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Rishikesh News: बुद्ध पूर्णिमा पर श्रद्धालुओं ने लगाई डुबकी
संवाद न्यूज एजेंसी, ऋषिकेश
Updated Sat, 02 May 2026 02:23 AM IST
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बुद्धपूर्णिमा के स्नान के लिए त्रिवेणीघाट पर लगी श्रद्धालुओं की भीड़- स्रोत- जागरूक पाठक
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बुद्ध पूर्णिमा के अवसर पर तीर्थनगरी ऋषिकेश के गंगा घाटों पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। सुबह होते ही श्रद्धालु गंगा तट पर पहुंचने लगे। मां गंगा के दर्शन कर आस्था की डुबकी लगाई। इसके बाद भगवान सूर्य को अर्घ्य अर्पित कर सुख-समृद्धि की कामना की गई। यह सिलसिला देर शाम तक निरंतर जारी रहा।
शुक्रवार सुबह सूर्योदय के साथ ही श्रद्धालु त्रिवेणी घाट, 72 सीढ़ी, साईं घाट, नाव घाट, शीशम झाड़ी, पूर्णानंद घाट, रामझूला, लक्ष्मणझूला, तपोवन और परमार्थ घाट सहित विभिन्न स्थानों पर पहुंचने लगे। यहां उन्होंने गंगा स्नान कर पुण्य लाभ अर्जित किया। स्नान के उपरांत श्रद्धालुओं ने व्रत का संकल्प लेकर भगवान विष्णु की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। इस दौरान कई श्रद्धालुओं ने अनाज, वस्त्र और धन का दान कर पुण्य कमाया।
हिंदू धर्म में बुद्ध पूर्णिमा का विशेष महत्व माना जाता है। वैशाख मास की पूर्णिमा के दिन ही गौतम बुद्ध का जन्म हुआ था। मान्यता है कि महात्मा बुद्ध, भगवान विष्णु के नवम अवतार हैं। यही कारण है कि हिंदू और बौद्ध दोनों धर्मों के अनुयायी इस दिन को श्रद्धा और आस्था के साथ मनाते हैं।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन प्रातःकाल भगवान विष्णु की पूजा-अर्चना करने से विशेष फल प्राप्त होता है। बुद्ध पूर्णिमा के दिन धर्मराज की पूजा करने से अकाल मृत्यु का भय कम होता है। साथ ही शक्कर और तिल का दान करने से अनजाने में हुए पापों का नाश होता है। पूरे दिन गंगा घाटों पर श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा और ऋषिकेश में आस्था, भक्ति और धार्मिक उल्लास का वातावरण देखने को मिला।
शुक्रवार सुबह सूर्योदय के साथ ही श्रद्धालु त्रिवेणी घाट, 72 सीढ़ी, साईं घाट, नाव घाट, शीशम झाड़ी, पूर्णानंद घाट, रामझूला, लक्ष्मणझूला, तपोवन और परमार्थ घाट सहित विभिन्न स्थानों पर पहुंचने लगे। यहां उन्होंने गंगा स्नान कर पुण्य लाभ अर्जित किया। स्नान के उपरांत श्रद्धालुओं ने व्रत का संकल्प लेकर भगवान विष्णु की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। इस दौरान कई श्रद्धालुओं ने अनाज, वस्त्र और धन का दान कर पुण्य कमाया।
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हिंदू धर्म में बुद्ध पूर्णिमा का विशेष महत्व माना जाता है। वैशाख मास की पूर्णिमा के दिन ही गौतम बुद्ध का जन्म हुआ था। मान्यता है कि महात्मा बुद्ध, भगवान विष्णु के नवम अवतार हैं। यही कारण है कि हिंदू और बौद्ध दोनों धर्मों के अनुयायी इस दिन को श्रद्धा और आस्था के साथ मनाते हैं।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन प्रातःकाल भगवान विष्णु की पूजा-अर्चना करने से विशेष फल प्राप्त होता है। बुद्ध पूर्णिमा के दिन धर्मराज की पूजा करने से अकाल मृत्यु का भय कम होता है। साथ ही शक्कर और तिल का दान करने से अनजाने में हुए पापों का नाश होता है। पूरे दिन गंगा घाटों पर श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा और ऋषिकेश में आस्था, भक्ति और धार्मिक उल्लास का वातावरण देखने को मिला।
