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Pithoragarh News: राजकीय प्राथमिक विद्यालय सुंगरखाल की बदहाली पर अभिभावकों का आक्रोश
Sat, 01 Aug 2026 11:05 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
Updated Sat, 01 Aug 2026 11:05 PM IST
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लोहाघाट (चंपावत)। विकास खंड लोहाघाट के ग्राम पंचायत डुंगरालेटी के राजकीय प्राथमिक विद्यालय सुंगरखाल की बदहाली पर अभिभावकों ने गहरी नाराजगी जताई है। अभिभावकों ने जिलाधिकारी को ज्ञापन देकर विद्यालय में व्याप्त समस्याओं के समाधान की मांग की है।
अभिभावक संघ के किशन चंद और सचिव संदीप कुमार की ओर से दिए ज्ञापन में कहा है कि विद्यालय का एक अतिरिक्त कक्षा कक्षा जीर्णशीर्ण हालत में है। जो बारिश के दौरान कभी भी गिर सकता है। इसके बावजूद उसी परिसर में पढ़ाई संचालित की जा रही है। विद्यालय में पेयजल की कोई व्यवस्था नहीं है। शिक्षक और बच्चे अपने घरों से पानी लाने को मजबूर हैं। पानी के अभाव में शौचालय और वॉशरूम भी बंद पड़े हैं। पहले जल संस्थान की पाइपलाइन से पानी की आपूर्ति होती थी, लेकिन आपदा में पाइपलाइन ध्वस्त होने के बाद आज तक उसे ठीक नहीं किया गया।
विद्यालय की जरूरतों के लिए 400 से 500 मीटर दूर प्राकृतिक जल स्रोत से पानी ढोना पड़ रहा है। अभिभावकों ने बताया कि विद्यालय भवन खुले पहाड़ी क्षेत्र में स्थित है, जिसके चारों ओर गहरी ढलान है। ऐसे में छोटे-छोटे बच्चों के दुर्घटनाग्रस्त होने का खतरा हमेशा बना रहता है। सुरक्षा के लिए विद्यालय परिसर में चारदीवारी का निर्माण बेहद जरूरी है। साथ ही बच्चों के खेलने के लिए मैदान भी उपलब्ध नहीं है। यदि चारदीवारी बनाई जाती है तो परिसर को सुरक्षित खेल मैदान के रूप में भी विकसित किया जा सकता है। अभिभावक संघ का कहना है कि इन समस्याओं से संबंधित जानकारी कई बार संबंधित विभागों को दी जा चुकी है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
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अभिभावक संघ के किशन चंद और सचिव संदीप कुमार की ओर से दिए ज्ञापन में कहा है कि विद्यालय का एक अतिरिक्त कक्षा कक्षा जीर्णशीर्ण हालत में है। जो बारिश के दौरान कभी भी गिर सकता है। इसके बावजूद उसी परिसर में पढ़ाई संचालित की जा रही है। विद्यालय में पेयजल की कोई व्यवस्था नहीं है। शिक्षक और बच्चे अपने घरों से पानी लाने को मजबूर हैं। पानी के अभाव में शौचालय और वॉशरूम भी बंद पड़े हैं। पहले जल संस्थान की पाइपलाइन से पानी की आपूर्ति होती थी, लेकिन आपदा में पाइपलाइन ध्वस्त होने के बाद आज तक उसे ठीक नहीं किया गया।
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विद्यालय की जरूरतों के लिए 400 से 500 मीटर दूर प्राकृतिक जल स्रोत से पानी ढोना पड़ रहा है। अभिभावकों ने बताया कि विद्यालय भवन खुले पहाड़ी क्षेत्र में स्थित है, जिसके चारों ओर गहरी ढलान है। ऐसे में छोटे-छोटे बच्चों के दुर्घटनाग्रस्त होने का खतरा हमेशा बना रहता है। सुरक्षा के लिए विद्यालय परिसर में चारदीवारी का निर्माण बेहद जरूरी है। साथ ही बच्चों के खेलने के लिए मैदान भी उपलब्ध नहीं है। यदि चारदीवारी बनाई जाती है तो परिसर को सुरक्षित खेल मैदान के रूप में भी विकसित किया जा सकता है। अभिभावक संघ का कहना है कि इन समस्याओं से संबंधित जानकारी कई बार संबंधित विभागों को दी जा चुकी है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
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