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Pithoragarh News: वापस नहीं लौट सके रालम में चार दिन से फंसे स्वास्थ्य कर्मी
Mon, 10 Aug 2026 11:10 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
Updated Mon, 10 Aug 2026 11:10 PM IST
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पिथौरागढ़। रालम के बीमारों का इलाज करने गई स्वास्थ्य विभाग की टीम चार दिन बाद भी वापस नहीं लौट सकी है। मौसम में हेलिकॉप्टर की उड़ान रोक दी है। इससे रालम में फंसे स्वास्थ्य कर्मियों को जल्द वापस लाना चुनौती बन गया है। ऐसे में स्वास्थ्य कर्मी, उनके परिजन और विभाग मौसम का साथ मिलने का इंतजार कर रहे हैं। विभागीय अधिकारियों के मुताबिक मौसम साफ होने के बाद ही टीम का जिला मुख्यालय लौटना संभव है।
मुनस्यारी के उच्च हिमालयी गांव रालम में वायरल और डायरिया से जूझ रहे ग्रामीणों का इलाज करने के लिए स्वास्थ्य विभाग की टीम को बीते शुक्रवार हेलिकॉप्टर से भेजा गया था। टीम को उसी दिन गांव में शिविर लगाकर वापस लौटना था। खराब मौसम के चलते हेलिकॉप्टर उड़ान नहीं भर सका और टीम नहीं लौट सकी।
टीम में डॉ. आशु अवस्थी, डॉ. मृगांक शुक्ला व एक फार्मासिस्ट हैं। तब से टीम, उनके परिजन और विभाग मौसम खुलने का इंतजार कर रहा है लेकिन सभी निराश हैं। सोमवार को भी मौसम में खराबी के चलते हेलीकॉप्टर रालम के लिए उड़ान नहीं भर सका और टीम वापस नहीं आ सकी। इस समय रालम गांव में करीब 50 लोग माइग्रेशन पर गए हैं। टीम के सदस्य भी ग्रामीणों के साथ है। बावजूद इसके उनके परिजन चिंतित हैं। डॉ. आशु अवस्थी के पिता डीडी अवस्थी ने बताया कि रविवार की शाम बेटे का किसी के नंबर से फोन आया था। उन्होंने गांव में सकुशल होने की जानकारी दी थी।
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स्वास्थ्य कर्मियों को चलना होगा 35 किलोमीटर पैदल
रालम गांव काफी दुर्गम में है। मुनस्यारी तक लीलम तक 15 किलोमीटर सड़क मार्ग है। वहां से रालम गांव की पैदल दूरी 35 किलोमीटर है। गांव में संचार सुविधा भी नहीं है। ऐसे में साफ है कि यदि मौसम का साथ नहीं मिला तो स्वास्थ्य कर्मियों को वापसी के लिए लंबी पैदल दूरी नापनी होगी।
................
उच्च हिमालयी क्षेत्र में मौसम खराब होने से टीम आज भी वापस नहीं आ पाई है। ग्रामीणों से टीम का पूरा ध्यान रखने के संबंध में वार्ता हुई है। मौसम ठीक होते ही टीम को वापस लाया जाएगा। -डॉ. जेस चुफाल, सीएमओ, पिथौरागढ़
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मुनस्यारी के उच्च हिमालयी गांव रालम में वायरल और डायरिया से जूझ रहे ग्रामीणों का इलाज करने के लिए स्वास्थ्य विभाग की टीम को बीते शुक्रवार हेलिकॉप्टर से भेजा गया था। टीम को उसी दिन गांव में शिविर लगाकर वापस लौटना था। खराब मौसम के चलते हेलिकॉप्टर उड़ान नहीं भर सका और टीम नहीं लौट सकी।
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टीम में डॉ. आशु अवस्थी, डॉ. मृगांक शुक्ला व एक फार्मासिस्ट हैं। तब से टीम, उनके परिजन और विभाग मौसम खुलने का इंतजार कर रहा है लेकिन सभी निराश हैं। सोमवार को भी मौसम में खराबी के चलते हेलीकॉप्टर रालम के लिए उड़ान नहीं भर सका और टीम वापस नहीं आ सकी। इस समय रालम गांव में करीब 50 लोग माइग्रेशन पर गए हैं। टीम के सदस्य भी ग्रामीणों के साथ है। बावजूद इसके उनके परिजन चिंतित हैं। डॉ. आशु अवस्थी के पिता डीडी अवस्थी ने बताया कि रविवार की शाम बेटे का किसी के नंबर से फोन आया था। उन्होंने गांव में सकुशल होने की जानकारी दी थी।
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स्वास्थ्य कर्मियों को चलना होगा 35 किलोमीटर पैदल
रालम गांव काफी दुर्गम में है। मुनस्यारी तक लीलम तक 15 किलोमीटर सड़क मार्ग है। वहां से रालम गांव की पैदल दूरी 35 किलोमीटर है। गांव में संचार सुविधा भी नहीं है। ऐसे में साफ है कि यदि मौसम का साथ नहीं मिला तो स्वास्थ्य कर्मियों को वापसी के लिए लंबी पैदल दूरी नापनी होगी।
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उच्च हिमालयी क्षेत्र में मौसम खराब होने से टीम आज भी वापस नहीं आ पाई है। ग्रामीणों से टीम का पूरा ध्यान रखने के संबंध में वार्ता हुई है। मौसम ठीक होते ही टीम को वापस लाया जाएगा। -डॉ. जेस चुफाल, सीएमओ, पिथौरागढ़