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Roorkee News: एक ही घर से एक साथ उठे छह जनाजे, सिसक उठा पूरा गांव
Sat, 08 Aug 2026 05:37 PM IST
देहरादून ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रुड़की
संवाद न्यूज एजेंसी, रुड़की
Updated Sat, 08 Aug 2026 05:37 PM IST
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एक ही परिवार के छह सदस्यों के शव पहुंचते ही दहाड़े मारकर रोए परिजन
दिल दहला देने वाला था मंजर, हर आंख नम और हर चेहरे पर दिखा गहरा गम
नम आंखों में एक ही सवाल, कैसे संभलेगा परिवार
राजीव नामदेव
लक्सर। पौड़ी हादसे में मृत एक ही परिवार के छह सदस्यों के शव शनिवार को जब उनके घर पहुंचे तो मंजर दिल दहला देने वाला था। अपनों के शव देख रोते बिलखते परिजनों के करुण क्रंदन ने मजबूत दिल वालों की आंखों को भी नम कर दिया। रायपुर गांव में जब एक घर से एक साथ छह जनाजे उठे तो हर आंख नम और हर चेहरा गम में डूबा नजर आया। नम आंखों में एक सवाल यह भी था कि हादसे के बाद अब यह परिवार कैसे संभलेगा।
शुक्रवार को देवप्रयाग-पौड़ी मार्ग पर कुंडधार के समीप बोलेरो वाहन खाई में गिर जाने से लक्सर के रायपुर निवासी अफजाल, उनकी पत्नी शब्बो, बेटा अरमान और अमन, बेटी अनाविया और भाई गुफरान की दर्दनाक मौत हो गई थी। जबकि एक बेटा अरहम गंभीर रूप से घायल है।
शनिवार की सुबह मृतकों के शव गांव में पहुंचे। जिस घर में चौबीस घंटे पहले तक परिवार के लोगों की हंसी-खुशी और चहल-पहल थी, वहां शनिवार को मातम भरा सन्नाटा पसरा था। शवों को देखते ही परिजन और रिश्तेदार बिलख पड़े। परिवार की महिलाओं के करुण क्रंदन और सिसकियों ने हर किसी को झकझोर कर रख दिया।
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परिजन कभी अपनों के शवों को निहारते तो कभी उन्हें पुकारकर बिलख उठते। बिलखती महिलाओं को संभालने की कोशिश करते और ढाढ़स बंधाते पुरुष खुद भी अपनी आंखों से बहते आंसुओं को नहीं रोक पा रहे थे। अफजाल की वयोवृद्ध मां नफीसा और गुफरान की पत्नी सदमे में थीं। संवाद
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जनाजे में उमड़ा लोगों का हुजूम
रिश्तेदार और परिचितों के साथ ही ग्रामीण, स्थानीय निवासी, जनप्रतिनिधि मृतकों के घर पहुंचे। जनाजे में लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा। हर कोई परिवार के दुख में शरीक होने और अंतिम विदाई देने पहुंचा। जब एक साथ छह जनाजे उठे तो पूरा गांव सिसक उठा। इस दौरान चारों ओर मातम और सन्नाटा पसरा रहा। जनाजे के दौरान ऐसा कोई चेहरा नहीं था, जिसकी आंखें नम न हों। बुजुर्गों से लेकर युवाओं तक हर कोई इस असहनीय दुख में परिवार के साथ खड़ा नजर आया।
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दिल दहला देने वाला था मंजर, हर आंख नम और हर चेहरे पर दिखा गहरा गम
नम आंखों में एक ही सवाल, कैसे संभलेगा परिवार
राजीव नामदेव
लक्सर। पौड़ी हादसे में मृत एक ही परिवार के छह सदस्यों के शव शनिवार को जब उनके घर पहुंचे तो मंजर दिल दहला देने वाला था। अपनों के शव देख रोते बिलखते परिजनों के करुण क्रंदन ने मजबूत दिल वालों की आंखों को भी नम कर दिया। रायपुर गांव में जब एक घर से एक साथ छह जनाजे उठे तो हर आंख नम और हर चेहरा गम में डूबा नजर आया। नम आंखों में एक सवाल यह भी था कि हादसे के बाद अब यह परिवार कैसे संभलेगा।
शुक्रवार को देवप्रयाग-पौड़ी मार्ग पर कुंडधार के समीप बोलेरो वाहन खाई में गिर जाने से लक्सर के रायपुर निवासी अफजाल, उनकी पत्नी शब्बो, बेटा अरमान और अमन, बेटी अनाविया और भाई गुफरान की दर्दनाक मौत हो गई थी। जबकि एक बेटा अरहम गंभीर रूप से घायल है।
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शनिवार की सुबह मृतकों के शव गांव में पहुंचे। जिस घर में चौबीस घंटे पहले तक परिवार के लोगों की हंसी-खुशी और चहल-पहल थी, वहां शनिवार को मातम भरा सन्नाटा पसरा था। शवों को देखते ही परिजन और रिश्तेदार बिलख पड़े। परिवार की महिलाओं के करुण क्रंदन और सिसकियों ने हर किसी को झकझोर कर रख दिया।
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परिजन कभी अपनों के शवों को निहारते तो कभी उन्हें पुकारकर बिलख उठते। बिलखती महिलाओं को संभालने की कोशिश करते और ढाढ़स बंधाते पुरुष खुद भी अपनी आंखों से बहते आंसुओं को नहीं रोक पा रहे थे। अफजाल की वयोवृद्ध मां नफीसा और गुफरान की पत्नी सदमे में थीं। संवाद
जनाजे में उमड़ा लोगों का हुजूम
रिश्तेदार और परिचितों के साथ ही ग्रामीण, स्थानीय निवासी, जनप्रतिनिधि मृतकों के घर पहुंचे। जनाजे में लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा। हर कोई परिवार के दुख में शरीक होने और अंतिम विदाई देने पहुंचा। जब एक साथ छह जनाजे उठे तो पूरा गांव सिसक उठा। इस दौरान चारों ओर मातम और सन्नाटा पसरा रहा। जनाजे के दौरान ऐसा कोई चेहरा नहीं था, जिसकी आंखें नम न हों। बुजुर्गों से लेकर युवाओं तक हर कोई इस असहनीय दुख में परिवार के साथ खड़ा नजर आया।