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Rudraprayag News: भोग मूर्ति गर्भगृह में विराजमान
संवाद न्यूज एजेंसी, रुद्र प्रयाग
Updated Wed, 28 Jan 2026 11:18 PM IST
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गुप्तकाशी। कालीमठ की महाकाली प्रथम चरण की दिवारा यात्रा पूर्ण कर पुनः अपने मूल मंदिर कालीमठ में पहुंच गईं। पूजा-अर्चना के बाद भोग मूर्ति को गर्भगृह में विराजमान किया गया।
बुधवार को मुख्य मंदिर में पूजा अर्चना के साथ माता को भोग लगाया गया। इस दौरान भक्तों ने माता के दर्शन किए और आशीर्वाद लिया। इसके बाद विधिवत पूजा अर्चना और वेदमंत्रों के साथ माता की भोग मूर्ति को पुनः गर्भ गृह में विराजमान किया गया।
7 दिसंबर से प्रारंभ प्रथम चरण की दिवारा यात्रा में मां काली ने केदार घाटी के विभिन्न गांवों का भ्रमण किया। वहीं मकर संक्रांति पर देवप्रयाग में डोली ने स्नान किया। गुप्तकाशी में विश्वनाथ मंदिर के दर्शन कर ह्यूण गांव में सोमवार को प्रवास कर मंगलवार को कालीमठ पहुंच गई। यात्रा समिति अध्यक्ष लखपत सिंह राणा ने बताया कि मां की मूर्ति के गर्भगृह में विराजमान होने के बाद यात्रा संपन्न हुई। संवाद
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7 दिसंबर से प्रारंभ प्रथम चरण की दिवारा यात्रा में मां काली ने केदार घाटी के विभिन्न गांवों का भ्रमण किया। वहीं मकर संक्रांति पर देवप्रयाग में डोली ने स्नान किया। गुप्तकाशी में विश्वनाथ मंदिर के दर्शन कर ह्यूण गांव में सोमवार को प्रवास कर मंगलवार को कालीमठ पहुंच गई। यात्रा समिति अध्यक्ष लखपत सिंह राणा ने बताया कि मां की मूर्ति के गर्भगृह में विराजमान होने के बाद यात्रा संपन्न हुई। संवाद
