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Rudraprayag News: भूस्खलन से स्यांसू स्कूल का भवन क्षतिग्रस्त
Thu, 30 Jul 2026 06:50 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रुद्र प्रयाग
संवाद न्यूज एजेंसी, रुद्र प्रयाग
Updated Thu, 30 Jul 2026 06:50 PM IST
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राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय स्यांसू का क्षतिग्रस्त भवन। संवाद
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फाटा। क्षेत्र में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के कारण कालीमठ क्षेत्र स्थित राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय स्यांसू का 50 प्रतिशत भवन भूस्खलन की चपेट में आकर क्षतिग्रस्त हो चुका है। पहाड़ी से लगातार गिर रहे बोल्डरों के कारण कक्षाओं को नुकसान पहुंचा है और विद्यालय परिसर में भी मलबा भर गया है। हालांकि खतरे को देखते हुए यहां के छात्रों को दो दिन पहले ही 150 मीटर दूर स्थित राजकीय प्राथमिक विद्यालय स्यांसू में शिफ्ट किया जा चुका है।
ग्राम प्रधान कुंवर सिंह ने बताया कि वर्ष 2010 में निर्मित विद्यालय भवन के पीछे की दीवारों के पास लगातार भूमि धंसने और भूस्खलन के कारण पहले एक कक्ष क्षतिग्रस्त हुआ था। अब बारिश से भवन को और अधिक नुकसान पहुंचा है। इस संबंध में संबंधित अधिकारियों को सूचना दे दी गई है। वहीं उपखंड शिक्षा अधिकारी ऊखीमठ यशवीर रावत ने बताया कि विद्यालय में वर्तमान में पांच छात्र-छात्राएं और एक शिक्षक हैं। सभी को निकट स्थित प्राथमिक विद्यालय में शिफ्ट कर दिया गया है। संवाद
रामपुर में 50 लाख की सुरक्षा दीवार पहली की बारिश में धंसी
फाटा। लगातार हो रही बारिश के कारण केदारनाथ यात्रा मार्ग पर रामपुर स्थित भूधंसाव क्षेत्र में निर्मित करीब 50 लाख रुपये की सुरक्षा दीवार पहली ही बरसात में धंस गई है। इससे मार्ग भी प्रभावित हो गया है जिससे इस स्थान पर आवाजाही करना जोखिम भरा हो गया है।
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केदारनाथ यात्रा मार्ग पर फाटा से आगे रामपुर के समीप पिछले कई वर्षों से करीब 40 मीटर मोटर मार्ग भूधंसाव की चपेट में है। राष्ट्रीय राजमार्ग ने इस स्थान के स्थायी उपचार के लिए लाखों रुपये खर्च किए लेकिन समस्या का समाधान नहीं हो सका। इसी वर्ष यहां पक्की सुरक्षा दीवार का निर्माण कराया गया था जो इस मानसून की बारिश में धंस गई। स्थानीय विक्रम सिंह ने बताया कि यह स्थान पहले से ही भूधंसाव क्षेत्र के तहत चिह्नित है तब भी इसका स्थायी समाधान नहीं खोजा गया। राष्ट्रीय राजमार्ग के अधिशासी अभियंता ओंकार पांडे ने बताया कि संबंधित ठेकेदार की ओर से निर्माण कार्य अभी जारी है। शीघ्र इस स्थान के स्थायी समाधान के लिए आवश्यक कार्य होंगे। संवाद
खलियाण में भूस्खलन से चार मकान खतरे में
जखोली। बीते 10 जून को खूड़गड़ गदेरे की आपदा से प्रभावित खलियाण गांव के निवासी लगातार हो रही बारिश से दहशत में हैं। गांव में दो जगहों पर भूस्खलन होने से स्थिति फिर से बिगड़ने लगी है। गदेरे के पास मयाली-बधाणी मोटरमार्ग का पुश्ता दोबारा धंसने लगा है जिससे सड़क बाधित हो रही है। पहले भी भूधंसाव के कारण इस सड़क की स्थिति खराब थी जिसे हाल ही में चल रहे सड़क निर्माण कार्य के दौरान ठीक किया गया था। रामचंद्र भट्ट, रघुवीर सिंह राणा, गोपाल सिंह राणा और सुभाषचंद्र के मकानों के पीछे लगातार भूस्खलन हो रहा है और मकानों को खतरा हो गया है। प्रधान लक्ष्मी देवी ने बताया कि जिस स्थान पर 10 जून को आपदा आई थी वहीं पर दोबारा भूमि का कटान शुरू हो गया है। यह गांव के लिए बड़ा खतरा बन सकता है। समस्या को लेकर गांव में रेखीय विभागों का संयुक्त निरीक्षण भी किया जा चुका है। संवाद
अब भी घरों और खेतों में घुस रहा पानी
अगस्त्यमुनि। नगर पंचायत अगस्त्यमुनि क्षेत्र में बुधवार की बारिश के बाद अब भी कई रिहायशी इलाकों और खेतों में पानी घुस रहा है। खंड विकास कार्यालय के पीछे स्थित बस्ती में जलभराव हो गया है। घरों के निचले कमरों तक पानी पहुंचने से लोगों में मकानों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है।
सरिता नेगी ने बताया कि पहले इस क्षेत्र में कम मकान थे जिससे बरसाती पानी आसानी से निकल जाता था। अब निर्माण कार्यों के कारण बारिश, नहर और खेतों का पानी उनके घर के सामने एकत्र हो रहा है। ऑल वेदर रोड निर्माण के कारण सड़क से आने वाला पानी भ्ज्ञी सीधे मकान की ओर बह रहा है। इससे निचले कमरों में जलभराव हो रहा है। डॉ. दाताराम त्रिपाठी ने कहा कि खंड विकास कार्यालय मार्ग से जुड़ी एक नाली बंद पड़ी है। यदि इस नाली को खोला जाए तो पानी का बहाव दूसरी दिशा में किया जा सकता है। हरीश गुसाईं ने कहा कि राष्ट्रीय राजमार्ग विभाग को जल निकासी व्यवस्था करनी चाहिए। संवाद
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फाटा। क्षेत्र में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के कारण कालीमठ क्षेत्र स्थित राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय स्यांसू का 50 प्रतिशत भवन भूस्खलन की चपेट में आकर क्षतिग्रस्त हो चुका है। पहाड़ी से लगातार गिर रहे बोल्डरों के कारण कक्षाओं को नुकसान पहुंचा है और विद्यालय परिसर में भी मलबा भर गया है। हालांकि खतरे को देखते हुए यहां के छात्रों को दो दिन पहले ही 150 मीटर दूर स्थित राजकीय प्राथमिक विद्यालय स्यांसू में शिफ्ट किया जा चुका है।
ग्राम प्रधान कुंवर सिंह ने बताया कि वर्ष 2010 में निर्मित विद्यालय भवन के पीछे की दीवारों के पास लगातार भूमि धंसने और भूस्खलन के कारण पहले एक कक्ष क्षतिग्रस्त हुआ था। अब बारिश से भवन को और अधिक नुकसान पहुंचा है। इस संबंध में संबंधित अधिकारियों को सूचना दे दी गई है। वहीं उपखंड शिक्षा अधिकारी ऊखीमठ यशवीर रावत ने बताया कि विद्यालय में वर्तमान में पांच छात्र-छात्राएं और एक शिक्षक हैं। सभी को निकट स्थित प्राथमिक विद्यालय में शिफ्ट कर दिया गया है। संवाद
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रामपुर में 50 लाख की सुरक्षा दीवार पहली की बारिश में धंसी
फाटा। लगातार हो रही बारिश के कारण केदारनाथ यात्रा मार्ग पर रामपुर स्थित भूधंसाव क्षेत्र में निर्मित करीब 50 लाख रुपये की सुरक्षा दीवार पहली ही बरसात में धंस गई है। इससे मार्ग भी प्रभावित हो गया है जिससे इस स्थान पर आवाजाही करना जोखिम भरा हो गया है।
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केदारनाथ यात्रा मार्ग पर फाटा से आगे रामपुर के समीप पिछले कई वर्षों से करीब 40 मीटर मोटर मार्ग भूधंसाव की चपेट में है। राष्ट्रीय राजमार्ग ने इस स्थान के स्थायी उपचार के लिए लाखों रुपये खर्च किए लेकिन समस्या का समाधान नहीं हो सका। इसी वर्ष यहां पक्की सुरक्षा दीवार का निर्माण कराया गया था जो इस मानसून की बारिश में धंस गई। स्थानीय विक्रम सिंह ने बताया कि यह स्थान पहले से ही भूधंसाव क्षेत्र के तहत चिह्नित है तब भी इसका स्थायी समाधान नहीं खोजा गया। राष्ट्रीय राजमार्ग के अधिशासी अभियंता ओंकार पांडे ने बताया कि संबंधित ठेकेदार की ओर से निर्माण कार्य अभी जारी है। शीघ्र इस स्थान के स्थायी समाधान के लिए आवश्यक कार्य होंगे। संवाद
खलियाण में भूस्खलन से चार मकान खतरे में
जखोली। बीते 10 जून को खूड़गड़ गदेरे की आपदा से प्रभावित खलियाण गांव के निवासी लगातार हो रही बारिश से दहशत में हैं। गांव में दो जगहों पर भूस्खलन होने से स्थिति फिर से बिगड़ने लगी है। गदेरे के पास मयाली-बधाणी मोटरमार्ग का पुश्ता दोबारा धंसने लगा है जिससे सड़क बाधित हो रही है। पहले भी भूधंसाव के कारण इस सड़क की स्थिति खराब थी जिसे हाल ही में चल रहे सड़क निर्माण कार्य के दौरान ठीक किया गया था। रामचंद्र भट्ट, रघुवीर सिंह राणा, गोपाल सिंह राणा और सुभाषचंद्र के मकानों के पीछे लगातार भूस्खलन हो रहा है और मकानों को खतरा हो गया है। प्रधान लक्ष्मी देवी ने बताया कि जिस स्थान पर 10 जून को आपदा आई थी वहीं पर दोबारा भूमि का कटान शुरू हो गया है। यह गांव के लिए बड़ा खतरा बन सकता है। समस्या को लेकर गांव में रेखीय विभागों का संयुक्त निरीक्षण भी किया जा चुका है। संवाद
अब भी घरों और खेतों में घुस रहा पानी
अगस्त्यमुनि। नगर पंचायत अगस्त्यमुनि क्षेत्र में बुधवार की बारिश के बाद अब भी कई रिहायशी इलाकों और खेतों में पानी घुस रहा है। खंड विकास कार्यालय के पीछे स्थित बस्ती में जलभराव हो गया है। घरों के निचले कमरों तक पानी पहुंचने से लोगों में मकानों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है।
सरिता नेगी ने बताया कि पहले इस क्षेत्र में कम मकान थे जिससे बरसाती पानी आसानी से निकल जाता था। अब निर्माण कार्यों के कारण बारिश, नहर और खेतों का पानी उनके घर के सामने एकत्र हो रहा है। ऑल वेदर रोड निर्माण के कारण सड़क से आने वाला पानी भ्ज्ञी सीधे मकान की ओर बह रहा है। इससे निचले कमरों में जलभराव हो रहा है। डॉ. दाताराम त्रिपाठी ने कहा कि खंड विकास कार्यालय मार्ग से जुड़ी एक नाली बंद पड़ी है। यदि इस नाली को खोला जाए तो पानी का बहाव दूसरी दिशा में किया जा सकता है। हरीश गुसाईं ने कहा कि राष्ट्रीय राजमार्ग विभाग को जल निकासी व्यवस्था करनी चाहिए। संवाद

राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय स्यांसू का क्षतिग्रस्त भवन। संवाद