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Tehri News: एसआरटी परिसर के 18 कर्मचारी हुए नियमित
संवाद न्यूज एजेंसी, टिहरी
Updated Sat, 18 Apr 2026 05:33 PM IST
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नियमितीकरण से दूर होगी स्टाफ की कमी : प्रो. बौड़ाई
नई टिहरी। स्वामी रामतीर्थ परिसर बादशाहीथौल में वर्षों से संविदा और दैनिक वेतन पर कार्यरत कर्मचारियों को आखिरकार स्थायित्व का सहारा मिल गया है। परिसर में 18 कर्मचारियों का नियमितीकरण किया गया है।
एसआरटी परिसर के निदेशक प्रो. एए बौड़ाई ने बताया कि कार्य परिषद से अनुमोदन मिलने के 18 कर्मचारियों का नियमतीकरण कर लिया गया है। नियमित किए गए कर्मचारी पिछले 18 से 20 वर्षों से विश्वविद्यालय में विभिन्न पदों पर सेवाएं दे रहे थे। इनमें तृतीय और चतुर्थ श्रेणी के पदों पर कार्यरत प्रयोगशाला सहायक, इलेक्ट्रीशियन, खेल सहायक और कंप्यूटर ऑपरेटर शामिल हैं जो लंबे समय से अस्थायी व्यवस्था में कार्य कर रहे थे।
इन कर्मचारियों का विश्वविद्यालय की शैक्षणिक और प्रशासनिक गतिविधियों में महत्वपूर्ण योगदान रहा है। प्रयोगशालाओं के संचालन से लेकर तकनीकी और खेल गतिविधियों तक, इनकी भूमिका निरंतर बनी रही। लंबे समय से कर्मचारी संगठन और स्वयं कर्मचारी विश्वविद्यालय प्रशासन से नियमितीकरण की मांग कर रहे थे।
इस संबंध में लगातार वार्ता और पत्राचार भी होता रहा। अब इस निर्णय के बाद कर्मचारियों के बीच संतोष का माहौल है। परिसर प्रशासन का मानना है कि कर्मचारियों के नियमित होने से कार्यक्षमता में सुधार आएगा और विभिन्न विभागों में मानव संसाधन की कमी भी काफी हद तक दूर होगी। इससे शिक्षण और शोध कार्यों को भी बेहतर आधार मिलेगा। नियमितीकरण होने पर कर्मचारियों ने विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. प्रकाश सिंह का आभार व्यक्त किया। उनका कहना है कि इस फैसले से उनका वर्षों पुराना सपना पूरा हुआ है।
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नई टिहरी। स्वामी रामतीर्थ परिसर बादशाहीथौल में वर्षों से संविदा और दैनिक वेतन पर कार्यरत कर्मचारियों को आखिरकार स्थायित्व का सहारा मिल गया है। परिसर में 18 कर्मचारियों का नियमितीकरण किया गया है।
एसआरटी परिसर के निदेशक प्रो. एए बौड़ाई ने बताया कि कार्य परिषद से अनुमोदन मिलने के 18 कर्मचारियों का नियमतीकरण कर लिया गया है। नियमित किए गए कर्मचारी पिछले 18 से 20 वर्षों से विश्वविद्यालय में विभिन्न पदों पर सेवाएं दे रहे थे। इनमें तृतीय और चतुर्थ श्रेणी के पदों पर कार्यरत प्रयोगशाला सहायक, इलेक्ट्रीशियन, खेल सहायक और कंप्यूटर ऑपरेटर शामिल हैं जो लंबे समय से अस्थायी व्यवस्था में कार्य कर रहे थे।
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इन कर्मचारियों का विश्वविद्यालय की शैक्षणिक और प्रशासनिक गतिविधियों में महत्वपूर्ण योगदान रहा है। प्रयोगशालाओं के संचालन से लेकर तकनीकी और खेल गतिविधियों तक, इनकी भूमिका निरंतर बनी रही। लंबे समय से कर्मचारी संगठन और स्वयं कर्मचारी विश्वविद्यालय प्रशासन से नियमितीकरण की मांग कर रहे थे।
इस संबंध में लगातार वार्ता और पत्राचार भी होता रहा। अब इस निर्णय के बाद कर्मचारियों के बीच संतोष का माहौल है। परिसर प्रशासन का मानना है कि कर्मचारियों के नियमित होने से कार्यक्षमता में सुधार आएगा और विभिन्न विभागों में मानव संसाधन की कमी भी काफी हद तक दूर होगी। इससे शिक्षण और शोध कार्यों को भी बेहतर आधार मिलेगा। नियमितीकरण होने पर कर्मचारियों ने विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. प्रकाश सिंह का आभार व्यक्त किया। उनका कहना है कि इस फैसले से उनका वर्षों पुराना सपना पूरा हुआ है।
