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Roorkee News: किसानों को मुफ्त बिजली-पानी और युवाओं को 70% रोजगार देने की मांग
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किसान मजदूर संगठन सोसायटी ने किसानों और बेरोजगार युवाओं की समस्याओं के मद्देनजर झबरेड़ा विधायक वीरेंद्र जाती को ज्ञापन सौंपा। संगठन ने मांग की कि किसानों और युवाओं से जुड़े मुद्दों को आगामी विधानसभा सत्र में प्रमुखता से उठाया जाए।
संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष महक सिंह सैनी एडवोकेट ने बताया कि पांच जून 2026 को संयुक्त मजिस्ट्रेट रुड़की के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा गया था लेकिन अब तक उस पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। इसी के कारण विधायक के माध्यम से सरकार का ध्यान इन मांगों की ओर आकर्षित करने का प्रयास किया गया।
ज्ञापन में उत्तराखंड के किसानों को सिंचाई के लिए नलकूपों और नहरों से 100 प्रतिशत मुफ्त बिजली और पानी उपलब्ध कराने की मांग की गई। संगठन का कहना है कि ऊर्जा उत्पादन में अग्रणी राज्य होने के बावजूद यहां के किसानों को बिजली बिल और वाटर सेस का अतिरिक्त बोझ उठाना पड़ रहा है। इसके अलावा सरकारी, अर्द्धसरकारी और निजी उद्योगों, विशेषकर सिडकुल क्षेत्रों में स्थानीय युवाओं के लिए न्यूनतम 70 प्रतिशत रोजगार आरक्षित करने की मांग भी उठाई गई।
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संगठन का कहना है कि स्थानीय युवाओं को रोजगार में प्राथमिकता नहीं मिलने से बेरोजगारी और पलायन बढ़ रहा है। महक सिंह सैनी ने कहा कि यदि सरकार ने जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लिया तो संगठन प्रदेशव्यापी लोकतांत्रिक आंदोलन शुरू करने को बाध्य होगा। ज्ञापन सौंपने के दौरान विधायक वीरेंद्र जाति, ब्लॉक प्रमुख कविंद्र चौधरी, जिला पंचायत सदस्य अंशुल चौधरी सहित संगठन के कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे। संगठन ने चेतावनी दी कि विधानसभा सत्र में मांगों पर ठोस पहल नहीं हुई तो आंदोलन को व्यापक रूप दिया जाएगा।
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संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष महक सिंह सैनी एडवोकेट ने बताया कि पांच जून 2026 को संयुक्त मजिस्ट्रेट रुड़की के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा गया था लेकिन अब तक उस पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। इसी के कारण विधायक के माध्यम से सरकार का ध्यान इन मांगों की ओर आकर्षित करने का प्रयास किया गया।
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ज्ञापन में उत्तराखंड के किसानों को सिंचाई के लिए नलकूपों और नहरों से 100 प्रतिशत मुफ्त बिजली और पानी उपलब्ध कराने की मांग की गई। संगठन का कहना है कि ऊर्जा उत्पादन में अग्रणी राज्य होने के बावजूद यहां के किसानों को बिजली बिल और वाटर सेस का अतिरिक्त बोझ उठाना पड़ रहा है। इसके अलावा सरकारी, अर्द्धसरकारी और निजी उद्योगों, विशेषकर सिडकुल क्षेत्रों में स्थानीय युवाओं के लिए न्यूनतम 70 प्रतिशत रोजगार आरक्षित करने की मांग भी उठाई गई।
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संगठन का कहना है कि स्थानीय युवाओं को रोजगार में प्राथमिकता नहीं मिलने से बेरोजगारी और पलायन बढ़ रहा है। महक सिंह सैनी ने कहा कि यदि सरकार ने जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लिया तो संगठन प्रदेशव्यापी लोकतांत्रिक आंदोलन शुरू करने को बाध्य होगा। ज्ञापन सौंपने के दौरान विधायक वीरेंद्र जाति, ब्लॉक प्रमुख कविंद्र चौधरी, जिला पंचायत सदस्य अंशुल चौधरी सहित संगठन के कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे। संगठन ने चेतावनी दी कि विधानसभा सत्र में मांगों पर ठोस पहल नहीं हुई तो आंदोलन को व्यापक रूप दिया जाएगा।