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Pithoragarh News: दोषी पिता-पुत्र को सात-सात वर्ष का कारावास
Tue, 11 Aug 2026 11:14 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
Updated Tue, 11 Aug 2026 11:14 PM IST
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चंपावत। सत्र न्यायाधीश अनुज कुमार संगल की अदालत ने हत्या के प्रयास के आरोपी पिता-पुत्र को दोषी करार देते हुए सात-सात साल कारावास की सजा सुनाई। दोषियों को अलग-अलग धाराओं में अर्थदंड से दंडित भी किया गया। अर्थदंड अदा न करने पर दोषियों को छह-छह माह का अतिरिक्त साधारण कारावास भोगना होगा।
सत्र न्यायाधीश की अदालत ने दोनों पक्षों को सुनने और साक्ष्यों को देखने के बाद कार्तिक ठाकुर को धारा 109(1) (हत्या का प्रयास) में दो वर्ष, धारा 238 (साक्ष्य विलोपन), धारा 351(3) (धमकी) में दो-दो वर्ष के साथ अलग-अलग जुर्माने की सजा सुनाई।
दोषी राजीव सिंह को दुष्प्रेरण (धारा 49 सपठित 109(1)) में सात वर्ष का कारावास और 25 हजार रुपये जुर्माने की सजा दी। इसके अलावा अलग-अलग धारा में जुर्माना लगाया है। न्यायालय ने अपने निर्णय में कहा कि स्वयं घायल हुए पीड़ित दीपक सिंह, उनकी पत्नी प्रेमा सिंह और बेटी सोनाक्षी की गवाही अत्यंत विश्वसनीय है। न्यायालय ने अर्थदंड की राशि में से 60 हजार रुपये पीड़ित दीपक सिंह को प्रतिकर स्वरूप देने का भी आदेश दिया।
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जानकारी के अनुसार आठ जुलाई 2024 की रात ग्राम नायकगोठ, टनकपुर में राजीव सिंह ने अपने पुत्र कार्तिक को उकसाया। इसके बाद कार्तिक ने अपने चाचा दीपक सिंह को तमंचे से गोली मार दी। गोली लगने से पीठ के हिस्से में लगकर पेट से बाहर निकल गई, इससे पीड़ित का लीवर क्षतिग्रस्त हो गया। इसके बाद बरेली के श्री राममूर्ति अस्पताल में दो जटिल सर्जरियों के बाद उनकी जान बच पाई। चिकित्सकों ने अदालत में स्पष्ट किया कि समय पर उपचार न मिलने पर पीड़ित की मृत्यु होना संभव थी। पुलिस ने 12 जुलाई 2024 को कार्तिक ठाकुर की निशानदेही पर किरोड़ा पुल के नीचे पत्थरों में छिपाए गए अवैध तमंचे व दो जिंदा कारतूस बरामद किए।
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सत्र न्यायाधीश की अदालत ने दोनों पक्षों को सुनने और साक्ष्यों को देखने के बाद कार्तिक ठाकुर को धारा 109(1) (हत्या का प्रयास) में दो वर्ष, धारा 238 (साक्ष्य विलोपन), धारा 351(3) (धमकी) में दो-दो वर्ष के साथ अलग-अलग जुर्माने की सजा सुनाई।
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दोषी राजीव सिंह को दुष्प्रेरण (धारा 49 सपठित 109(1)) में सात वर्ष का कारावास और 25 हजार रुपये जुर्माने की सजा दी। इसके अलावा अलग-अलग धारा में जुर्माना लगाया है। न्यायालय ने अपने निर्णय में कहा कि स्वयं घायल हुए पीड़ित दीपक सिंह, उनकी पत्नी प्रेमा सिंह और बेटी सोनाक्षी की गवाही अत्यंत विश्वसनीय है। न्यायालय ने अर्थदंड की राशि में से 60 हजार रुपये पीड़ित दीपक सिंह को प्रतिकर स्वरूप देने का भी आदेश दिया।
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जानकारी के अनुसार आठ जुलाई 2024 की रात ग्राम नायकगोठ, टनकपुर में राजीव सिंह ने अपने पुत्र कार्तिक को उकसाया। इसके बाद कार्तिक ने अपने चाचा दीपक सिंह को तमंचे से गोली मार दी। गोली लगने से पीठ के हिस्से में लगकर पेट से बाहर निकल गई, इससे पीड़ित का लीवर क्षतिग्रस्त हो गया। इसके बाद बरेली के श्री राममूर्ति अस्पताल में दो जटिल सर्जरियों के बाद उनकी जान बच पाई। चिकित्सकों ने अदालत में स्पष्ट किया कि समय पर उपचार न मिलने पर पीड़ित की मृत्यु होना संभव थी। पुलिस ने 12 जुलाई 2024 को कार्तिक ठाकुर की निशानदेही पर किरोड़ा पुल के नीचे पत्थरों में छिपाए गए अवैध तमंचे व दो जिंदा कारतूस बरामद किए।