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मासिक धर्म... शर्म नहीं, समझ की जरूरत : डॉ. राजलक्ष्मी
संवाद न्यूज एजेंसी, ऋषिकेश
Updated Fri, 27 Feb 2026 01:49 AM IST
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अपराजिता कार्यक्रम में छात्राओं को जानकारी देती डॉ. राजलक्ष्मी: संवाद
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अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से सीआईएमएस कुंआवाला में अपराजिता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। मासिक धर्म के दौरान स्वच्छता विषय पर आयोजित कार्यक्रम में मुख्य वक्ता एम्स गायनी विभाग की डॉ. राजलक्ष्मी ने कहा कि मासिक धर्म के दौरान स्वच्छता का विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि मासिक धर्म प्रकृति का सामान्य नियम है। इसे लेकर चुप्पी या शर्म नहीं, बल्कि समझ और संवेदनशीलता की जरूरत है। जब परिवार, स्कूल और समाज मिलकर इस विषय पर खुलकर संवाद करेंगे, तभी वास्तविक सशक्तीकरण संभव होगा।
बृहस्पतिवार को सीआईएमएस परिसर में आयोजित कार्यक्रम का शुभारंभ संस्थान के चेयरमैन ललित मोहन जोशी, प्रधानाचार्य प्रो. चेतना गौतम व एम्स गायनी विभाग की डॉ. राजलक्ष्मी ने किया। डॉ. राजलक्ष्मी ने कहा कि मासिक धर्म के दौरान हर 4–6 घंटे में सेनेटरी पैड या टैम्पोन बदलना चाहिए। लंबे समय तक एक ही पैड का उपयोग करने से बैक्टीरिया पनप सकते हैं, जिससे संक्रमण का खतरा बढ़ता है।
डॉ. राजलक्ष्मी ने कहा कि मासिक धर्म के दौरान प्यूबिक एरिया को साफ-सुथरा रखें। इस दौरान पर्याप्त नींद लें। प्रधानाचार्य प्रो. चेतना गौतम ने सभी का धन्यवाद ज्ञापित किया। कार्यक्रम में डॉ. अंजना गुंसाई, डॉ. प्रियंका गुसाईं मौजूद रहे। संचालन खुशी सब्बरवाल ने किया।
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सर्वाइकल कैंसर से बचाव की दी जानकारी
डॉ. राजलक्ष्मी ने छात्राओं को सर्वाइकल कैंसर के बारे में भी जानकारी दी। कहा कि सर्वाइकल कैंसर का मुख्य कारण ह्यूमन पैपिलोमा वायरस (एचपीवी) संक्रमण है। इसके बचाव के लिए एचपीवी वैक्सीन उपलब्ध है। सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए एचपीवी का टीका अत्यंत आवश्यक है, जो लगभग 90 फीसदी मामलों को रोक सकता है। यह 9-14 वर्ष की लड़कियों के लिए सबसे प्रभावी है।
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बांटे पंफलेट
कार्यक्रम के दौरान अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से छात्राओं को कैंसर से बचाव जागरूकता पंफलेट भी बांटे गए। फाउंडेशन की ओर से संस्थान को पुस्तकें भी भेंट की गई।
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उन्होंने कहा कि मासिक धर्म प्रकृति का सामान्य नियम है। इसे लेकर चुप्पी या शर्म नहीं, बल्कि समझ और संवेदनशीलता की जरूरत है। जब परिवार, स्कूल और समाज मिलकर इस विषय पर खुलकर संवाद करेंगे, तभी वास्तविक सशक्तीकरण संभव होगा।
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बृहस्पतिवार को सीआईएमएस परिसर में आयोजित कार्यक्रम का शुभारंभ संस्थान के चेयरमैन ललित मोहन जोशी, प्रधानाचार्य प्रो. चेतना गौतम व एम्स गायनी विभाग की डॉ. राजलक्ष्मी ने किया। डॉ. राजलक्ष्मी ने कहा कि मासिक धर्म के दौरान हर 4–6 घंटे में सेनेटरी पैड या टैम्पोन बदलना चाहिए। लंबे समय तक एक ही पैड का उपयोग करने से बैक्टीरिया पनप सकते हैं, जिससे संक्रमण का खतरा बढ़ता है।
डॉ. राजलक्ष्मी ने कहा कि मासिक धर्म के दौरान प्यूबिक एरिया को साफ-सुथरा रखें। इस दौरान पर्याप्त नींद लें। प्रधानाचार्य प्रो. चेतना गौतम ने सभी का धन्यवाद ज्ञापित किया। कार्यक्रम में डॉ. अंजना गुंसाई, डॉ. प्रियंका गुसाईं मौजूद रहे। संचालन खुशी सब्बरवाल ने किया।
सर्वाइकल कैंसर से बचाव की दी जानकारी
डॉ. राजलक्ष्मी ने छात्राओं को सर्वाइकल कैंसर के बारे में भी जानकारी दी। कहा कि सर्वाइकल कैंसर का मुख्य कारण ह्यूमन पैपिलोमा वायरस (एचपीवी) संक्रमण है। इसके बचाव के लिए एचपीवी वैक्सीन उपलब्ध है। सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए एचपीवी का टीका अत्यंत आवश्यक है, जो लगभग 90 फीसदी मामलों को रोक सकता है। यह 9-14 वर्ष की लड़कियों के लिए सबसे प्रभावी है।
बांटे पंफलेट
कार्यक्रम के दौरान अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से छात्राओं को कैंसर से बचाव जागरूकता पंफलेट भी बांटे गए। फाउंडेशन की ओर से संस्थान को पुस्तकें भी भेंट की गई।