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Pithoragarh: कार्यशाला में स्मार्ट मीटर संबंधित पूछे गए सवालों के नहीं मिले जवाब, लोगों ने कहा- हमें नहीं लगवा

संवाद न्यूज एजेंसी Published by: गायत्री जोशी Updated Wed, 18 Feb 2026 12:21 PM IST
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सार

पिथौरागढ़ में यूपीसीएल की स्मार्ट मीटर कार्यशाला में सीमित उपस्थिति रही और पहुंचे उपभोक्ताओं ने योजना को लेकर असंतोष जताया।

Questions asked regarding smart meters were not answered, people said we were not allowed to install them
पिथौरागढ़ नगर निगम सभागार में आयोजित कार्यशाला में शामिल यूपीसीएल कर्मी और उपभोक्ता। - फोटो : संवाद
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विस्तार

पिथौरागढ़ में यूपीसीएल ने स्मार्ट मीटर लगाने के संबंध में मंगलवार को नगर निगम सभागार में कार्यशाला की। कार्यशाला में नगर के उपभोक्ताओं को शामिल होना था और इसके लिए यूपीसीएल ने खूब प्रचार-प्रसार किया था लेकिन अधिकतर लोगों ने कार्यशाला से दूरी बनाई। जो लोग पहुंचे भी उनमें कुछ खास रुचि देखने को नहीं मिली।

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कार्यशाला में सीमित संख्या में पहुंचे लोगों ने स्मार्ट मीटर के फायदे और नुकसान के बारे में सवाल पूछे तो इन्हें संतोषजनक जवाब नहीं मिल सका। लोगों ने सवाल पूछा कि स्मार्ट मीटर क्यों जरूरी है और इसका उपभोक्ताओं को क्या लाभ मिलेगा। यूपीसीएल कर्मी सिर्फ इतना ही बता सके कि स्मार्ट मीटर के जरिये उपभोक्ता अपने घरों में होने वाली बिजली की खपत को जान सकेंगे और इसका बिल उन्हें मोबाइल पर मिलेगा।

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सिर्फ इतना ही जवाब मिलने पर उपभोक्ताओं का पारा चढ़ गया। उन्होंने कहा कि पर्वतीय क्षेत्रों में पलायन से सिर्फ बुजुर्ग ही घरों में रहते हैं। उम्र के इस पड़ाव में बुजुर्ग लोग खासकर महिलाएं स्मार्ट फोन चलाना नहीं जानतीं। सामान्य फोन चलाना भी उनके लिए मुश्किल होता है। स्मार्ट मीटर के जरिये बिजली मिलने के लिए एंड्रायड फोन जरूरी है।

सभी ने कहा कि पहले हर घर में एंड्रायड फोन देकर सभी को स्मार्ट बना दीजिए तब स्मार्ट मीटर लगाइए। जब डिजिटल मीटर लगाने से हर उपभोक्ता सहूलियत महसूस कर रहा है तो स्मार्ट मीटर जबरदस्ती थोपना किसी मायने में सही नहीं है। लोगों के इस सवाल का यूपीसीएल कर्मी कोई जवाब नहीं दे पाए और कार्यशाला सिर्फ औपचारिकता साबित हुई।

खुद भाजपा नेताओं ने बनाई कार्यशाला से दूरी

यूपीसीएल ने उपभोक्ताओं में स्मार्ट मीटर के प्रति विश्वास पुख्ता करने के लिए कार्यशाला में भाजपा के दिग्गजों को भी आमंत्रित किया था। बाकायदा मंच पर भाजपा जिलाध्यक्ष, जिला पंचायत अध्यक्ष सहित अन्य दिग्गजों की नाम पट्टिका कुर्सियों के आगे रखीं गई। शायद दिग्गजों को पहले ही आभास हो गया था कि स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं को रास नहीं आने वाले हैं। ऐसा इसलिए कि लंबे समय से अधिकांश उपभोक्ता स्मार्ट मीटर का विरोध कर रहे हैं। चर्चा है कि ऐसे में इन दिग्गजों ने कार्यशाला से दूरी बनाई और इनकी नाम पट्टिका हटाई गईं।

बोले उपभोक्ता

स्मार्ट मीटर के नाम पर उपभोक्ताओं को छला जा रहा है। बुजुर्गों के लिए स्मार्ट मीटर के जरिये अपने घरों को रोशन कर पाना मुश्किल है। यूपीसीएल को पहले उपभोक्ताओं के कुछ जरूरी सवालों का जवाब देना चाहिए उसके बाद स्मार्ट मीटर लगाने चाहिए। - रमेश सिंह बिष्ट, पिथौरागढ़

पहाड़ों पर रहने वाले बुजुर्गों के लिए स्मार्ट मीटर सिरदर्द से कम नहीं है। बुजुर्ग महिलाएं एंड्रायड फोन कैसे चलाएंगी। गरीब तबके के लोग स्मार्ट फोन कैसे ले पाएंगे। पहले सभी को एंड्रायड फोन देकर इन्हें स्मार्ट बनाना चाहिए। - दयानंद भट्ट, अध्यक्ष, सीनियर सिटीजन वेलफेयर सोसायटी, पिथौरागढ़

निर्धन परिवारों और बुजुर्गों उपभोक्ताओं के लिए स्मार्ट मीटर की योजना सही नहीं है। जब डिजिटल मीटर से हर उपभोक्ता सहूलियत महसूस कर रहा है तो स्मार्ट मीटर लगाने की जरूरत क्यों है। - राजेंद्र सिंह खनका, पिथौरागढ़

हम एंड्रायड फोन चलाना नहीं जानते। उम्र के इस पड़ाव में यह कर पाना भी संभव नहीं है। स्मार्ट मीटर की योजना लागू कर उपभोक्ताओं को परेशान किया जा रहा है। - बिशन सिंह मेहरा, पिथौरागढ़

 

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