{"_id":"6a293dc5071740905c02ed4b","slug":"patients-are-having-to-travel-52-km-to-see-an-ent-specialist-tehri-news-c-50-1-sdrn1016-119421-2026-06-10","type":"story","status":"publish","title_hn":"Tehri News: ईएनटी डॉक्टर को दिखाने के लिए मरीजों को लगानी पड़ रही 52 किमी दौड़","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Tehri News: ईएनटी डॉक्टर को दिखाने के लिए मरीजों को लगानी पड़ रही 52 किमी दौड़
संवाद न्यूज एजेंसी, टिहरी
Updated Wed, 10 Jun 2026 04:04 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
एक साल से रिक्त चल रहा ईएनटी का पद, मरीजों की बढ़ीं मुश्किलें
नई टिहरी। जिला अस्पताल बौराड़ी में ईएनटी चिकित्सक नहीं होने से लोगों को दिक्कतें झेलनी पड़ रही है। ईएनटी चिकित्सक का पद करीब एक वर्ष से रिक्त चल रहा है। चिकित्सक के अभाव में कान, नाक और गले से जुड़ी सामान्य बीमारियों के उपचार के लिए मरीजों को 52 किलोमीटर दूर नरेंद्रनगर उप जिला अस्पताल या ऋषिकेश का रुख करना पड़ रहा है।
जिला अस्पताल बौराड़ी में तैनात ईएनटी विशेषज्ञ डॉ. दीप्ति रानी चौहान के इस्तीफा देने के बाद से यह पद रिक्त चल रहा है। एक साल बाद भी पद नहीं भरने के कारण अस्पताल आने वाले मरीजों को उपचार के लिए रेफर किया जा रहा है। सबसे अधिक परेशानी दूरस्थ क्षेत्रों से आने वाले मरीजों, बुजुर्गों, बच्चों और संक्रमण से जूझ रहे रोगियों को उठानी पड़ रही है। ईएनटी चिकित्सक कान, नाक और गले से जुड़ी बीमारियों का परीक्षण, उपचार और आवश्यकता पड़ने पर शल्य चिकित्सा भी करते हैं। लेकिन जिला अस्पताल में आने वाले लोगों को उक्त बीमारियों के उपचार के लिए नरेंद्रनगर जाना पड़ा पड़ रहा है।
कांग्रेस के शहर अध्यक्ष कुलदीप पंवार का कहना है कि जिला अस्पताल में ईएनटी चिकित्सक की तैनाती करने की मांग लंबे समय से की जा रही है। लेकिन डॉक्टर की तैनाती न होने के कारण कान, नाक और गला रोग से पीड़ित लोगों को मेडिकल प्रमाणपत्र बनाने के लिए अनावश्यक रूप से नरेंद्रनगर या ऋषिकेश जाना पड़ रहा है।
विज्ञापन
जिला अस्पताल में ईएनटी चिकित्सक का पद रिक्त होने की सूचना शासन को भेजी गई है। विशेषज्ञ चिकित्सक की तैनाती के लिए लगातार पत्राचार किया जा रहा है। उम्मीद है कि अगले एक माह के भीतर जिला अस्पताल को ईएनटी चिकित्सक मिल जाएगा।
-डाॅ. श्याम विजय सिंह, सीएमओ टिहरी
नई टिहरी। जिला अस्पताल बौराड़ी में ईएनटी चिकित्सक नहीं होने से लोगों को दिक्कतें झेलनी पड़ रही है। ईएनटी चिकित्सक का पद करीब एक वर्ष से रिक्त चल रहा है। चिकित्सक के अभाव में कान, नाक और गले से जुड़ी सामान्य बीमारियों के उपचार के लिए मरीजों को 52 किलोमीटर दूर नरेंद्रनगर उप जिला अस्पताल या ऋषिकेश का रुख करना पड़ रहा है।
जिला अस्पताल बौराड़ी में तैनात ईएनटी विशेषज्ञ डॉ. दीप्ति रानी चौहान के इस्तीफा देने के बाद से यह पद रिक्त चल रहा है। एक साल बाद भी पद नहीं भरने के कारण अस्पताल आने वाले मरीजों को उपचार के लिए रेफर किया जा रहा है। सबसे अधिक परेशानी दूरस्थ क्षेत्रों से आने वाले मरीजों, बुजुर्गों, बच्चों और संक्रमण से जूझ रहे रोगियों को उठानी पड़ रही है। ईएनटी चिकित्सक कान, नाक और गले से जुड़ी बीमारियों का परीक्षण, उपचार और आवश्यकता पड़ने पर शल्य चिकित्सा भी करते हैं। लेकिन जिला अस्पताल में आने वाले लोगों को उक्त बीमारियों के उपचार के लिए नरेंद्रनगर जाना पड़ा पड़ रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन
कांग्रेस के शहर अध्यक्ष कुलदीप पंवार का कहना है कि जिला अस्पताल में ईएनटी चिकित्सक की तैनाती करने की मांग लंबे समय से की जा रही है। लेकिन डॉक्टर की तैनाती न होने के कारण कान, नाक और गला रोग से पीड़ित लोगों को मेडिकल प्रमाणपत्र बनाने के लिए अनावश्यक रूप से नरेंद्रनगर या ऋषिकेश जाना पड़ रहा है।
जिला अस्पताल में ईएनटी चिकित्सक का पद रिक्त होने की सूचना शासन को भेजी गई है। विशेषज्ञ चिकित्सक की तैनाती के लिए लगातार पत्राचार किया जा रहा है। उम्मीद है कि अगले एक माह के भीतर जिला अस्पताल को ईएनटी चिकित्सक मिल जाएगा।
-डाॅ. श्याम विजय सिंह, सीएमओ टिहरी