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Tehri News: पांच साल में भी नहीं बना मंदार का खाद्यान्न गोदाम
संवाद न्यूज एजेंसी, टिहरी
Updated Sun, 19 Apr 2026 07:39 PM IST
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99 लाख की लागत से बन रहा 200 मीट्रिक टन क्षमता का गोदाम अधर में लटका
नई टिहरी। लोनिवि प्रांतीय खंड बौराड़ी और जिला खाद्य पूर्ति विभाग की लापरवाही जाखणीधार ब्लॉक के मंदार क्षेत्र के लोगों पर भारी पड़ रही है। करीब 99.48 लाख रुपये की लागत से निर्माणाधीन खाद्यन्न गोदाम का निर्माण कार्य पांच साल से अधर में लटका हुआ है। निर्माण कार्य बंद होने से अब इसकी लागत बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। स्थानीय लोगों ने लोनिवि और खाद्य पूर्ति विभाग की लचर कार्यशैली पर सवाल उठाए है।
दुर्गम क्षेत्र मंदार पट्टी के गांवों में खाद्यान्न आपूर्ति व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए सरकार ने दिसंबर 2021 में गोदाम निर्माण को मंजूरी दी थी। 200 मीट्रिक टन क्षमता वाले खाद्यान्न गोदाम का निर्माण कार्य स्वीकृति के पांच वर्ष बाद भी पूरा नहीं हो पाया है। जिससे खाद्यन्न गोदाम निर्माण पर सवाल उठने लगे है।
मंदार गांव में वर्तमान में खाद्यान्न गोदाम किराये के भवन में संचालित हो रहा है जहां पर सीमित जगह के कारण खाद्यान्न के सुरक्षित भंडारण में दिक्कतें आ रही हैं। समस्या के समाधान के लिए सरकार ने स्थायी गोदाम निर्माण की स्वीकृति दी थी लेकिन कार्यदायी संस्था की सुस्त कार्यशैली के चलते यह योजना पांच साल बाद भी पूरी नहीं हो सकी है। स्थानीय लोेगों का कहना है कि विभाग की ओर से न तो निर्माण कार्य में अपेक्षित तेजी दिखाई जा रही और न ही इसकी नियमित निगरानी सुनिश्चित की गई।
इस गोदाम से मंदार, भटवाड़ा, सेमा, बडोन गांव, कस्तल, स्यूंरी सहित आसपास के कई गांवों में संचालित सरकारी सस्ते गल्ले की दुकानों को राशन आपूर्ति की जानी है। गोदाम के अभाव में दुकानदारों को खाद्यान्न के भंडारण और वितरण में परेशानी उठानी पड़ रही है। खासकर बरसात के मौसम में स्थिति और अधिक गंभीर हो जाती है। जब पर्याप्त भंडारण सुविधा न होने के कारण खाद्यान्न के खराब होने का जोखिम बढ़ जाता है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि नया गोदाम समय पर बन जाता तो बरसात के दौरान होने वाली दिक्कतों से काफी हद तक राहत मिल सकती है। वर्तमान में अस्थायी व्यवस्था के भरोसे चल रही आपूर्ति प्रणाली कई बार बाधित भी होती है जिससे उपभोक्ताओं को समय पर राशन नहीं मिल पाता। जिला पूर्ति अधिकारी मनोज डोभाल का कहना है कि गोदाम निर्माण की उन्हें जानकारी नहीं है। कार्यदायी संस्था लोनिवि ही इस बारे में जानकारी देगा।
मंदार में निर्माणाधीन खाद्यन्न गोदाम का अधिकांश कार्य पूरा हो गया है। कुछ छोटे-छोटे कार्य शेष बचे हुए है। आगामी मई माह तक गोदाम भवन खाद्य पूर्ति विभाग को हैंडओवर कर दिया जाएगा।
-योगेश कुमार, ईई लोनिवि प्रांतीय खंड बौराड़ी
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नई टिहरी। लोनिवि प्रांतीय खंड बौराड़ी और जिला खाद्य पूर्ति विभाग की लापरवाही जाखणीधार ब्लॉक के मंदार क्षेत्र के लोगों पर भारी पड़ रही है। करीब 99.48 लाख रुपये की लागत से निर्माणाधीन खाद्यन्न गोदाम का निर्माण कार्य पांच साल से अधर में लटका हुआ है। निर्माण कार्य बंद होने से अब इसकी लागत बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। स्थानीय लोगों ने लोनिवि और खाद्य पूर्ति विभाग की लचर कार्यशैली पर सवाल उठाए है।
दुर्गम क्षेत्र मंदार पट्टी के गांवों में खाद्यान्न आपूर्ति व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए सरकार ने दिसंबर 2021 में गोदाम निर्माण को मंजूरी दी थी। 200 मीट्रिक टन क्षमता वाले खाद्यान्न गोदाम का निर्माण कार्य स्वीकृति के पांच वर्ष बाद भी पूरा नहीं हो पाया है। जिससे खाद्यन्न गोदाम निर्माण पर सवाल उठने लगे है।
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मंदार गांव में वर्तमान में खाद्यान्न गोदाम किराये के भवन में संचालित हो रहा है जहां पर सीमित जगह के कारण खाद्यान्न के सुरक्षित भंडारण में दिक्कतें आ रही हैं। समस्या के समाधान के लिए सरकार ने स्थायी गोदाम निर्माण की स्वीकृति दी थी लेकिन कार्यदायी संस्था की सुस्त कार्यशैली के चलते यह योजना पांच साल बाद भी पूरी नहीं हो सकी है। स्थानीय लोेगों का कहना है कि विभाग की ओर से न तो निर्माण कार्य में अपेक्षित तेजी दिखाई जा रही और न ही इसकी नियमित निगरानी सुनिश्चित की गई।
इस गोदाम से मंदार, भटवाड़ा, सेमा, बडोन गांव, कस्तल, स्यूंरी सहित आसपास के कई गांवों में संचालित सरकारी सस्ते गल्ले की दुकानों को राशन आपूर्ति की जानी है। गोदाम के अभाव में दुकानदारों को खाद्यान्न के भंडारण और वितरण में परेशानी उठानी पड़ रही है। खासकर बरसात के मौसम में स्थिति और अधिक गंभीर हो जाती है। जब पर्याप्त भंडारण सुविधा न होने के कारण खाद्यान्न के खराब होने का जोखिम बढ़ जाता है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि नया गोदाम समय पर बन जाता तो बरसात के दौरान होने वाली दिक्कतों से काफी हद तक राहत मिल सकती है। वर्तमान में अस्थायी व्यवस्था के भरोसे चल रही आपूर्ति प्रणाली कई बार बाधित भी होती है जिससे उपभोक्ताओं को समय पर राशन नहीं मिल पाता। जिला पूर्ति अधिकारी मनोज डोभाल का कहना है कि गोदाम निर्माण की उन्हें जानकारी नहीं है। कार्यदायी संस्था लोनिवि ही इस बारे में जानकारी देगा।
मंदार में निर्माणाधीन खाद्यन्न गोदाम का अधिकांश कार्य पूरा हो गया है। कुछ छोटे-छोटे कार्य शेष बचे हुए है। आगामी मई माह तक गोदाम भवन खाद्य पूर्ति विभाग को हैंडओवर कर दिया जाएगा।
-योगेश कुमार, ईई लोनिवि प्रांतीय खंड बौराड़ी
