{"_id":"6a0e00ffd0d3a5d2800ae964","slug":"the-ambulance-broke-down-on-the-way-and-the-pregnant-woman-suffered-for-an-hour-pithoragarh-news-c-230-1-alm1001-142030-2026-05-21","type":"story","status":"publish","title_hn":"Pithoragarh News: रास्ते में हांफ गई एंबुलेंस, एक घंटे तक तड़पती रही गर्भवती","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Pithoragarh News: रास्ते में हांफ गई एंबुलेंस, एक घंटे तक तड़पती रही गर्भवती
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
Updated Thu, 21 May 2026 12:14 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
थल (पिथौरागढ़)। सीमांत जिले में स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली मरीजों और गर्भवतियों पर भारी पड़ रही है। आपात स्थिति में मरीजों और गर्भवतियों को समय पर अस्पताल पहुंचाने वालीं 108 एंबुलेंस की हालत भी ठीक नहीं हैं। थल के गोचर पीएचसी से रेफर एक गर्भवती को प्रसव के लिए जिला मुख्यालय ला रही एंबुलेंस रास्ते में जवाब दे गई। ऐसे में गर्भवती की जान आफत में फंस गई और वह सड़क किनारे एक घंटे तक प्रसव पीड़ा से तड़पती रही। तेजम से दूसरी एंबुलेंस भेजकर गर्भवती को महिला अस्पताल पहुंचाया जा सका।
थल के गोचर पीएचसी में क्षेत्र की एक गर्भवती बीते सोमवार देर रात प्रसव के लिए पहुंची। रात करीब नौ बजे उसे हायर सेंटर रेफर कर दिया गया। परिजन आपातकालीन 108 एंबुलेंस से उसे लेकर जिला मुख्यालय के लिए रवाना हुए। सात किलोमीटर दूर चोपड़ा के पास एंबुलेंस में खराबी आने से यह सड़क पर खड़ी हो गई।
इससे गर्भवती और परिजनों की दिक्कत बढ़ गई। इस बदहाल व्यवस्था के चलते गर्भवती को एंबुलेंस के भीतर तड़पना पड़ा। उसकी गंभीर हालत को देखते हुए परिजनों ने कर्मियों से दूसरी एंबुलेंस बुलाने की गुहार लगाई। तेजम से एक घंटे बाद दूसरी एंबुलेंस आई तब जाकर गर्भवती दो घंटे बाद जिला मुख्यालय पहुंच सकी।
विज्ञापन
--
गर्भवती को महिला अस्पताल पहुंचाकर लौट रही एंबुलेंस भी हो गई खराब
तेजम से आई एंबुलेंस ने गर्भवती को महिला अस्पताल तो पहुंचाया लेकिन लौटते समय बिण के पास यह भी खराब होकर खड़ी हो गई। क्षेत्र के लोगों ने कहा कि दोनों एंबुलेंस 10 साल के भीतर तीन लाख किलोमीटर से अधिक का सफर तय कर चुकी हैं। अपनी उम्र पार कर चुकीं ये एंबुलेंस आए दिन मरीजों और गर्भवतियों को धोखा देकर उनकी जान आफत में डाल रहीं हैं। खस्ताहाल हो चुकीं इन पुरानी एंबुलेंस को सिस्टम कब तक घसीटता रहेगा। थल के दिनेश चंद्र पाठक सहित अन्य लोगों का कहना है कि आफत बन रहीं इन एंबुलेंस को बदलकर नई एंबुलेंस की व्यवस्था करनी चाहिए।
कोट
गोचर अस्पताल की एंबुलेंस में खराबी आ गई थी। अन्य एंबुलेंस को भेजकर गर्भवती को अस्पताल पहुंचाया गया। नई एंबुलेंस जल्द मिलने की उम्मीद है। - भाष्कर शर्मा, जिला प्रभारी, आपातकालीन सेवा 108, पिथौरागढ़
थल के गोचर पीएचसी में क्षेत्र की एक गर्भवती बीते सोमवार देर रात प्रसव के लिए पहुंची। रात करीब नौ बजे उसे हायर सेंटर रेफर कर दिया गया। परिजन आपातकालीन 108 एंबुलेंस से उसे लेकर जिला मुख्यालय के लिए रवाना हुए। सात किलोमीटर दूर चोपड़ा के पास एंबुलेंस में खराबी आने से यह सड़क पर खड़ी हो गई।
विज्ञापन
विज्ञापन
इससे गर्भवती और परिजनों की दिक्कत बढ़ गई। इस बदहाल व्यवस्था के चलते गर्भवती को एंबुलेंस के भीतर तड़पना पड़ा। उसकी गंभीर हालत को देखते हुए परिजनों ने कर्मियों से दूसरी एंबुलेंस बुलाने की गुहार लगाई। तेजम से एक घंटे बाद दूसरी एंबुलेंस आई तब जाकर गर्भवती दो घंटे बाद जिला मुख्यालय पहुंच सकी।
Trending Videos
गर्भवती को महिला अस्पताल पहुंचाकर लौट रही एंबुलेंस भी हो गई खराब
तेजम से आई एंबुलेंस ने गर्भवती को महिला अस्पताल तो पहुंचाया लेकिन लौटते समय बिण के पास यह भी खराब होकर खड़ी हो गई। क्षेत्र के लोगों ने कहा कि दोनों एंबुलेंस 10 साल के भीतर तीन लाख किलोमीटर से अधिक का सफर तय कर चुकी हैं। अपनी उम्र पार कर चुकीं ये एंबुलेंस आए दिन मरीजों और गर्भवतियों को धोखा देकर उनकी जान आफत में डाल रहीं हैं। खस्ताहाल हो चुकीं इन पुरानी एंबुलेंस को सिस्टम कब तक घसीटता रहेगा। थल के दिनेश चंद्र पाठक सहित अन्य लोगों का कहना है कि आफत बन रहीं इन एंबुलेंस को बदलकर नई एंबुलेंस की व्यवस्था करनी चाहिए।
कोट
गोचर अस्पताल की एंबुलेंस में खराबी आ गई थी। अन्य एंबुलेंस को भेजकर गर्भवती को अस्पताल पहुंचाया गया। नई एंबुलेंस जल्द मिलने की उम्मीद है। - भाष्कर शर्मा, जिला प्रभारी, आपातकालीन सेवा 108, पिथौरागढ़