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Pithoragarh News: किडनी के मरीजों को नहीं चढ़नी होंगी सीढ़ियां
Mon, 10 Aug 2026 11:11 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
Updated Mon, 10 Aug 2026 11:11 PM IST
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पिथौरागढ़। किडनी के मरीजों और उनके तीमारदारों के लिए अच्छी खबर है। बेस अस्पताल में हंस फाउंडेशन के सहयोग से संचालित डायलिसिस यूनिट को जल्द ही तीसरी मंजिल से हटाकर प्रथम तल पर शिफ्ट किया जाएगा।
अब तक डायलिसिस यूनिट तीसरी मंजिल पर होने के कारण गंभीर मरीजों और तीमारदारों को सैकड़ों सीढ़ियां चढ़कर ऊपर जाना पड़ता था। तीमारदारों को मरीजों को बमुश्किल पीठ पर उठाकर यूनिट तक पहुंचाना पड़ता था, जिससे उन्हें भारी परेशानी का सामना करना पड़ता था। अस्पताल प्रबंधन ने इस गंभीर समस्या का संज्ञान लेते हुए हंस फाउंडेशन को नया कक्ष उपलब्ध कराने का निर्णय लिया है।
खास बात यह है कि नई यूनिट को आईपीडी के पास स्थापित किया जाएगा। इससे आपातकालीन परिस्थितियों में मरीजों को तुरंत जरूरी स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकेंगी और वहां तैनात विशेषज्ञ डॉक्टर त्वरित उपचार सुनिश्चित कर सकेंगे।
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स्वास्थ्य विभाग हंस फाउंडेशन को देगा छह नई मशीनें
सीमांत जिले में किडनी मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए स्थानीय स्तर पर उन्हें डायलिसिस की बेहतर सुविधा उपलब्ध कराने के लिए स्वास्थ्य विभाग हंस फाउंडेशन को छह नई मशीनें देगा। इसके बाद रोजाना 26 किडनी मरीजों की डायलिसिस हो सकेगी। अब तक यूनिट में स्थापित सात मशीनों से दो शिफ्ट में रोजाना 14 मरीजों को ही डायलिसिस की सुविधा मिल रही है।
खराब मशीनें नहीं हो सकीं ठीक
डायलिसिस यूनिट में स्थापित सात में से तीन मशीनें लंबे समय से खराब हैं। फाउंडेशन ने इन मशीनों की खराबी को दूर करने के लिए तकनीशियन बुलाए हैं। लंबे समय बाद तकनीशियन के न पहुंचने से मशीन ठीक नहीं हो पा रही हैं। ऐसे में फाउंडेशन को तीन शिफ्ट में किडनी मरीजों की डायलिसिस करनी पड़ रही है।
...........
डायलिसिस यूनिट बेस अस्पताल के प्रथम तल में शिफ्ट होगी ताकि मरीजों को असुविधा न हो। स्वास्थ्य विभाग से भी नई डायलिसिस मशीनें फाउंडेशन को मिलेंगी। खराब मशीनों को भी जल्द ठीक किया जाएगा। -डॉ. एके सिंह, प्राचार्य, मेडिकल कॉलेज, पिथौरागढ़
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अब तक डायलिसिस यूनिट तीसरी मंजिल पर होने के कारण गंभीर मरीजों और तीमारदारों को सैकड़ों सीढ़ियां चढ़कर ऊपर जाना पड़ता था। तीमारदारों को मरीजों को बमुश्किल पीठ पर उठाकर यूनिट तक पहुंचाना पड़ता था, जिससे उन्हें भारी परेशानी का सामना करना पड़ता था। अस्पताल प्रबंधन ने इस गंभीर समस्या का संज्ञान लेते हुए हंस फाउंडेशन को नया कक्ष उपलब्ध कराने का निर्णय लिया है।
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खास बात यह है कि नई यूनिट को आईपीडी के पास स्थापित किया जाएगा। इससे आपातकालीन परिस्थितियों में मरीजों को तुरंत जरूरी स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकेंगी और वहां तैनात विशेषज्ञ डॉक्टर त्वरित उपचार सुनिश्चित कर सकेंगे।
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स्वास्थ्य विभाग हंस फाउंडेशन को देगा छह नई मशीनें
सीमांत जिले में किडनी मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए स्थानीय स्तर पर उन्हें डायलिसिस की बेहतर सुविधा उपलब्ध कराने के लिए स्वास्थ्य विभाग हंस फाउंडेशन को छह नई मशीनें देगा। इसके बाद रोजाना 26 किडनी मरीजों की डायलिसिस हो सकेगी। अब तक यूनिट में स्थापित सात मशीनों से दो शिफ्ट में रोजाना 14 मरीजों को ही डायलिसिस की सुविधा मिल रही है।
खराब मशीनें नहीं हो सकीं ठीक
डायलिसिस यूनिट में स्थापित सात में से तीन मशीनें लंबे समय से खराब हैं। फाउंडेशन ने इन मशीनों की खराबी को दूर करने के लिए तकनीशियन बुलाए हैं। लंबे समय बाद तकनीशियन के न पहुंचने से मशीन ठीक नहीं हो पा रही हैं। ऐसे में फाउंडेशन को तीन शिफ्ट में किडनी मरीजों की डायलिसिस करनी पड़ रही है।
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डायलिसिस यूनिट बेस अस्पताल के प्रथम तल में शिफ्ट होगी ताकि मरीजों को असुविधा न हो। स्वास्थ्य विभाग से भी नई डायलिसिस मशीनें फाउंडेशन को मिलेंगी। खराब मशीनों को भी जल्द ठीक किया जाएगा। -डॉ. एके सिंह, प्राचार्य, मेडिकल कॉलेज, पिथौरागढ़