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Pithoragarh News: तापमान बढ़ने के साथ बच्चों में स्वास्थ्य समस्याएं बढ़ीं
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
Updated Sun, 19 Apr 2026 10:54 PM IST
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पिथौरागढ़। तापमान बढ़ने के साथ ही बच्चों में स्वास्थ्य समस्याएं बढ़ रही हैं। बच्चे वायरल बुखार, खांसी-जुकाम, टाइफाइड, निमोनिया और पेट में संक्रमण की चपेट में आ रहे हैं। जिले के विभिन्न क्षेत्रों से रोजाना अभिभावक बच्चों को लेकर अस्पताल पहुंच रहे हैं।
जिला अस्पताल में तैनात बाल रोग विशेषज्ञ के मुताबिक मौसम बदलाव के कारण बच्चे वायरल बुखार, खांसी-जुकाम, टाइफाइड, निमोनिया, पीलिया और पेट में संक्रमण से ग्रसित हो रहे हैं। रोजाना लगभग 70 अभिभावकों की जिला अस्पताल के बाल रोग विशेषज्ञ कक्ष के बाहर लंबी लाइन लग रही है। बच्चों को लंबे समय तक बुखार, पेट में दर्द, खाना पचाने की दिक्कत जैसी समस्याएं आम हो रही हैं।
अभिभावकों को बच्चों के साथ करना पड़ रहा घंटों इंतजार
जिला अस्पताल में तीन पद स्वीकृत होने के बावजूद केवल एक ही बाल रोग विशेषज्ञ तैनात हैं। हालांकि अस्पताल प्रबंधन ने एनएचएम के तहत एक अन्य एमबीबीएस चिकित्सक को बाल रोग विशेषज्ञ की जिम्मेदारी दी है, जो अवकाश पर हैं। ऐसे में महिला अस्पताल और जिला अस्पताल में भर्ती मरीजों के साथ ओपीडी की जिम्मेदारी एक ही बाल रोग विशेषज्ञ पर है। इस कारण अभिभावकों और बीमार बच्चों को घंटों इंतजार करना पड़ रहा है।
कोट
बच्चों में टाइफाइड, बुखार, पेट में संक्रमण आदि की समस्या अधिक आ रही है। ओपीडी में भी बढ़ोतरी हुई है। सभी मरीजों की बारी-बारी जांच की जा रही है। - डॉ. जेएस नबियाल, बाल रोग विशेषज्ञ, जिला अस्पताल पिथौरागढ़
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जिला अस्पताल में तैनात बाल रोग विशेषज्ञ के मुताबिक मौसम बदलाव के कारण बच्चे वायरल बुखार, खांसी-जुकाम, टाइफाइड, निमोनिया, पीलिया और पेट में संक्रमण से ग्रसित हो रहे हैं। रोजाना लगभग 70 अभिभावकों की जिला अस्पताल के बाल रोग विशेषज्ञ कक्ष के बाहर लंबी लाइन लग रही है। बच्चों को लंबे समय तक बुखार, पेट में दर्द, खाना पचाने की दिक्कत जैसी समस्याएं आम हो रही हैं।
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अभिभावकों को बच्चों के साथ करना पड़ रहा घंटों इंतजार
जिला अस्पताल में तीन पद स्वीकृत होने के बावजूद केवल एक ही बाल रोग विशेषज्ञ तैनात हैं। हालांकि अस्पताल प्रबंधन ने एनएचएम के तहत एक अन्य एमबीबीएस चिकित्सक को बाल रोग विशेषज्ञ की जिम्मेदारी दी है, जो अवकाश पर हैं। ऐसे में महिला अस्पताल और जिला अस्पताल में भर्ती मरीजों के साथ ओपीडी की जिम्मेदारी एक ही बाल रोग विशेषज्ञ पर है। इस कारण अभिभावकों और बीमार बच्चों को घंटों इंतजार करना पड़ रहा है।
कोट
बच्चों में टाइफाइड, बुखार, पेट में संक्रमण आदि की समस्या अधिक आ रही है। ओपीडी में भी बढ़ोतरी हुई है। सभी मरीजों की बारी-बारी जांच की जा रही है। - डॉ. जेएस नबियाल, बाल रोग विशेषज्ञ, जिला अस्पताल पिथौरागढ़
