{"_id":"6a5b76392a949d76130eaeb2","slug":"mahamandaleshwar-bhupendra-giri-honoured-rishikesh-news-c-38-1-rks1008-143878-2026-07-18","type":"story","status":"publish","title_hn":"Rishikesh News: महामंडलेश्वर भूपेंद्र गिरी सम्मानित","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Rishikesh News: महामंडलेश्वर भूपेंद्र गिरी सम्मानित
Sat, 18 Jul 2026 06:18 PM IST
देहरादून ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऋषिकेश
संवाद न्यूज एजेंसी, ऋषिकेश
Updated Sat, 18 Jul 2026 06:18 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
ऋषिकेश। परमार्थ निकेतन में आयोजित आध्यात्मिक और सांस्कृतिक समारोह में निरंजनी अखाड़ा के महामंडलेश्वर भूपेंद्र गिरी महाराज को भारतीय संस्कृति, सनातन परंपराओं और धर्म जागरण के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए आदि सनातन धर्म रत्न सम्मान से सम्मानित किया गया।
स्वामी चिदानंद सरस्वती महाराज ने कहा कि सनातन धर्म मानवता, सेवा, करुणा और प्रकृति संरक्षण का जीवन दर्शन है। भारतीय संस्कृति के मूल्यों को नई पीढ़ी तक पहुंचाना समय की आवश्यकता है। संतों ने महामंडलेश्वर भूपेंद्र गिरी महाराज के आध्यात्मिक जागरण, युवाओं को भारतीय संस्कारों से जोड़ने और सनातन धर्म के प्रचार-प्रसार में योगदान की सराहना की।
महामंडलेश्वर भूपेंद्र गिरी महाराज ने कहा कि यह सम्मान उन सभी संतों और धर्म प्रेमियों का है जो सनातन संस्कृति और राष्ट्र निर्माण के लिए कार्य कर रहे हैं। उन्होंने सनातन धर्म के सेवा, सदाचार और विश्व बंधुत्व के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प दोहराया। इस दौरान ब्रह्मऋषि कुमार स्वामी, निरंजन स्वामी, आनंद अरुण सहित कई संतों मौजूद रहे। संवाद
विज्ञापन
विज्ञापन
स्वामी चिदानंद सरस्वती महाराज ने कहा कि सनातन धर्म मानवता, सेवा, करुणा और प्रकृति संरक्षण का जीवन दर्शन है। भारतीय संस्कृति के मूल्यों को नई पीढ़ी तक पहुंचाना समय की आवश्यकता है। संतों ने महामंडलेश्वर भूपेंद्र गिरी महाराज के आध्यात्मिक जागरण, युवाओं को भारतीय संस्कारों से जोड़ने और सनातन धर्म के प्रचार-प्रसार में योगदान की सराहना की।
विज्ञापन
महामंडलेश्वर भूपेंद्र गिरी महाराज ने कहा कि यह सम्मान उन सभी संतों और धर्म प्रेमियों का है जो सनातन संस्कृति और राष्ट्र निर्माण के लिए कार्य कर रहे हैं। उन्होंने सनातन धर्म के सेवा, सदाचार और विश्व बंधुत्व के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प दोहराया। इस दौरान ब्रह्मऋषि कुमार स्वामी, निरंजन स्वामी, आनंद अरुण सहित कई संतों मौजूद रहे। संवाद
विज्ञापन