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Pithoragarh News: पिथौरागढ़ जिले को प्रदेश के कोटे से मिलेंगे तीन प्रतिशत व्यावसायिक सिलिंडर
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
Updated Tue, 17 Mar 2026 11:09 PM IST
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पिथौरागढ़ के घंटाकरण में गैस बुक करने को कार्यालय में लगी भीड़। संवाद
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पिथौरागढ़। रसोई गैस संकट के बीच जनपद में व्यावसायिक सिलिंडरों की आपूर्ति फिलहाल बंद है। इस कारण होटलों और अन्य व्यावसायिक संस्थानों में खाने-पीने का संकट गहरा रहा है। अब प्रदेश को होने वाली व्यावसायिक गैस सिलिंडर की कुल आपूर्ति में से पिथौरागढ़ जनपद को 3 प्रतिशत कोटा मिलेगा। कब तक व्यावसायिक सिलिंडर कारोबारियों को मिलेंगे, इसका किसी को पता नहीं है। निर्धारित कोटे से कारोबार चल पाएगा या नहीं कारोबारियों में यह चिंता है।
व्यावसायिक सिलिंडर न मिलने से कारोबारी परेशान हैं। हालात यह है कि होटलों में कर्मियों के लिए खाना बनाना भी मुश्किल हो रहा है। वहीं रसोई गैस न मिलने से कारोबारियों ने मैन्यू में कटौती करनी पड़ी है। इस बीच प्रदेश को मिलने वाले व्यावसायिक सिलिंडरों का तीन फीसदी कोटा जिले के लिए निर्धारित करने से कारोबारियों में कुछ हद तक राहत है। हालांकि कोटे के अनुसार उपलब्ध होने वाले सिलिंडर पर्याप्त होंगे या पहले की हालात पूर्व की तरह रहेंगे कारोबारियों को इसकी चिंता सता रही है। दूसरी ओर जनपद में होम डिलीवरी अनिवार्य करने के आदेश के बाद भी लोग सुबह से ही रसोई गैस सिलिंडर रिफिल कराने के लिए लाइन में लग रहे हैं और बुकिंग के लिए भी मारामारी है। नगर के गंगा निवास, टकाना में उपभोक्ता खाली सिलिंडरों के साथ सुबह से ही लाइन में लगे रहे। भीड़ अधिक होने से पुलिस की निगरानी में सिलिंडर बांटने पड़े।
-- -- इनसेट-- --
बुकिंग के बाद भी सिलिंडर न मिलने से बेचैन हैं लोग
ऑनलाइन बुकिंग न होने से कई उपभोक्ता एजेंसियों के चक्कर लगाने के लिए मजबूर हैं। बुकिंग के बाद भी कई उपभोक्ताओं को सिलिंडर नहीं मिल पा रहा है। नंबर आने से पहले की सिलिंडर खत्म हो रहे हैं और लोग निराश होकर घर लौट रहे हैं।
मार्च में अब तक हुई 7,017 सिलिंडरों की आपूर्ति
नगर के घंटाकरण में आईओसी की जिले की सबसे बड़ी गैस एजेंसी है। यहां मार्च महीने में अब तक 7,017 रसोई गैस सिलिंडरों की आपूर्ति हुई। इसमें से 200 रिजर्व स्टॉक में रखने के बाद सभी का वितरण कर दिया गया है। इस एजेंसी को डिपो से जनवरी में 15,502 सिलिंडर मिले। सभी सिलिंडर वितरित किए गए। फरवरी में 15,456 सिलिंडर की आपूर्ति हुई जिसमें 15,000 वितरित किए गए। इस एजेंसी के साथ ही जिले की अन्य 12 एजेंसियों में लंबे समय से हर रोज डिपो से 12 वाहन पहुंच रहे हैं इनके जरिये 2808 सिलिंडर की आपूर्ति होती है। पिछले महीने तक ये सिलिंडर जिले में पर्याप्त हो रहे थे। मार्च महीने में अचानक खपत कैसे बढ़ी और रसोई गैस के लिए मारामारी क्यों शुरू हुई इसे लेकर पूर्ति विभाग, एजेंसी और प्रशासन भी सकते में है।
कोट
प्रदेश को मिलने वाली कॉमर्शियल गैस में से जनपद का कोटा 3 प्रतिशत है। यह कब मिलेगा कहा नहीं जा सकता। मार्च में जब से गैस की दिक्कत शुरू हुई, तब से अब तक जिले में करीब 23 सौ घरेलू गैस सिलिंडरों की आपूर्ति हुई है। 2000 सिलिंडर वितरित किए जा चुके हैं। आपूर्ति नियमित हो रही है। लोगों को चिंता की करने की जरूरत नहीं है। - विनय कुमार, डीएसओ, पिथौरागढ़
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व्यावसायिक सिलिंडर न मिलने से कारोबारी परेशान हैं। हालात यह है कि होटलों में कर्मियों के लिए खाना बनाना भी मुश्किल हो रहा है। वहीं रसोई गैस न मिलने से कारोबारियों ने मैन्यू में कटौती करनी पड़ी है। इस बीच प्रदेश को मिलने वाले व्यावसायिक सिलिंडरों का तीन फीसदी कोटा जिले के लिए निर्धारित करने से कारोबारियों में कुछ हद तक राहत है। हालांकि कोटे के अनुसार उपलब्ध होने वाले सिलिंडर पर्याप्त होंगे या पहले की हालात पूर्व की तरह रहेंगे कारोबारियों को इसकी चिंता सता रही है। दूसरी ओर जनपद में होम डिलीवरी अनिवार्य करने के आदेश के बाद भी लोग सुबह से ही रसोई गैस सिलिंडर रिफिल कराने के लिए लाइन में लग रहे हैं और बुकिंग के लिए भी मारामारी है। नगर के गंगा निवास, टकाना में उपभोक्ता खाली सिलिंडरों के साथ सुबह से ही लाइन में लगे रहे। भीड़ अधिक होने से पुलिस की निगरानी में सिलिंडर बांटने पड़े।
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बुकिंग के बाद भी सिलिंडर न मिलने से बेचैन हैं लोग
ऑनलाइन बुकिंग न होने से कई उपभोक्ता एजेंसियों के चक्कर लगाने के लिए मजबूर हैं। बुकिंग के बाद भी कई उपभोक्ताओं को सिलिंडर नहीं मिल पा रहा है। नंबर आने से पहले की सिलिंडर खत्म हो रहे हैं और लोग निराश होकर घर लौट रहे हैं।
मार्च में अब तक हुई 7,017 सिलिंडरों की आपूर्ति
नगर के घंटाकरण में आईओसी की जिले की सबसे बड़ी गैस एजेंसी है। यहां मार्च महीने में अब तक 7,017 रसोई गैस सिलिंडरों की आपूर्ति हुई। इसमें से 200 रिजर्व स्टॉक में रखने के बाद सभी का वितरण कर दिया गया है। इस एजेंसी को डिपो से जनवरी में 15,502 सिलिंडर मिले। सभी सिलिंडर वितरित किए गए। फरवरी में 15,456 सिलिंडर की आपूर्ति हुई जिसमें 15,000 वितरित किए गए। इस एजेंसी के साथ ही जिले की अन्य 12 एजेंसियों में लंबे समय से हर रोज डिपो से 12 वाहन पहुंच रहे हैं इनके जरिये 2808 सिलिंडर की आपूर्ति होती है। पिछले महीने तक ये सिलिंडर जिले में पर्याप्त हो रहे थे। मार्च महीने में अचानक खपत कैसे बढ़ी और रसोई गैस के लिए मारामारी क्यों शुरू हुई इसे लेकर पूर्ति विभाग, एजेंसी और प्रशासन भी सकते में है।
कोट
प्रदेश को मिलने वाली कॉमर्शियल गैस में से जनपद का कोटा 3 प्रतिशत है। यह कब मिलेगा कहा नहीं जा सकता। मार्च में जब से गैस की दिक्कत शुरू हुई, तब से अब तक जिले में करीब 23 सौ घरेलू गैस सिलिंडरों की आपूर्ति हुई है। 2000 सिलिंडर वितरित किए जा चुके हैं। आपूर्ति नियमित हो रही है। लोगों को चिंता की करने की जरूरत नहीं है। - विनय कुमार, डीएसओ, पिथौरागढ़