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Rishikesh News: व्यापारियों का फूटा गुस्सा, ट्रस्ट के भवन के गेट पर दिया धरना
संवाद न्यूज एजेंसी, ऋषिकेश
Updated Tue, 20 Jan 2026 02:35 AM IST
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लक्ष्मणझूला में 14 मंजिला भवन के मुख्य गेट पर सांकेतिक धरना प्रदर्शन करते व्यापारी। स्रोत संवाद
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नगर पंचायत स्वर्गाश्रम जौंक अंतर्गत लक्ष्मणझूला में कैलाशानंद मिशन ट्रस्ट की ओर से संचालित 14 मंजिला भवन के मुख्य गेट पर व्यापारियों ने आक्रोश व्यक्त करते हुए सांकेतिक धरना दिया। व्यापारियों ने ट्रस्ट प्रशासन से भवन के मुख्य गेट पर लगे तालों को खोलने की मांग की है।
सोमवार को लक्ष्मणझूला में 12 मंजिला भवन के मुख्य गेट पर धरने पर बैठे व्यापारियों ने कहा कि वह कई वर्षों से कैलाशानंद मिशन ट्रस्ट के 14 मंजिला भवन पर किराए की दुकान संचालित कर व्यवसाय कर रहे हैं। इस भवन में करीब 25 से 30 व्यापारियों की दुकानें संचालित हो रही हैं। इन व्यापारियों के परिवार का भरण पोषण इस व्यवसाय पर निर्भर है।
पर्यटक स्थल होने के कारण कई वर्षों से विभिन्न प्रांतों व देशों के पर्यटक यहां आते हैं। 13 जनवरी शाम को बीकेटीसी की टीम ने 14 मंजिला भवन के प्रथम तल पर संचालित ट्रस्ट कार्यालय में ताला लगा दिया। 14 जनवरी की सुबह ट्रस्ट के अधिकारी और कर्मचारियों ने भी भवन के मुख्य गेट पर भी ताला लगा दिया है।
मुख्य गेट पर ताला लगने से भवन परिसर में व्यापारियों की दुकानें भी बंद हो गई हैं। करीब छह दिन का समय बीत गया है। तब से अब तक मुख्य गेट में लगा ताला नहीं खोला गया है। बीते छह दिनों से उनका कारोबार ठप हो गया है। उन्होंने ट्रस्ट और बीकेटीसी के पदाधिकारियों से अनुरोध किया कि वह व्यापारियों के हित और पर्यटकों की सुविधा के लिए जल्द ही भवन के मुख्य गेट पर लगा ताला खोले। प्रदर्शन करने वालों में पवन वर्मा, रिंकू वर्मा, नरेंद्र अवस्थी, संजीव वर्मा, शेखर पांडे, भास्कर पाठक, रमेश अवस्थी आदि शामिल रहे।
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भ्रम फैला रहा कैलाशानंद ट्रस्ट : द्विवेदी
बीकेटीसी के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने कहा कि कैलाशानंद ट्रस्ट लोगों के बीच भ्रम फैला रहा है। कैलाशानंद ट्रस्ट की कई संपत्तियां हैं, जिनमें रिसीवर नियुक्त हैं। 14 मंजिला भवन वाला मामला अलग है। इसकी लीज समाप्त होने के बाद इसे सरकार ने वापस अधिग्रहित कर दिया था। उस समय देवस्थानम बोर्ड था। बोर्ड के निरस्त होने के बाद सारे अधिकार बीकेटीसी को मिल गए थे। जिसके तहत अब यह संपत्ति बीकेटीसी की है। इसका जीओ भी बीकेटीसी के पास है। अध्यक्ष द्विवेदी ने कहा कि बीकेटी 1939 से धार्मिक क्षेत्र में काम कर रही है, जिसमें 2 धामों सहित 47 मंदिर हैं। बीकेटीसी लोगों की धार्मिक भावनाओं व आस्था को बनाए रखने के लिए कार्य करने वाली एक संवैधानिक संस्था है। किसी का नुकसान नहीं होने दिया जाएगा।
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सोमवार को लक्ष्मणझूला में 12 मंजिला भवन के मुख्य गेट पर धरने पर बैठे व्यापारियों ने कहा कि वह कई वर्षों से कैलाशानंद मिशन ट्रस्ट के 14 मंजिला भवन पर किराए की दुकान संचालित कर व्यवसाय कर रहे हैं। इस भवन में करीब 25 से 30 व्यापारियों की दुकानें संचालित हो रही हैं। इन व्यापारियों के परिवार का भरण पोषण इस व्यवसाय पर निर्भर है।
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पर्यटक स्थल होने के कारण कई वर्षों से विभिन्न प्रांतों व देशों के पर्यटक यहां आते हैं। 13 जनवरी शाम को बीकेटीसी की टीम ने 14 मंजिला भवन के प्रथम तल पर संचालित ट्रस्ट कार्यालय में ताला लगा दिया। 14 जनवरी की सुबह ट्रस्ट के अधिकारी और कर्मचारियों ने भी भवन के मुख्य गेट पर भी ताला लगा दिया है।
मुख्य गेट पर ताला लगने से भवन परिसर में व्यापारियों की दुकानें भी बंद हो गई हैं। करीब छह दिन का समय बीत गया है। तब से अब तक मुख्य गेट में लगा ताला नहीं खोला गया है। बीते छह दिनों से उनका कारोबार ठप हो गया है। उन्होंने ट्रस्ट और बीकेटीसी के पदाधिकारियों से अनुरोध किया कि वह व्यापारियों के हित और पर्यटकों की सुविधा के लिए जल्द ही भवन के मुख्य गेट पर लगा ताला खोले। प्रदर्शन करने वालों में पवन वर्मा, रिंकू वर्मा, नरेंद्र अवस्थी, संजीव वर्मा, शेखर पांडे, भास्कर पाठक, रमेश अवस्थी आदि शामिल रहे।
भ्रम फैला रहा कैलाशानंद ट्रस्ट : द्विवेदी
बीकेटीसी के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने कहा कि कैलाशानंद ट्रस्ट लोगों के बीच भ्रम फैला रहा है। कैलाशानंद ट्रस्ट की कई संपत्तियां हैं, जिनमें रिसीवर नियुक्त हैं। 14 मंजिला भवन वाला मामला अलग है। इसकी लीज समाप्त होने के बाद इसे सरकार ने वापस अधिग्रहित कर दिया था। उस समय देवस्थानम बोर्ड था। बोर्ड के निरस्त होने के बाद सारे अधिकार बीकेटीसी को मिल गए थे। जिसके तहत अब यह संपत्ति बीकेटीसी की है। इसका जीओ भी बीकेटीसी के पास है। अध्यक्ष द्विवेदी ने कहा कि बीकेटी 1939 से धार्मिक क्षेत्र में काम कर रही है, जिसमें 2 धामों सहित 47 मंदिर हैं। बीकेटीसी लोगों की धार्मिक भावनाओं व आस्था को बनाए रखने के लिए कार्य करने वाली एक संवैधानिक संस्था है। किसी का नुकसान नहीं होने दिया जाएगा।

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