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Pithoragarh News: अब महज कुछ घंटों में जौलजीबी का सपना होगा साकार
Sun, 28 Jun 2026 10:40 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
Updated Sun, 28 Jun 2026 10:40 PM IST
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टनकपुर (चंपावत)। काली नदी के किनारे टनकपुर से जौलजीबी तक बनने वाली सामरिक महत्व की सड़क का इंतजार अब जल्द खत्म होने वाला है। पहले चरण के निर्माण के बाद अटके पड़े अगले तीन चरणों के कार्य को गति देने के लिए लोक निर्माण विभाग ने प्रयास तेज कर दिए हैं। विभाग को रूपालीगाड़-पंचेश्वर और पंचेश्वर-बलतड़ी चरण की डीपीआर मिल चुकी है जिसे गृह मंत्रालय को भेज दिया गया है। अंतिम चरण की डीपीआर भी एक पखवाड़े में तैयार हो जाएगी। इस सड़क के पूरी तरह बनने से न सिर्फ देश की सीमाएं अधिक सुरक्षित होंगी बल्कि टनकपुर से जौलजीबी के बीच की दूरी घटकर महज 135 किमी रह जाएगी।
पंचेश्वर डाम के पेंच से लंबित चल रहा था कार्य
पंचेश्वर डाम के पेंच से कार्य लंबे समय से लंबित चल रहा था। इसमें पहले चरण टनकपुर से रूपालीगाड़ तक करीब 308 करोड़ रुपये से 55 किमी सड़क तैयार हो चुकी है। इसमें वाहन दौड़ रहे हैं। इसके बाद के तीन चरणों के कार्य की तैयारी भी तेज हो गई है। लोनिवि पीआईयू के अनुसार डीपीआर गठन की कार्यदायी संस्था ने 15 जून को मार्ग के दूसरे चरण रूपालीगाड़ से पंचेश्वर तक 22 किमी निर्माण की लागत 611 करोड़ रुपये, तीसरे चरण पंचेश्वर से बलतड़ी तक 27 किमी की लागत 633 करोड़ रुपये की डीपीआर सौंप दी थी। जिसे विभाग की ओर से भारत सरकार के गृह मंत्रालय को स्वीकृति के लिए भेज दिया है।
टीजी सड़क निर्माण को अब मिली गति
अब मार्ग में अंतिम चरण बलतड़ी से जौलजीबी तक 33 किमी सड़क की डीपीआर तैयार हो रही है, इसकी कार्यदायी संस्था की ओर अवगत कराया है कि पखवाड़े भर में सौंप दी जाएगी। टीजी सड़क निर्माण को अब गति मिलने लगी है।
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रूपालीगाड़ से बलतड़ी तक दो चरण की डीपीआर गृह मंत्रालय को भेज दी है, अब मात्र बलतड़ी से जौलजीबी तक की डीपीआर विभाग को मिलना शेष है, इसके लिए कार्यदायी संस्था ने 15 दिन का समय मांगा है। डीपीआर मिलते ही गृह मंत्रालय को भेज दिया जाएगा।
-संजय कुमार पांडेय, ईई, लोनिवि पीआईयू, टनकपुर
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पंचेश्वर डाम के पेंच से लंबित चल रहा था कार्य
पंचेश्वर डाम के पेंच से कार्य लंबे समय से लंबित चल रहा था। इसमें पहले चरण टनकपुर से रूपालीगाड़ तक करीब 308 करोड़ रुपये से 55 किमी सड़क तैयार हो चुकी है। इसमें वाहन दौड़ रहे हैं। इसके बाद के तीन चरणों के कार्य की तैयारी भी तेज हो गई है। लोनिवि पीआईयू के अनुसार डीपीआर गठन की कार्यदायी संस्था ने 15 जून को मार्ग के दूसरे चरण रूपालीगाड़ से पंचेश्वर तक 22 किमी निर्माण की लागत 611 करोड़ रुपये, तीसरे चरण पंचेश्वर से बलतड़ी तक 27 किमी की लागत 633 करोड़ रुपये की डीपीआर सौंप दी थी। जिसे विभाग की ओर से भारत सरकार के गृह मंत्रालय को स्वीकृति के लिए भेज दिया है।
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टीजी सड़क निर्माण को अब मिली गति
अब मार्ग में अंतिम चरण बलतड़ी से जौलजीबी तक 33 किमी सड़क की डीपीआर तैयार हो रही है, इसकी कार्यदायी संस्था की ओर अवगत कराया है कि पखवाड़े भर में सौंप दी जाएगी। टीजी सड़क निर्माण को अब गति मिलने लगी है।
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रूपालीगाड़ से बलतड़ी तक दो चरण की डीपीआर गृह मंत्रालय को भेज दी है, अब मात्र बलतड़ी से जौलजीबी तक की डीपीआर विभाग को मिलना शेष है, इसके लिए कार्यदायी संस्था ने 15 दिन का समय मांगा है। डीपीआर मिलते ही गृह मंत्रालय को भेज दिया जाएगा।
-संजय कुमार पांडेय, ईई, लोनिवि पीआईयू, टनकपुर