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Pithoragarh News: ग्राम पंचायत कोटली-भट्टीगांव में पानी का संकट
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
Updated Tue, 02 Jun 2026 10:53 PM IST
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रस्सी, पन्नियों से बांधने के बावजूद जर्जर पेयजल लाइन से इस तरह रिस रहा है पानी। संवाद
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गणाई गंगोली (पिथौरागढ़)। ग्राम पंचायत कोटली-भट्टीगांव के 250 परिवार (करीब 1700 की आबादी) पानी के लिए तरस रहे हैं। गांव के लिए बनी दो पेयजल योजनाएं पूरी तरह क्षतिग्रस्त हैं। टूटी लाइन को जगह-जगह पन्नी, ट्यूब और रस्सियों से बांधने के बावजूद गांव तक पानी नहीं पहुंच रहा है। परेशान ग्रामीण अब विधानसभा चुनाव के बहिष्कार की बात कह रहे हैं।
वर्ष 1980 के दशक में जल निगम ने भट्टीगांव पेयजल योजना के नाम से दो योजनाएं बनाईं। इनमें काकड़ पानी-भट्टीगांव योजना से 56 कनेक्शन और बुशखोली-भट्टीगांव योजना से 62 कनेक्शन हैं। बराबर बिल देने के बाद भी इन कनेक्शनों में पानी की बूंद नहीं टपक रही है।
ग्रामीणों का कहना है कि 7-8 किलोमीटर लंबी इन योजनाओं का रखरखाव करने के लिए उनके पास संसाधन नहीं हैं। उनके सारे प्रयास विफल हो गए हैं और विभाग एक-दूसरे के पाले में गेंद डालकर अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ रहे हैं।
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इधर, जल संस्थान कहना है कि उन्होंने योजना जल निगम को हस्तांतरित कर दी है। वहीं जल निगम का कहना है कि अपनी उम्र पूरी कर चुकी योजनाओं पर पैसा खर्च करना समझदारी नहीं है। वहीं,
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लोग बोले
जल संस्थान कह रहा है कि योजना जल निगम को ट्रांसफर कर दी। जल निगम कह रहा है कि हमारे पास कोई सूचना नहीं है। सरकार चाहे किसी विभाग को योजना दे लेकिन गांव में पानी की आपूर्ति होनी चाहिए अन्यथा क्षेत्रवासी विधानसभा चुनाव का बहिष्कार करेंगे। - विक्रम सिंह मेहता, क्षेत्र पंचायत सदस्य
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जल संस्थान ने मार्च तक बिल भेजे हैं जबकि लाइन पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी हैं। 31 मार्च के बाद विभाग ने पेयजल लाइन के चौकीदारों को भी हटा दिया है। ग्राम पंचायत की दोनों योजनाएं लावारिस हो चुकी हैं। आंदोलन के अलावा हमारे पास कोई रास्ता नहीं है। - महिपाल सिंह मेहता, ग्रामीण
कोट
योजनाएं हस्तांतरित करने के लिए शासन को पत्र देने के साथ ही जल निगम को भी सूचित किया गया है। अब जल निगम इन योजनाओं को संचालित करेगा। - सुरेश जोशी, ईई, जल संस्थान, पिथौरागढ़
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कोट
किसी भी योजना के हस्तांतरण की एक प्रक्रिया होती है। इसके एवज में एक पत्र संस्थान की ओर से आया है। उम्र पार कर चुकी योजनाओं पर सरकारी धन लगाना उचित नही है। निगम पूरे विकासखंड में नई योजनाएं बना रहा है। जल जीवन मिशन के तहत फिलहाल धन नहीं मिल रहा है। नई योजनाएं बनने के बाद इनसे संबंधित गांव में जलापूर्ति की जाएगी। - आशुतोष उपाध्याय, ईई, जल निगम, गंगोलीहाट
वर्ष 1980 के दशक में जल निगम ने भट्टीगांव पेयजल योजना के नाम से दो योजनाएं बनाईं। इनमें काकड़ पानी-भट्टीगांव योजना से 56 कनेक्शन और बुशखोली-भट्टीगांव योजना से 62 कनेक्शन हैं। बराबर बिल देने के बाद भी इन कनेक्शनों में पानी की बूंद नहीं टपक रही है।
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ग्रामीणों का कहना है कि 7-8 किलोमीटर लंबी इन योजनाओं का रखरखाव करने के लिए उनके पास संसाधन नहीं हैं। उनके सारे प्रयास विफल हो गए हैं और विभाग एक-दूसरे के पाले में गेंद डालकर अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ रहे हैं।
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लोग बोले
जल संस्थान कह रहा है कि योजना जल निगम को ट्रांसफर कर दी। जल निगम कह रहा है कि हमारे पास कोई सूचना नहीं है। सरकार चाहे किसी विभाग को योजना दे लेकिन गांव में पानी की आपूर्ति होनी चाहिए अन्यथा क्षेत्रवासी विधानसभा चुनाव का बहिष्कार करेंगे। - विक्रम सिंह मेहता, क्षेत्र पंचायत सदस्य
जल संस्थान ने मार्च तक बिल भेजे हैं जबकि लाइन पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी हैं। 31 मार्च के बाद विभाग ने पेयजल लाइन के चौकीदारों को भी हटा दिया है। ग्राम पंचायत की दोनों योजनाएं लावारिस हो चुकी हैं। आंदोलन के अलावा हमारे पास कोई रास्ता नहीं है। - महिपाल सिंह मेहता, ग्रामीण
कोट
योजनाएं हस्तांतरित करने के लिए शासन को पत्र देने के साथ ही जल निगम को भी सूचित किया गया है। अब जल निगम इन योजनाओं को संचालित करेगा। - सुरेश जोशी, ईई, जल संस्थान, पिथौरागढ़
कोट
किसी भी योजना के हस्तांतरण की एक प्रक्रिया होती है। इसके एवज में एक पत्र संस्थान की ओर से आया है। उम्र पार कर चुकी योजनाओं पर सरकारी धन लगाना उचित नही है। निगम पूरे विकासखंड में नई योजनाएं बना रहा है। जल जीवन मिशन के तहत फिलहाल धन नहीं मिल रहा है। नई योजनाएं बनने के बाद इनसे संबंधित गांव में जलापूर्ति की जाएगी। - आशुतोष उपाध्याय, ईई, जल निगम, गंगोलीहाट