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Roorkee News: डायट में विज्ञान शिक्षण को प्रभावी बनाने पर हुआ मंथन
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जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) में वार्षिक कार्ययोजना के तहत मंगलवार को विज्ञान विषय की जिला संदर्भ समूह बैठक का आयोजन किया गया। बैठक का उद्देश्य जनपद में विज्ञान शिक्षण के दौरान आने वाली कठिनाइयों की पहचान करना, उनके समाधान तलाशना, विद्यालयों में अपनाई जा रही श्रेष्ठ शैक्षिक प्रथाओं को साझा करना और विज्ञान विषय में नवाचार को प्रोत्साहित करना रहा।
कार्यक्रम में जनपद के विभिन्न विकासखंडों से आए उच्च प्राथमिक एवं माध्यमिक विद्यालयों के विज्ञान शिक्षकों ने उत्साहपूर्वक प्रतिभाग किया। बैठक में अजीम प्रेमजी फाउंडेशन और अमेरिकन इंडियन फाउंडेशन (एआईएफ) के विशेषज्ञ सदस्यों की ओर से भी शिक्षकों को शैक्षणिक सहयोग एवं मार्गदर्शन किया गया।
इस दौरान राष्ट्रीय शिक्षा नीति–2020 एवं राष्ट्रीय पाठ्यचर्या रूपरेखा–2023 में विज्ञान शिक्षण से संबंधित अनुशंसाओं पर विचार-विमर्श किया गया। इनमें नीतिगत सुझावों को कक्षा शिक्षण में व्यावहारिक रूप से कैसे लागू किया जाए जिससे विद्यार्थियों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण, तार्किक चिंतन एवं प्रयोग आधारित अधिगम को बढ़ावा मिल सके।
बैठक में इंस्पायर अवार्ड–मानक योजना की उपयोगिता पर चर्चा की गई। डायट प्राचार्य मेराज अहमद ने कहा कि विज्ञान शिक्षा का उद्देश्य केवल पाठ्यक्रम पूर्ण करना नहीं बल्कि विद्यार्थियों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण, तार्किक चिंतन और नवाचार की भावना विकसित करना है।
बैठक में कार्यक्रम समन्वयक प्रेरणा बहुगुणा, विज्ञान संकाय सदस्य डॉ. अनीता नेगी, वैष्णव कुमार, अनिल कुमार, डॉ. गरिमा डागर, शिप्रा राजपूत, अजीम प्रेमजी फाउंडेशन से अर्चना द्विवेदी और अमेरिकन इंडियन फाउंडेशन से अमित भंडारी एवं पंकज नेगी उपस्थित रहे।
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कार्यक्रम में जनपद के विभिन्न विकासखंडों से आए उच्च प्राथमिक एवं माध्यमिक विद्यालयों के विज्ञान शिक्षकों ने उत्साहपूर्वक प्रतिभाग किया। बैठक में अजीम प्रेमजी फाउंडेशन और अमेरिकन इंडियन फाउंडेशन (एआईएफ) के विशेषज्ञ सदस्यों की ओर से भी शिक्षकों को शैक्षणिक सहयोग एवं मार्गदर्शन किया गया।
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इस दौरान राष्ट्रीय शिक्षा नीति–2020 एवं राष्ट्रीय पाठ्यचर्या रूपरेखा–2023 में विज्ञान शिक्षण से संबंधित अनुशंसाओं पर विचार-विमर्श किया गया। इनमें नीतिगत सुझावों को कक्षा शिक्षण में व्यावहारिक रूप से कैसे लागू किया जाए जिससे विद्यार्थियों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण, तार्किक चिंतन एवं प्रयोग आधारित अधिगम को बढ़ावा मिल सके।
बैठक में इंस्पायर अवार्ड–मानक योजना की उपयोगिता पर चर्चा की गई। डायट प्राचार्य मेराज अहमद ने कहा कि विज्ञान शिक्षा का उद्देश्य केवल पाठ्यक्रम पूर्ण करना नहीं बल्कि विद्यार्थियों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण, तार्किक चिंतन और नवाचार की भावना विकसित करना है।
बैठक में कार्यक्रम समन्वयक प्रेरणा बहुगुणा, विज्ञान संकाय सदस्य डॉ. अनीता नेगी, वैष्णव कुमार, अनिल कुमार, डॉ. गरिमा डागर, शिप्रा राजपूत, अजीम प्रेमजी फाउंडेशन से अर्चना द्विवेदी और अमेरिकन इंडियन फाउंडेशन से अमित भंडारी एवं पंकज नेगी उपस्थित रहे।
