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Roorkee News: सफाई कर्मचारियों की हड़ताल, शहर में लगे कूड़े के ढेर

Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Mon, 09 Mar 2026 11:55 PM IST
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Sanitation workers go on strike, garbage piles up in the city
रामनगर में कूड़ा नहीं उठने से सड़क पर जमा गंदगी। -संवाद
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नगर निगम में सफाई कर्मचारियों ने शहर में कूड़ा उठान और घर-घर कूड़ा कलेक्शन का कार्य निजी कंपनी के माध्यम से कराए जाने के विरोध में सोमवार से हड़ताल शुरू कर दी है। हड़ताल के कारण शहर के कई इलाकों में कूड़े के ढेर लगने लगे हैं जिससे सफाई व्यवस्था प्रभावित हो गई है।
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सोमवार को कर्मचारियों और नगर निगम अधिकारियों के बीच इस मुद्दे पर बैठक भी हुई लेकिन कोई ठोस नतीजा नहीं निकल सका। बैठक के बाद कर्मचारियों ने अधिकारियों के खिलाफ नारेबाजी करते हुए स्पष्ट कर दिया कि जब तक उनकी मांगें नहीं मानी जातीं तब तक हड़ताल जारी रहेगी।
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नगर निगम ने घर-घर कूड़ा उठाने की व्यवस्था निजी कंपनी के माध्यम से कराने का निर्णय लिया है। इसके लिए टेंडर प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। इससे कर्मचारियों को डर सताने लगा है कि निजी कंपनी आउटसोर्स के कर्मचारियों को निकाल देगी। नगर आयुक्त राकेश चंद्र तिवारी ने बताया कि कंपनी इन्हीं लोगों से काम कराएगी, अच्छा काम करने वाले कर्मचारियों की निजी कंपनी को भी जरूरत होती है।



उधर, कर्मचारी मानने को तैयार नहीं है। इसके विरोध में सोमवार को सफाई कर्मचारी अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी। देवभूमि निकाय संयुक्त कर्मचारी महासंघ (भारतीय मजदूर संघ, उत्तराखंड) के बैनर तले कर्मचारियों ने नगर आयुक्त ज्ञापन सौंपकर अपनी मांगें रखीं। कर्मचारियों का कहना है कि नगर निगम में लंबे समय से कार्य कर रहे सफाई कर्मचारियों, कूड़ा वाहन चालकों को नियमित किया जाए और उन्हें थर्ड पार्टी कंपनी के अधीन न किया जाए। ज्ञापन में कर्मचारियों ने बताया कि नगर निगम बोर्ड की बैठक में तीन मार्च 2025 को स्वच्छता समिति और आउटसोर्सिंग कूड़ा वाहन चालकों को पक्का करने व उन्हें लगभग 30 हजार रुपये मासिक वेतन देने का प्रस्ताव पारित किया गया था। इसके बावजूद कर्मचारियों को थर्ड पार्टी कंपनी के माध्यम से काम पर रखने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है जिसका कर्मचारी संगठन विरोध कर रहा है।

कर्मचारियों की मांग है कि वर्ष 2003 से 2024 तक कार्य कर रहे सभी सफाई कर्मचारियों को नियमित किया जाए और उन्हें 30 हजार रुपये मासिक वेतन दिया जाए। इसके अलावा मृत कर्मचारियों के परिजनों को नियमानुसार नौकरी और पेंशन दी जाए। जिन कर्मचारियों को काम से हटाया गया है उन्हें दोबारा सेवा में लिया जाए। कर्मचारी नेताओं ने चेतावनी दी कि जब तक उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया जाता तब तक धरना और हड़ताल जारी रहेगी।



उधर, नगर आयुक्त राकेश चंद्र तिवारी का कहना है कि रुड़की को छोड़कर सभी निकायों में निजी कंपनी के जरिये कूड़ा उठान किया जा रहा है, जहां तक अन्य मांगों का सवाल है, वह शासन स्तर का मामला है। शासन से इस संबंध में निर्देश मिलते हैं तो उसी के अनुरूप आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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