{"_id":"6a5bb7bd75e2356fbe00d202","slug":"debris-fallen-on-the-kailash-route-blocked-the-path-of-mansarovar-pilgrims-pithoragarh-news-c-230-1-pth1019-144443-2026-07-18","type":"story","status":"publish","title_hn":"Pithoragarh News: कैलाश मार्ग पर गिरे मलबे ने रोकी मानसरोवर यात्रियों की राह","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Pithoragarh News: कैलाश मार्ग पर गिरे मलबे ने रोकी मानसरोवर यात्रियों की राह
Sat, 18 Jul 2026 10:58 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
Updated Sat, 18 Jul 2026 10:58 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पिथौरागढ़/धारचूला । तवाघाट-गुंजी कैलाश यात्रा मार्ग पर गर्बाधार और तंपा मंदिर के बीच पहाड़ी से गिरे मलबे और बोल्डरों ने कैलाश मानसरोवर यात्रा के चौथे दल के यात्रियों की राह रोक दी। सड़क की बदहाल स्थिति को देखते हुए यात्रियों को धारचूला में रोका गया है। सड़क खुलने पर यात्री रविवार को धारचूला से गुंजी रवाना होंगे।
चौथे दल के 50 यात्रियों को शनिवार को केएमवीएन पर्यटक आवास गृह से गुंजी को रवाना होना था। इसके लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली गई थी। इसी बीच सूचना मिली कि गर्बाधार एवं तंपा मंदिर के बीच सुबह पांच बजे के पास भारी मलबा, बोल्डर गिरे हैं।
यात्राधिकारी धन सिंह बिष्ट ने बताया कि सड़क बाधित होने के चलते चौथे दल के यात्रियों को धारचूला में ही रोका गया है। बीआरओ के कार्मिक जेसीबी से मलबा, बोल्डर हटाकर सड़क खुलने में जुटे हैं। सड़क बंद होने पर पांगला पुलिस ने धारचूला से गुंजी जाने वाले वाहनों को पांगला में ही रोक दिया। करीब पांच-छह वाहन चालक सड़क खुलने का इंतजार कर रहे हैं।
विज्ञापन
पहले दल के यात्री परिक्रमा पूरी कर गुंजी लौटे
कैलाश मानसरोवर यात्रा के पहले दल के 48 यात्रियों ने परिक्रमा पूरी कर शनिवार सुबह 8.55 बजे लिपुलेख दर्रे से भारत में प्रवेश किया। चीन के सैनिकों ने उन्हें आईटीबीपी के सुपुर्द किया। यात्री आईटीबीपी की सुरक्षा में दोपहर 1:55 बजे गुंजी पहुंच गए हैं। यात्राधिकारी धन सिंह बिष्ट ने बताया कि यात्री भोजन के बाद गुंजी में ही विश्राम करेंगे। यात्री रविवार को धारचूला से चौकोड़ी पहुंच रात्रि विश्राम करेंगे। तीसरे दल के 48 यात्रियों को आईटीबीपी ने लिपुलेख दर्रे के पास चीन सैनिकों के सुपुर्द किया। यात्री वहां से तकलाकोट रवाना हो गए हैं। दूसरे दल के यात्री डोलमा से कैलाश की परिक्रमा में जुटे हैं।
विज्ञापन
चौथे दल के 50 यात्रियों को शनिवार को केएमवीएन पर्यटक आवास गृह से गुंजी को रवाना होना था। इसके लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली गई थी। इसी बीच सूचना मिली कि गर्बाधार एवं तंपा मंदिर के बीच सुबह पांच बजे के पास भारी मलबा, बोल्डर गिरे हैं।
विज्ञापन
यात्राधिकारी धन सिंह बिष्ट ने बताया कि सड़क बाधित होने के चलते चौथे दल के यात्रियों को धारचूला में ही रोका गया है। बीआरओ के कार्मिक जेसीबी से मलबा, बोल्डर हटाकर सड़क खुलने में जुटे हैं। सड़क बंद होने पर पांगला पुलिस ने धारचूला से गुंजी जाने वाले वाहनों को पांगला में ही रोक दिया। करीब पांच-छह वाहन चालक सड़क खुलने का इंतजार कर रहे हैं।
विज्ञापन
पहले दल के यात्री परिक्रमा पूरी कर गुंजी लौटे
कैलाश मानसरोवर यात्रा के पहले दल के 48 यात्रियों ने परिक्रमा पूरी कर शनिवार सुबह 8.55 बजे लिपुलेख दर्रे से भारत में प्रवेश किया। चीन के सैनिकों ने उन्हें आईटीबीपी के सुपुर्द किया। यात्री आईटीबीपी की सुरक्षा में दोपहर 1:55 बजे गुंजी पहुंच गए हैं। यात्राधिकारी धन सिंह बिष्ट ने बताया कि यात्री भोजन के बाद गुंजी में ही विश्राम करेंगे। यात्री रविवार को धारचूला से चौकोड़ी पहुंच रात्रि विश्राम करेंगे। तीसरे दल के 48 यात्रियों को आईटीबीपी ने लिपुलेख दर्रे के पास चीन सैनिकों के सुपुर्द किया। यात्री वहां से तकलाकोट रवाना हो गए हैं। दूसरे दल के यात्री डोलमा से कैलाश की परिक्रमा में जुटे हैं।