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Tehri News: ईएनटी डॉक्टर के बिना जिला अस्पताल भटक रहे लोग

Mon, 10 Aug 2026 05:38 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, टिहरी
संवाद न्यूज एजेंसी, टिहरी Updated Mon, 10 Aug 2026 05:38 PM IST
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People are left wandering the district hospital without an ENT doctor.
नई टिहरी। जिला अस्पताल बौराड़ी में करीब एक साल से ईएनटी चिकित्सक नहीं होने से कान, नाक और गले से संबंधित बीमारियों के मरीजों को उपचार के लिए परेशान होना पड़ रहा है। अस्पताल में विशेषज्ञ चिकित्सक नहीं होने के कारण मरीजों को उपचार के लिए नरेंद्रनगर, ऋषिकेश और देहरादून जाना पड़ रहा है। इससे मरीजों को अतिरिक्त खर्च के साथ समय भी गंवाना पड़ रहा है।
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जिला मुख्यालय स्थित अस्पताल में रोजाना बड़ी संख्या में मरीज उपचार के लिए पहुंचते हैं। इनमें कान दर्द, कान में संक्रमण, सुनने में परेशानी, कान से पानी या मवाद आने, नाक बंद रहने, साइनस, टॉन्सिल, गले में संक्रमण से जुड़ी दिक्कतों वाले मरीज शामिल रहते हैं। ईएनटी डॉक्टर नहीं होने के कारण ऐसे मरीजों को दूसरे अस्पतालों की ओर भेजना पड़ता है।
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जिले में एकमात्र ईएनटी चिकित्सक नरेंद्रनगर स्थित उप जिला अस्पताल में कार्यरत हैं। नरेंद्रनगर जिला मुख्यालय से करीब 52 किलोमीटर दूर है। ऐसे में बौराड़ी अस्पताल पहुंचने वाले मरीजों को विशेषज्ञ से परामर्श और जांच के लिए नरेंद्रनगर जाना पड़ता है। जटिल मामलों में मरीजों को ऋषिकेश, देहरादून के अस्पतालों का रुख करने को मजबूर होना पड़ रहा। पर्वतीय क्षेत्र में मरीजों और उनके परिजनों के लिए बार-बार लंबी दूरी तय करना आर्थिक दृष्टि से परेशानी का कारण बन रहा है।
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स्थानीय निवासी गब्बर सिंह नेगी का कहना है कि लोग कान, नाक और गले से जुड़ी समस्या होने पर जिला अस्पताल पहुंचते हैं, लेकिन ईएनटी चिकित्सक नहीं होने से उन्हें यहां उपचार नहीं मिल पाता। राजेंद्र सिंह रावत का कहना है कि जिला मुख्यालय के अस्पताल में लंबे समय से ईएनटी विशेषज्ञ की कमी बनी हुई है। ऐसे में सामान्य बीमारियों के मरीजों को भी दूसरे शहरों की दौड़ लगानी पड़ रही है। सरकार स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने का दावा कर रही है लेकिन जिला अस्पताल में जरूरी विशेषज्ञ चिकित्सक नहीं होने से लोगों को लाभ नहीं मिल पा रहा है।
कमला देवी का कहना है कि कान, नाक और गले की बीमारी होने पर अस्पताल आने के बाद भी ईएनटी चिकित्सक नहीं मिलने से मरीजों को वापस लौटना पड़ता है। बाहर इलाज कराने में आने-जाने और जांच का खर्च बढ़ जाता है।


ईएनटी चिकित्सक की तैनाती के लिए शासन को लगातार प्रस्ताव भेजा जा रहा है। उम्मीद है कि एक-दो महीने में जिला अस्पताल बौराड़ी को ईएनटी चिकित्सक मिल सकता है।
-डॉ. राम प्रकाश, सीएमओ टिहरी
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