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गतिशक्ति जैसी परियोजनाएं विकसित भारत के लिए मील का पत्थर साबित होंगी: प्रो. वर्मा
संवाद न्यूज एजेंसी, टिहरी
Updated Fri, 27 Feb 2026 07:20 PM IST
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नरेंद्रनगर (टिहरी)। विजन फाॅर विकसित भारत 2047 विषय पर आयोजित अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी में की-नोट स्पीकर एचनबी गढ़वाल केंद्रीय विवि के प्रो. केके वर्मा ने कहा कि विकसित भारत एक हासिल करने योग्य सपना है। इसके लिए भारत सरकार ने अवस्थापना और गतिशक्ति के क्षेत्र में कई परियोजनाएं शुरू कर दी हैं। उन्होंने कहा कि एसबीआई और रिसर्च इकोरैप 2023 की रिपोर्ट में बताया गया है, कि भारत 2027 में विश्व की तीसरे नंबर की आर्थिक शक्ति बन जाएगा।
नरेंद्रनगर महाविद्यालय में आयोजित विजन फार विकसित भारत विषय पर आयोजित संगोष्ठी के दूसरे दिन पीजी कॉलेज बड़कोट की प्रो. अंजू भट्ट ने कहा कि देश में 14 से 18 वर्ष के युवाओं की 25 प्रतिशत आबादी आज भी दूसरी कक्षा की पुस्तक को नहीं पढ़ सकते हैं, इसलिए युवा केंद्रित विकसित भारत के लिए शिक्षा के क्षेत्र को मजबूत करना जरूरी है। ऋषिकेश परिसर के प्रो. अशोक मैंदोला ने कहा कि विकसित भारत के लिए भाषाओं का संरक्षण भी जरूरी है। इस दौरान सात शोधार्थियों ने ऑफ लाइन और सौ ने ऑन लाइन अपने शोध पत्र प्रस्तुत किए। जिसमें अरविंद उनियाल, सुमित्रा निखिल विश्वास, कौंग यौंग, शांभवी, माधुरी उनियाल, डॉ. रेनू कीर आदि शामिल हैं। सत्र की अध्यक्षता दिल्ली विवि के प्रो. अमनदीप कौर, गुरु रामराय विवि देहरादून की डॉ. दिव्या वर्मा और डॉ. नेहा घड़ियाल ने की। संरक्षक प्रो. प्रणितानंद ने कहा कि विकसित भारत के लिए किसानों के लिए विशेष योजनाएं बनाएं। संगोष्ठी में डॉ. रश्मि उनियाल, डॉ. संजय मदान ने भी विचार रखे। संयोजक डॉ. संजय कुमार ने सभी का आभार व्यक्त किया। डॉ. संजय महर की विशेष भूमिका रही। डॉ. विक्रम सिंह बर्त्वाल संगोष्ठी की जानकारी प्रदान की।
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