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Rishikesh News: बंदर व सुअर किसानों की फसलों को कर रहे बरबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, ऋषिकेश
Updated Mon, 02 Mar 2026 02:36 AM IST
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विकासखंड अंतर्गत गुजराड़ी गांव में बंदर, लंगूर और सुअरों का उत्पात बढ़ता जा रहा है। ये किसानों की फसलों को बरबाद कर रहे हैं। किसानों ने इनसे निजात दिलाने की मांग की है। काश्तकारों ने संबंधित विभाग से समस्या के समाधान की मांग की है।
गुजराड़ी गांव के एक दर्जन परिवार खेती करते हैं। लोग अच्छी फसल विक्रय कर आय अर्जित करते हैं। विकासखंड के करीब दर्जनों गांवों के किसान बंदरों और सुअरों के आतंक से परेशान हैं। बंदर फसलों, सब्जियों और फलदार वृक्षों को नुकसान पहुंचा रहे हैं, जिससे किसानों को खेती छोड़कर मजदूरी करने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। जंगली सुअर खेती को बरबाद कर रहे हैं।
गुजराड़ी गांव की वन पंचायत सरपंच सुनीता देवी, चंद्रपाल सिंह, मनोहर सिंह, साधना देवी, सावित्री देवी, मनीषा देवी ने बताया कि गांव में जंगली सुअर, बंदर, लंगूरों का उत्पात बढ़ गया है, जो काश्तकारों की गेहूं, प्याज, लहसुन, आलू, सब्जियां, अमरूद और आम जैसे फल खा जाते हैं।
लंगूर, बंदर पठाल वाले घरों की छत पर उछल-कूद कर छत को तोड़ देते हैं, जिससे घरों में बरसात के दौरान पानी टपकने लगता है। प्लास्टिक डालकर घरों को बचाने के प्रयास भी विफल हो रहे हैं। काश्तकारों ने बताया कि बाजार से 20 से 30 रुपये प्रति किलो की दर से आलू का बीज खरीदकर लगाया था, लेकिन जंगली जानवरों ने सब कुछ नष्ट कर दिया।
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कोट
हमारे पास घेरबाड़ के लिए बजट उपलब्ध नहीं है। यदि ग्रामीण क्षेत्रीय विधायक के माध्यम से जिला योजना में प्रस्ताव भेजते हैं तो तब बजट की संभावना होगी। - राजवीर सिंह, कृषि एवं भूमि संरक्षण अधिकारी कोटद्वार
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गुजराड़ी गांव में खेती को नुकसान पहुंचा रहे बंदरों को पकड़ने के लिए पिंजरा लगाया जाएगा। कृषकों की समस्या के समाधान के लिए शीघ्र बंदर पकड़ने के लिए टीम भेजी जाएगी। - अनुराग जोशी, वन क्षेत्राधिकारी लाल ढांग रेंज
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गुजराड़ी गांव के एक दर्जन परिवार खेती करते हैं। लोग अच्छी फसल विक्रय कर आय अर्जित करते हैं। विकासखंड के करीब दर्जनों गांवों के किसान बंदरों और सुअरों के आतंक से परेशान हैं। बंदर फसलों, सब्जियों और फलदार वृक्षों को नुकसान पहुंचा रहे हैं, जिससे किसानों को खेती छोड़कर मजदूरी करने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। जंगली सुअर खेती को बरबाद कर रहे हैं।
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गुजराड़ी गांव की वन पंचायत सरपंच सुनीता देवी, चंद्रपाल सिंह, मनोहर सिंह, साधना देवी, सावित्री देवी, मनीषा देवी ने बताया कि गांव में जंगली सुअर, बंदर, लंगूरों का उत्पात बढ़ गया है, जो काश्तकारों की गेहूं, प्याज, लहसुन, आलू, सब्जियां, अमरूद और आम जैसे फल खा जाते हैं।
लंगूर, बंदर पठाल वाले घरों की छत पर उछल-कूद कर छत को तोड़ देते हैं, जिससे घरों में बरसात के दौरान पानी टपकने लगता है। प्लास्टिक डालकर घरों को बचाने के प्रयास भी विफल हो रहे हैं। काश्तकारों ने बताया कि बाजार से 20 से 30 रुपये प्रति किलो की दर से आलू का बीज खरीदकर लगाया था, लेकिन जंगली जानवरों ने सब कुछ नष्ट कर दिया।
कोट
हमारे पास घेरबाड़ के लिए बजट उपलब्ध नहीं है। यदि ग्रामीण क्षेत्रीय विधायक के माध्यम से जिला योजना में प्रस्ताव भेजते हैं तो तब बजट की संभावना होगी। - राजवीर सिंह, कृषि एवं भूमि संरक्षण अधिकारी कोटद्वार
गुजराड़ी गांव में खेती को नुकसान पहुंचा रहे बंदरों को पकड़ने के लिए पिंजरा लगाया जाएगा। कृषकों की समस्या के समाधान के लिए शीघ्र बंदर पकड़ने के लिए टीम भेजी जाएगी। - अनुराग जोशी, वन क्षेत्राधिकारी लाल ढांग रेंज

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