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Pithoragarh News: मुनस्यारी में बनेंगे दो ट्रैकिंग रूट, बढ़ेगा साहसिक पर्यटन
Wed, 12 Aug 2026 11:42 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
Updated Wed, 12 Aug 2026 11:42 PM IST
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पिथौरागढ़। पर्यटन नगरी मुनस्यारी में जल्द ही दो नए ट्रैकिंग रूट अस्तित्व में आएंगे। इससे क्षेत्र के साथ ही जिले के साहसिक पर्यटन को नई पहचान और उड़ान मिलेगी। नए ट्रैकिंग रूट बनाने के लिए 81 लाख रुपये की स्वीकृति मिली है जिससे पर्यटन कारोबार भी बढ़ेगा।
मुनस्यारी क्षेत्र में मर्तोली पीक और बुर्फूधार प्रसिद्ध पर्यटक स्थल हैं। यहां तक पहुंचने के लिए बदहाल रास्तों से होकर गुजरना पड़ता है। अब इन दोनों पर्यटक स्थलों तक पहुंच आसान बनाने की कवायद शुरू हुई है।
मुनस्यारी क्षेत्र साहसिक पर्यटन का केंद्र है। हर साल देश-विदेश से ट्रैकर क्षेत्र के ग्लेशियरों और चोटियों पर ट्रैकिंग के लिए पहुंचते हैं। नंदा देवी मंदिर से मर्तोली पीक अज्ञैर बुर्फू गांव से बुर्फूधार तक ट्रैकिंग रूट बनेंगे जिससे ट्रैकरों की संख्या बढ़ेगी और पर्यटन कारोबार को भी गति मिलेगी।
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मिलम, नामिक और रालम ग्लेशियर हैं प्रसिद्ध
मुनस्यारी क्षेत्र में मिलम, नामिक और रालम ग्लेशियर ट्रैकरों की पहली पसंद हैं। मिलम ग्लेशियर को कुमाऊं के सबसे बड़े ग्लेशियर के रूप में भी पहचान मिली है जो गोरी गंगा का उद्गम स्थल भी है। वहीं नामिक ग्लेशियर अपनी प्राकृतिक सुंदरता और शांत परिवेश के लिए जाना जाता है जो ट्रेकर्स के बीच लोकप्रिय है। रालम ग्लेशियर नंदा देवी और पंचाचूली की पहाड़ियों के करीब स्थित एक बेहद खूबसूरत और चुनौतीपूर्ण ट्रेकिंग रूट है। इन ग्लेशियर में ट्रैकिंग के लिए हर साल बड़ी संख्या में ट्रैकर पहुंचते हैं। अब दो नए ट्रैकिंग रूट विकसित होने से पर्यटकों की संख्या में और उछाल आने की उम्मीद है।
कोट -
मुनस्यारी में दो नए ट्रैकिंग रूट अस्तित्व में लाए जाएंगे इसकी स्वीकृति मिली है। नए ट्रैकिंग रूट विकसित होने से पर्यटन बढ़ेगा और रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे। - शशांक कुमार सिंह, ईई, ग्रामीण निर्माण विभाग, डीडीहाट
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मुनस्यारी क्षेत्र में मर्तोली पीक और बुर्फूधार प्रसिद्ध पर्यटक स्थल हैं। यहां तक पहुंचने के लिए बदहाल रास्तों से होकर गुजरना पड़ता है। अब इन दोनों पर्यटक स्थलों तक पहुंच आसान बनाने की कवायद शुरू हुई है।
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मुनस्यारी क्षेत्र साहसिक पर्यटन का केंद्र है। हर साल देश-विदेश से ट्रैकर क्षेत्र के ग्लेशियरों और चोटियों पर ट्रैकिंग के लिए पहुंचते हैं। नंदा देवी मंदिर से मर्तोली पीक अज्ञैर बुर्फू गांव से बुर्फूधार तक ट्रैकिंग रूट बनेंगे जिससे ट्रैकरों की संख्या बढ़ेगी और पर्यटन कारोबार को भी गति मिलेगी।
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मिलम, नामिक और रालम ग्लेशियर हैं प्रसिद्ध
मुनस्यारी क्षेत्र में मिलम, नामिक और रालम ग्लेशियर ट्रैकरों की पहली पसंद हैं। मिलम ग्लेशियर को कुमाऊं के सबसे बड़े ग्लेशियर के रूप में भी पहचान मिली है जो गोरी गंगा का उद्गम स्थल भी है। वहीं नामिक ग्लेशियर अपनी प्राकृतिक सुंदरता और शांत परिवेश के लिए जाना जाता है जो ट्रेकर्स के बीच लोकप्रिय है। रालम ग्लेशियर नंदा देवी और पंचाचूली की पहाड़ियों के करीब स्थित एक बेहद खूबसूरत और चुनौतीपूर्ण ट्रेकिंग रूट है। इन ग्लेशियर में ट्रैकिंग के लिए हर साल बड़ी संख्या में ट्रैकर पहुंचते हैं। अब दो नए ट्रैकिंग रूट विकसित होने से पर्यटकों की संख्या में और उछाल आने की उम्मीद है।
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मुनस्यारी में दो नए ट्रैकिंग रूट अस्तित्व में लाए जाएंगे इसकी स्वीकृति मिली है। नए ट्रैकिंग रूट विकसित होने से पर्यटन बढ़ेगा और रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे। - शशांक कुमार सिंह, ईई, ग्रामीण निर्माण विभाग, डीडीहाट