देहरादून में मुख्यमंत्री के साथ इस संबंध में मीटिंग होनी है और उम्मीद है कि जल्द सभी कमियों दूर हो जाएंगी। मान्यता के लिए दोबारा अपील की जाएगी। एके सिंह, प्रिंसिपल, मेडिकल कॉलेज पिथौरागढ़
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मेडिकल कॉलेज प्रशासन अब कमीशन में दोबारा अपील की तैयारी कर रहा है। एक तरफ मान्यता प्राप्त मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस में दाखिल के लिए प्रथम चरण की काउंसलिंग प्रक्रिया चल रही है, दूसरी ओर चंडाक स्थित पिथौरागढ़ मेडिकल कॉलेज मान्यता पाने के लिए संघर्ष कर रहा है। हालांकि कॉलेज प्रशासन कमियां दुरुस्त करने की कोशिश करने की तैयारियां करते हुए दोबारा अपील करने की कवायद में जुटा है।
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पिछले दिनों आई एनएमसी की टीम ने कॉलेज में कई खामियों को रेखांकित करते हुए प्रशासन को संचालन की अनुमति नहीं दी। इसके बाद कॉलेज की ओर से मान्यता के लिए की गई अपील पर बीते 29 जुलाई को सुनवाई हुई। इसी महीने 5 अगस्त को अपील का रिजल्ट बताते हुए एनएमसी ने फैकल्टी के अभाव सहित ढांचागत कमियां पूरी तरह दुरुस्त न होने की बात करते हुए संचालन की अनुमति देने से इन्कार कर दिया। साथ ही कहा गया कि कॉलेज प्रशासन सुनवाई के लिए दोबारा अपील कर सकता है। ऐसे में इसी सत्र से पिथौरागढ़ कॉलेज में एमबीबीएस की कक्षाएं शुरू होने की उम्मीदों को फिर झटका लगा है।
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85 विशेषज्ञों के सापेक्ष 15 की ही नियुक्ति
पिथौरागढ़। मेडिकल कॉलेज में फिलहाल विशेषज्ञों की काफी कमी है। प्रोफेसर, एसोसिएट और असिस्टेंट प्रोफेसरों के 85 पदों के सापेक्ष 15 की
नियुक्ति हो पाई है। सीनियर और जूनियर रेजिडेंट डॉक्टर भी पर्याप्त संख्या में नहीं हैं। हालांकि ढांचागत सुविधाओं का विस्तार लगभग पूरा हो गया है, लेकिन फैकल्टी का अभाव मेडिकल कॉलेज शुरू होने की राह में बड़ा रोड़ा बना हुआ है।
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सभी ढांचागत सुविधाएं दुरुस्त कर ली गई हैं। फैकल्टी का जरूर अभाव है। कल देहरादून में मुख्यमंत्री के साथ इस संबंध में मीटिंग होनी है और उम्मीद है कि जल्द सभी कमियों दूर हो जाएंगी। मान्यता के लिए दोबारा अपील की जाएगी। एके सिंह, प्रिंसिपल, मेडिकल कॉलेज पिथौरागढ़