Pithoragarh News: खौफ बनकर ढाई घंटे आबादी में घूमता रहा तेंदुआ, सहमे लोग घरों में रहे कैद
पिथौरागढ़ के चिमस्यानौला क्षेत्र में तेंदुए के घुसने से लोग दहशत में आ गए जिसके चलते करीब ढाई घंटे की मशक्कत के बाद तेंदुए को ट्रैंकुलाइज किया गया।
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पिथौरागढ़ नगर के चिमस्यानौला क्षेत्र में सुबह तेंदुए की धमक से लोग दहशत में आ गए। सूचना पर पहुंची वन विभाग की टीम ने लाउडस्पीकर से लोगों को घरों से बाहर नहीं निकलने की हिदायत दी। इस दौरान आसपास के लोगों की सांसें हलक में ही अटकी रहीं। करीब ढाई घंटे की मशक्कत के बाद तेंदुए को ट्रैंकुलाइज किया गया। तेंदुए को देखने के लिए लोगों की काफी भीड़ लगी रही।
खड़कोट और सिमलगैर वार्ड से लगी घनी आबादी के बीच रविवार सुबह एक तेंदुआ भटकते हुए पहुंच गया। तेंदुआ नरेंद्र सिंह चौहान के मकान के पीछे बनी पार्किंग में घुस गया। सुबह 9:40 बजे नरेंद्र सिंह का बेटा मनीष अपनी बाइक को निकालने के लिए घर से बाहर आया तो सामने तेंदुए को देख उनके होश उड़ गए। मनीष तुरंत कमरे में घुसे और दरवाजा लॉक कर दिया। इसके बाद तेंदुआ पड़ोस में हरीश चंद्र जोशी के मकान की गैलरी में छिप गया। इस बीच वन विभाग के एक कर्मचारी को मकान में तेंदुआ घुसने की सूचना दी गई। घनी आबादी में तेंदुआ घुसने की खबर आग की तरह फैल गई और लोग दहशत में आ गए।
प्रभागीय वनाधिकारी आशुतोष सिंह के निर्देश पर वन विभाग ने अपने वाहन से क्षेत्र के लोगों से घरों से बाहर नहीं निकलने और सावधान रहने की चेतावनी प्रसारित करनी शुरू की। कुछ ही देर में उप प्रभागीय वनाधिकारी राजकुमार, वन क्षेत्राधिकारी दिनेश चंद्र जोशी क्विक रिस्पांस टीम के साथ मौके पर पहुंच गए। तेंदुआ पार्किंग की दीवार से सट कर छिपा था।
टीम ने ट्रैंकुलाइज गन से तेंदुए को बेहोश कर उस पर काबू पाया। बेहोश होने से पहले भी तेंदुआ काफी आक्रामक रहा। तेंदुए के काबू में आने के बाद लोगों की भीड़ चिमस्यानौला और उससे लगती गलियों में एकत्र हो गई। इस पर वन विभाग ने पुलिस टीम को मौके पर बुलाया। पुलिस ने लोगों को नियंत्रित करते हुए तेंदुए को सड़क पर खड़े वन विभाग के वाहन तक पहुंचाने में मदद की।
सड़क तक पहुंचाने में करनी पड़ी मशक्कत
बेहोश तेंदुए को पिंजरे में कैद कर सड़क तक पहुंचाने में वन विभाग की टीम और पुलिस कर्मियों को काफी मशक्कत करनी पड़ी। भारी-भरकम पिंजरे को पहले मुख्य सड़क तक सीधे गली से निकालने की कोशिश की गई। जब इसमें कामयाबी नहीं मिली तो फिर उसे चिमस्यानौला वाले तिरछे मार्ग से लाया गया। मार्ग बेहद संकरा होने से टीम को काफी दिक्कत उठानी पड़ी।
आठ साल का नर है पकड़ा गया तेंदुआ
पिंजरे में कैद कर तेंदुए को वन विभाग के अतिथि गृह के पास ले जाया गया। वहां कुछ ही देर में तेंदुआ होश में आ गया और जोर-जोर से गुर्राने लगा। रेंजर दिनेश जोशी ने बताया कि तेंदुआ करीब आठ साल का नर है। वह पूरी तरह स्वस्थ है और रेस्क्यू में उसे किसी तरह का नुकसान नहीं पहुंचा है। वन विभाग ने पशुपालन विभाग की टीम से तेंदुए का मेडिकल कराया। रेंजर ने बताया कि रात में तेंदुए को सुरक्षित जगह पर छोड़ दिया जाएगा।

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