फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Rishikesh News ›   Devotees are unable to offer the full amount of water.

Rishikesh News: श्रद्धालु नहीं चढ़ा पा रहे पूरा जल

Sun, 02 Aug 2026 02:35 AM IST
देहरादून ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, ऋषिकेश
संवाद न्यूज एजेंसी, ऋषिकेश Updated Sun, 02 Aug 2026 02:35 AM IST
विज्ञापन
Devotees are unable to offer the full amount of water.
नीलकंठ धाम में कांवड़ यात्रियों की आस्था और मंदिर की सुरक्षा दोनों के बीच जद्दोजहद देखने को मिल रही है। हर साल कांवड़ यात्रियों की संख्या कई गुना बढ़ रही है। कई किलोमीटर लंबी लाइन लगने के कारण बढ़ता दबाव प्रशासन के लिए भी चुनौतियां हैं। जलाभिषेक के दौरान सुरक्षा कर्मी तेजी से श्रद्धालुओं को आगे बढ़ाते हैं। भीड़ अधिक होने के कारण मंदिर के अंदर शिवलिंग और पिंडी पर कांवड़ यात्री पात्र का पूरा जल नहीं चढ़ा पाते हैं। कई बार वह मंदिर से बाहर निकलकर दीवारों पर बचा हुआ पानी छिड़क देते हैं। पानी से मंदिर की दीवारें खराब हो रही थीं। अब मंदिर प्रबंधन ने इस तरफ तिरपाल लगाकर दीवारों को ढक दिया है। अब कांवड़ यात्री तिरपाल के ऊपर ही जल चढ़ा रहे हैं। मंदिर परिसर में श्रद्धालु रेलिंग पर धागा बांधकर मन्नत भी मांगते नजर आ रहे हैं। पूरी रेलिंग धागों से पट चुकी है। कई श्रद्धालु यहां धूप-दीप भी जलाते दिख रहे हैं। गंगा नगर धर्मशाला के पीछे पैदल मार्ग पर पहले कांवड़ यात्री ऊपर से पानी की बोतलें फेंक देते थे। अब पुलिस ने इस स्थान पर करीब 100 मीटर लंबी लोहे की जाली लगवा दी है। नीलकंठ चौकी प्रभारी लक्ष्मण सिंह कुंवर ने बताया कि पहले मंदिर के पीछे गंगा नगर धर्मशाला की तरफ कांवड़ यात्रा के दौरान कूड़े के ढेर लगे रहते थे लेकिन अब जाली लगने से प्लास्टिक की बोतलें, डिब्बे एवं अन्य सामग्री नहीं फेंकी जा रही हैं। इससे साफ-सफाई भी बेहतर हुई है।
विज्ञापन

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed