{"_id":"69d2655aa8ce63121b023ba7","slug":"hailstorm-causes-heavy-damage-to-crops-in-the-upper-polyagad-region-tehri-news-c-50-1-sdrn1016-118223-2026-04-05","type":"story","status":"publish","title_hn":"Tehri News: ओलावृष्टि से अपर पॉलीगाड क्षेत्र में फसलों को भारी नुकसान पहुंचा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Tehri News: ओलावृष्टि से अपर पॉलीगाड क्षेत्र में फसलों को भारी नुकसान पहुंचा
संवाद न्यूज एजेंसी, टिहरी
Updated Sun, 05 Apr 2026 07:06 PM IST
विज्ञापन
थत्यूड़ क्षेत्र में ओलावृष्टि से गेहूं की फसल को हुआ नुकसान। स्रोत जागरूक पाठक
विज्ञापन
काश्तकारों ने फसलों और बागवानी का आंकलन कर मुआवजे की मांग उठाई
थत्यूड़ (टिहरी)। जौनपुर ब्लॉक के अपर पॉलीगाड क्षेत्र में गत शाम को हुई तेज बारिश और ओलावृष्टि ने काश्तकारों की मेहनत पर पानी फेर दिया। काश्तकारों ने ओलावृष्टि से क्षतिग्रस्त फसलों के मुआवजे की मांग उठाई है।
कुंवा गांव के काश्तकार रघुवीर नौटियाल ने बताया शनिवार शाम को अचानक मौसम में करवट ली। तेज बारिश के साथ हुई ओलावृष्टि से खेतों में खड़ी गेहूं, मटर, मसूर, रजमा, बींस, प्याज, धनिया की फसल पूरी तरह से चौपट कर दिया। ओलावृष्टि के कारण खेत सफेद बर्फ जैसी चादर से ढक गए। जिससे काश्तकारों की 7-8 महिनों की मेहनत पर पानी फिर गया।
वहीं काश्तकार वीरेंद्र नौटियाल, रतनमणी गौड़, जगत सिंह राणा, वीर सिंह राणा, विमल नौटियाल, लोकेंद्र सजवाण, कृपाल रावत ने कहा कि उन्होंने इस तरह की ओलावृष्टि अपने जीवन में पहली बार देखी है। खेतों में खड़ी फसलों के साथ बागवानी में सेब, आडू, पुलम, खुमानी, नशपाति, अखरोट, चुल्लू के पेड़ों पर लगे फूल गिरकर पूरी तरह से बरबाद हो चुके हैं।
ओलावृष्टि के कारण काश्तकारों के सामने आजीविका का संकट खड़ा हो गया है। बताया क्षेत्र के खेड़ा, पापरा, भूयासारी, टिक्क किन्शु, बंगशील, मोलधार, तेवा, ओतड, डिगोन मूललोड़ी में फसलों और बागवानी को भारी नुकसान पहुंचा है। उन्होंने प्रशासन से ओलावृष्टि से हुए नुकसान का आंकलन कर काश्तकारों को उचित मुआवजा देने की मांग की है।
इस बाबत धनोल्टी के तहसीलदार बिरम सिंह पंवार का कहना कि क्षेत्रीय राजस्व उप निरीक्षकों को गांवों में भेजकर सर्वे कार्य करवाकर कृषि और बागवानी को हुए नुकसान का आंकलन कर काश्तकारों को उचित मुआवजा दिया जाएगा। वहीं जौनपुर के प्रभारी कृषि अधिकारी सुनील डोगरा का कहना कि ओलावृष्टि से क्षेत्र में कृषि बागवानी को हुए नुकसान का संयुक्त सर्वे कर जल्द नुकसान का आंकलन कर दिया जाएगा।
Trending Videos
थत्यूड़ (टिहरी)। जौनपुर ब्लॉक के अपर पॉलीगाड क्षेत्र में गत शाम को हुई तेज बारिश और ओलावृष्टि ने काश्तकारों की मेहनत पर पानी फेर दिया। काश्तकारों ने ओलावृष्टि से क्षतिग्रस्त फसलों के मुआवजे की मांग उठाई है।
कुंवा गांव के काश्तकार रघुवीर नौटियाल ने बताया शनिवार शाम को अचानक मौसम में करवट ली। तेज बारिश के साथ हुई ओलावृष्टि से खेतों में खड़ी गेहूं, मटर, मसूर, रजमा, बींस, प्याज, धनिया की फसल पूरी तरह से चौपट कर दिया। ओलावृष्टि के कारण खेत सफेद बर्फ जैसी चादर से ढक गए। जिससे काश्तकारों की 7-8 महिनों की मेहनत पर पानी फिर गया।
विज्ञापन
विज्ञापन
वहीं काश्तकार वीरेंद्र नौटियाल, रतनमणी गौड़, जगत सिंह राणा, वीर सिंह राणा, विमल नौटियाल, लोकेंद्र सजवाण, कृपाल रावत ने कहा कि उन्होंने इस तरह की ओलावृष्टि अपने जीवन में पहली बार देखी है। खेतों में खड़ी फसलों के साथ बागवानी में सेब, आडू, पुलम, खुमानी, नशपाति, अखरोट, चुल्लू के पेड़ों पर लगे फूल गिरकर पूरी तरह से बरबाद हो चुके हैं।
ओलावृष्टि के कारण काश्तकारों के सामने आजीविका का संकट खड़ा हो गया है। बताया क्षेत्र के खेड़ा, पापरा, भूयासारी, टिक्क किन्शु, बंगशील, मोलधार, तेवा, ओतड, डिगोन मूललोड़ी में फसलों और बागवानी को भारी नुकसान पहुंचा है। उन्होंने प्रशासन से ओलावृष्टि से हुए नुकसान का आंकलन कर काश्तकारों को उचित मुआवजा देने की मांग की है।
इस बाबत धनोल्टी के तहसीलदार बिरम सिंह पंवार का कहना कि क्षेत्रीय राजस्व उप निरीक्षकों को गांवों में भेजकर सर्वे कार्य करवाकर कृषि और बागवानी को हुए नुकसान का आंकलन कर काश्तकारों को उचित मुआवजा दिया जाएगा। वहीं जौनपुर के प्रभारी कृषि अधिकारी सुनील डोगरा का कहना कि ओलावृष्टि से क्षेत्र में कृषि बागवानी को हुए नुकसान का संयुक्त सर्वे कर जल्द नुकसान का आंकलन कर दिया जाएगा।