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Tehri News: प्रतापनगर में पांच करोड़ से बनेगा माली प्रशिक्षण केंद्र
संवाद न्यूज एजेंसी, टिहरी
Updated Mon, 09 Mar 2026 06:27 PM IST
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टिहरी के साथ अन्य जिलों के काश्तकारों को मिलेगा केंद्र का लाभ
नई टिहरी। प्रतापनगर में माली प्रशिक्षण केंद्र तैयार होने के बाद टिहरी के साथ अन्य जिलों के काश्तकारों को इसका लाभ मिलेगा। प्रशिक्षण केंद्र से काश्तकारों को उन्नत किस्म के पौधों के साथ ही बीज उपलब्ध कराए जाएंगे।
करीब पांच करोड़ की लागत से बनने वाले प्रशिक्षण केंद्र का निर्माण कार्य शुरू हो गया है। इसमें तहत कार्यालय कक्ष, माली, हॉस्टल, सभागार के साथ फल और फूल के पौधों को तैयार करने के लिए नर्सरी बनाई जाएगी। प्रशिक्षण केंद्र में उन्नत किस्म के फल, सब्जी, फूलों के उत्पादन का प्रशिक्षण दिया जाएगा।
काश्तकारों को पहाड़ में होनी वाले मुख्य फल अखरोट, सेब, खुमानी, पुलम, कीवी, सब्जी, फूल और नगदी फसलों के उत्पादन, रोगों और कीटों से बचाने के साथ रसायनों का सही उपयोग का प्रशिक्षण और जानकारी दी जाएगी। नर्सरी में उन्नत किस्म के फलों के पौधे तैयार करने के साथ बीजों प्रवर्धन किया जाएगा।
माली प्रशिक्षण शुरू होने से युवाओं के लिए नर्सरी और बागवानी के क्षेत्र में स्वरोजगार का मौका मिलेगा। गत वर्ष अक्तूबर में वानिकी महाविद्यालय रानीचौरी में देश के विभिन्न विश्वविद्यालयों के कुलपतियों के सम्मेलन के दौरान राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेनि) ने प्रतापनगर में माली प्रशिक्षण केंद्र का शिलान्यास किया था।
इस बाबत वानिकी महाविद्यालय रानीचौरी के अधिष्ठता डॉ़ टीएस मेहरा ने कहा कि प्रतापनगर में बनने वाले माली प्रशिक्षण केंद्र का निर्माण का कार्य पेयजल निर्माण की ओर से किया जा रहा है। प्रशिक्षण केंद्र का टिहरी के साथ अन्य जिलों के काश्तकारों को लाभ मिलेगा। प्रशिक्षण केंद्र में काश्तकारों को विशेषकर पहाड़ी क्षेत्रों में होने वाली बागवानी का प्रशिक्षण भी दिया जाएगा।
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नई टिहरी। प्रतापनगर में माली प्रशिक्षण केंद्र तैयार होने के बाद टिहरी के साथ अन्य जिलों के काश्तकारों को इसका लाभ मिलेगा। प्रशिक्षण केंद्र से काश्तकारों को उन्नत किस्म के पौधों के साथ ही बीज उपलब्ध कराए जाएंगे।
करीब पांच करोड़ की लागत से बनने वाले प्रशिक्षण केंद्र का निर्माण कार्य शुरू हो गया है। इसमें तहत कार्यालय कक्ष, माली, हॉस्टल, सभागार के साथ फल और फूल के पौधों को तैयार करने के लिए नर्सरी बनाई जाएगी। प्रशिक्षण केंद्र में उन्नत किस्म के फल, सब्जी, फूलों के उत्पादन का प्रशिक्षण दिया जाएगा।
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काश्तकारों को पहाड़ में होनी वाले मुख्य फल अखरोट, सेब, खुमानी, पुलम, कीवी, सब्जी, फूल और नगदी फसलों के उत्पादन, रोगों और कीटों से बचाने के साथ रसायनों का सही उपयोग का प्रशिक्षण और जानकारी दी जाएगी। नर्सरी में उन्नत किस्म के फलों के पौधे तैयार करने के साथ बीजों प्रवर्धन किया जाएगा।
माली प्रशिक्षण शुरू होने से युवाओं के लिए नर्सरी और बागवानी के क्षेत्र में स्वरोजगार का मौका मिलेगा। गत वर्ष अक्तूबर में वानिकी महाविद्यालय रानीचौरी में देश के विभिन्न विश्वविद्यालयों के कुलपतियों के सम्मेलन के दौरान राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेनि) ने प्रतापनगर में माली प्रशिक्षण केंद्र का शिलान्यास किया था।
इस बाबत वानिकी महाविद्यालय रानीचौरी के अधिष्ठता डॉ़ टीएस मेहरा ने कहा कि प्रतापनगर में बनने वाले माली प्रशिक्षण केंद्र का निर्माण का कार्य पेयजल निर्माण की ओर से किया जा रहा है। प्रशिक्षण केंद्र का टिहरी के साथ अन्य जिलों के काश्तकारों को लाभ मिलेगा। प्रशिक्षण केंद्र में काश्तकारों को विशेषकर पहाड़ी क्षेत्रों में होने वाली बागवानी का प्रशिक्षण भी दिया जाएगा।