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Pithoragarh News: अप्रैल से उच्च हिमालयी गांवों में शुरू हो जाएगा प्रवास का सफर
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
Updated Sun, 22 Mar 2026 11:06 PM IST
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मुनस्यारी (पिथौरागढ़)। सीमांत क्षेत्र मल्ला जोहार के उच्च हिमालयी गांवों में ग्रीष्मकालीन प्रवास (माइग्रेशन) का सिलसिला अप्रैल के पहले सप्ताह से शुरू होने जा रहा है। कड़ाके की सर्दी और भारी बर्फबारी के बावजूद सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) के जवान और श्रमिक सड़क खोलने में जुटे हुए हैं। अब तक लास्पा तक करीब 40 किमी मार्ग से बर्फ हटा ली है।
मार्च के अंतिम सप्ताह से ग्रामीण प्रवास पर जाना शुरू कर देते हैं। इस बार बर्फबारी होने से ग्रामीण अप्रैल में उच्च हिमालयी गांवों में जाना शुरू करेंगे। विगत दिनों हुई भारी बर्फबारी के चलते मल्ला जोहार सड़क बंद हो गई थी। बुगडियार तक सड़क पहले खोल दी थी।
बीआरओ सूत्रों के अनुसार मौसम ने साथ दिया तो अप्रैल पहले सप्ताह तक मिलम सड़क को आवागमन के लिए पूरी तरह खोल दिया जाएगा। ग्रामीण बीरबल सिंह, राजू मर्तोलिया, खड़क सिंह निर्खुपा, लवराज निर्खुपा ने बताया कि अप्रैल में सड़क खुलते ही निचली घाटी से गांवों में माइग्रेशन शुरू हो जाएगा।
प्रवास पर गांवों में 200 से अधिक ग्रामीण पहुंचते हैं। ग्रामीण गर्मियों के सीजन में गांव में जम्बू, गंदरायण, कालाजीरा, आलू, फांफर आदि की खेती करते हैं। अक्तूबर में सर्दी पड़ने के बाद ग्रामीण निचली घाटी में लौट आते हैं।
इन गांवों में होता है प्रवास
मिलम, बुर्फू, बिल्जू, मर्तोली, टोला, खिलांच, मापा, गनघर, रिलकोट, लास्पा, पांछू, ल्वा, बुगडियार, रालम
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मार्च के अंतिम सप्ताह से ग्रामीण प्रवास पर जाना शुरू कर देते हैं। इस बार बर्फबारी होने से ग्रामीण अप्रैल में उच्च हिमालयी गांवों में जाना शुरू करेंगे। विगत दिनों हुई भारी बर्फबारी के चलते मल्ला जोहार सड़क बंद हो गई थी। बुगडियार तक सड़क पहले खोल दी थी।
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बीआरओ सूत्रों के अनुसार मौसम ने साथ दिया तो अप्रैल पहले सप्ताह तक मिलम सड़क को आवागमन के लिए पूरी तरह खोल दिया जाएगा। ग्रामीण बीरबल सिंह, राजू मर्तोलिया, खड़क सिंह निर्खुपा, लवराज निर्खुपा ने बताया कि अप्रैल में सड़क खुलते ही निचली घाटी से गांवों में माइग्रेशन शुरू हो जाएगा।
प्रवास पर गांवों में 200 से अधिक ग्रामीण पहुंचते हैं। ग्रामीण गर्मियों के सीजन में गांव में जम्बू, गंदरायण, कालाजीरा, आलू, फांफर आदि की खेती करते हैं। अक्तूबर में सर्दी पड़ने के बाद ग्रामीण निचली घाटी में लौट आते हैं।
इन गांवों में होता है प्रवास
मिलम, बुर्फू, बिल्जू, मर्तोली, टोला, खिलांच, मापा, गनघर, रिलकोट, लास्पा, पांछू, ल्वा, बुगडियार, रालम