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बिजली, पानी व सीवर का काम जारी रहेगा : प्रेमचंद
संवाद न्यूज एजेंसी, ऋषिकेश
Updated Tue, 20 Jan 2026 02:40 AM IST
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बापूग्राम में आयोजित जनसभा में उमड़ी लोगों की भीड़। स्रोत जागरूक पाठक।
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बापूग्राम भूमियाल देवता मंदिर के समीप बापूग्राम बचाओ संघर्ष समिति की ओर से आयोजित जनसभा में विधायक प्रेमचंद अग्रवाल ने शिरकत किया। विधायक ने कहा कि बापूग्राम क्षेत्र में बिजली, पानी, सीवर लाइन निर्माण समेत विभिन्न कार्य उनकी देन है, यह निर्माण कार्य बंद नहीं होंगे। उन्होंने आश्वासन दिया कि क्षेत्रीय जनता को इसका लाभ मिलता रहेगा। कोई भी कार्य अवरूद्ध नहीं होगा।
आक्रोशित स्थानीय नागरिकों ने कहा कि आज विडंबना देखिए कि जिस जनता को सरकार ने खुद बसाया, जिन्हें बीते 60-70 वर्षों से बिजली, पानी, सड़क, स्कूल, अस्पताल, राशन कार्ड और वोटर आईडी जैसी तमाम सुविधाएं दी गईं, आज उसी जनता को उच्चतम न्यायालय में चल रहे एक वाद की आड़ लेकर अतिक्रमणकारी घोषित किया जा रहा है।
हाल ही में सुप्रीम कोर्ट में हुई सुनवाई के दौरान जो दृश्य सामने आया, उसने क्षेत्रीय जनता को झकझोर कर रख दिया है। क्षेत्रीय जनता को उम्मीद थी कि राज्य की डबल इंजन सरकार कोर्ट में पक्ष मजबूती से रखेगी और बताएगी कि यह बस्ती आजादी के समय की है। लेकिन इसके विपरीत, राज्य सरकार के वकील ने न्यायालय के समक्ष बेशर्मी से कहा कि वे तोड़फोड़ की कार्रवाई जारी रखना चाहते हैं।
यह तो भला हो मुख्य न्यायाधीश महोदय का, जिन्होंने अधिकारियों की इस संवेदनहीनता पर कड़ी फटकार लगाई और पूछा कि बीते 23 सालों से सरकार कहां सो रही थी। आपने लोगों को बसने दिया, पीढ़ियां गुजर गईं और अब आप उन्हें अचानक बेघर करना चाहते हैं। न्यायालय ने फिलहाल हमें अंतरिम राहत देते हुए यथास्थिति बनाएं रखने का आदेश दिया है, लेकिन सरकार की मंशा साफ हो चुकी है कि वे हमें उजाड़ने के लिए किसी भी हद तक जा सकते हैं।
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आक्रोशित स्थानीय नागरिकों ने कहा कि आज विडंबना देखिए कि जिस जनता को सरकार ने खुद बसाया, जिन्हें बीते 60-70 वर्षों से बिजली, पानी, सड़क, स्कूल, अस्पताल, राशन कार्ड और वोटर आईडी जैसी तमाम सुविधाएं दी गईं, आज उसी जनता को उच्चतम न्यायालय में चल रहे एक वाद की आड़ लेकर अतिक्रमणकारी घोषित किया जा रहा है।
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हाल ही में सुप्रीम कोर्ट में हुई सुनवाई के दौरान जो दृश्य सामने आया, उसने क्षेत्रीय जनता को झकझोर कर रख दिया है। क्षेत्रीय जनता को उम्मीद थी कि राज्य की डबल इंजन सरकार कोर्ट में पक्ष मजबूती से रखेगी और बताएगी कि यह बस्ती आजादी के समय की है। लेकिन इसके विपरीत, राज्य सरकार के वकील ने न्यायालय के समक्ष बेशर्मी से कहा कि वे तोड़फोड़ की कार्रवाई जारी रखना चाहते हैं।
यह तो भला हो मुख्य न्यायाधीश महोदय का, जिन्होंने अधिकारियों की इस संवेदनहीनता पर कड़ी फटकार लगाई और पूछा कि बीते 23 सालों से सरकार कहां सो रही थी। आपने लोगों को बसने दिया, पीढ़ियां गुजर गईं और अब आप उन्हें अचानक बेघर करना चाहते हैं। न्यायालय ने फिलहाल हमें अंतरिम राहत देते हुए यथास्थिति बनाएं रखने का आदेश दिया है, लेकिन सरकार की मंशा साफ हो चुकी है कि वे हमें उजाड़ने के लिए किसी भी हद तक जा सकते हैं।

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