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Pithoragarh News: पिथौरागढ़ में दूषित पानी से टाइफाइड के मरीज बढ़े
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
Updated Mon, 16 Mar 2026 10:45 PM IST
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पिथौरागढ़। जनपद में दूषित पेयजल और मौसम के बदलते मिजाज ने स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को चुनौती दे दी है। जिला अस्पताल पहुंचने वाला हर 12वां मरीज टाइफाइड से ग्रसित मिल रहा है। मटमैले पानी की आपूर्ति और वातावरण में फैली धुंध के कारण शहर में बीमार लोगों की संख्या तेजी से बढ़ रही है।
जिला अस्पताल में रोजाना औसतन 600 मरीजों की ओपीडी हो रही है जिनमें से 40 से 50 मरीज टाइफाइड के लक्षणों के साथ पहुंच रहे हैं। चिकित्सकों के अनुसार दूषित पेयजल और अस्वच्छ भोजन इसका मुख्य कारण है। नगर के तिलढुकरी, सिमलगैर और चिमस्यानौला जैसे वार्डों में लंबे समय से मटमैले पानी की शिकायत मिल रही थी जो अब बीमारी के रूप में सामने आने लगी है।
धुंध और प्रदूषण से सांस की समस्या
पानी के साथ हवा भी सेहत बिगाड़ रही है। वातावरण में फैली धुंध और धूल के कणों के कारण बुजुर्गों और बच्चों में सांस की समस्या गंभीर हो रही है। हालांकि, हालिया बारिश से कुछ राहत मिली है लेकिन खतरा अभी टला नहीं है।
होम्योपैथिक अस्पताल में भी कतार
जिला अस्पताल ही नहीं बल्कि जिला होम्योपैथिक अस्पताल में भी ब्रोंकाइटिस और पेट दर्द के मरीजों की संख्या बढ़ी है। चिकित्साधिकारी डॉ. आशुतोष जोशी के अनुसार रोजाना 10 से 15 नए मामले इन बीमारियों से संबंधित आ रहे हैं जिनका उपचार किया जा रहा है।
बचाव के लिए क्या करें
- हमेशा पानी को उबालकर ही पिएं।
- स्वच्छ और गर्म भोजन लें, पैक्ड और फास्ट फूड से पूरी तरह परहेज करें।
- यदि बुखार लंबे समय तक बना रहे तो तत्काल विशेषज्ञ की सलाह लें।
कोट
- जिला अस्पताल में टाइफाइड के मरीजों में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। दूषित पानी और भोजन इसका प्रमुख कारण है। संक्रमण से बचने के लिए लोगों को शुद्ध पेयजल और खान-पान की स्वच्छता का विशेष ध्यान रखना चाहिए। - डॉ. भागीरथी गर्ब्याल, पीएमएस, जिला अस्पताल
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जिला अस्पताल में रोजाना औसतन 600 मरीजों की ओपीडी हो रही है जिनमें से 40 से 50 मरीज टाइफाइड के लक्षणों के साथ पहुंच रहे हैं। चिकित्सकों के अनुसार दूषित पेयजल और अस्वच्छ भोजन इसका मुख्य कारण है। नगर के तिलढुकरी, सिमलगैर और चिमस्यानौला जैसे वार्डों में लंबे समय से मटमैले पानी की शिकायत मिल रही थी जो अब बीमारी के रूप में सामने आने लगी है।
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धुंध और प्रदूषण से सांस की समस्या
पानी के साथ हवा भी सेहत बिगाड़ रही है। वातावरण में फैली धुंध और धूल के कणों के कारण बुजुर्गों और बच्चों में सांस की समस्या गंभीर हो रही है। हालांकि, हालिया बारिश से कुछ राहत मिली है लेकिन खतरा अभी टला नहीं है।
होम्योपैथिक अस्पताल में भी कतार
जिला अस्पताल ही नहीं बल्कि जिला होम्योपैथिक अस्पताल में भी ब्रोंकाइटिस और पेट दर्द के मरीजों की संख्या बढ़ी है। चिकित्साधिकारी डॉ. आशुतोष जोशी के अनुसार रोजाना 10 से 15 नए मामले इन बीमारियों से संबंधित आ रहे हैं जिनका उपचार किया जा रहा है।
बचाव के लिए क्या करें
- हमेशा पानी को उबालकर ही पिएं।
- स्वच्छ और गर्म भोजन लें, पैक्ड और फास्ट फूड से पूरी तरह परहेज करें।
- यदि बुखार लंबे समय तक बना रहे तो तत्काल विशेषज्ञ की सलाह लें।
कोट
- जिला अस्पताल में टाइफाइड के मरीजों में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। दूषित पानी और भोजन इसका प्रमुख कारण है। संक्रमण से बचने के लिए लोगों को शुद्ध पेयजल और खान-पान की स्वच्छता का विशेष ध्यान रखना चाहिए। - डॉ. भागीरथी गर्ब्याल, पीएमएस, जिला अस्पताल