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Tehri News: पूल्ड हाउस भवनों में हुए वाटर प्रूफिंग कार्यों पर उठे सवाल
संवाद न्यूज एजेंसी, टिहरी
Updated Tue, 02 Jun 2026 06:17 PM IST
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छतों पर उगी घास घरों में हो रहा है पानी का रिसाव
बिना काम भुगतान करने का आरोप, जांच की मांग
नई टिहरी। पूल्ड हाउस के आवासीय भवनों की छतों पर लोनिवि प्रांतीय खंड की ओर से कराए गए वाटर प्रूफिंग कार्य को लेकर सवाल उठने लगे हैं। विभाग की ओर से दो साल पहले के. ब्लॉक में एक से सात नंबर भवन, सी. ब्लॉक दो और तीन नंबर भवन की छतों पर 4,84,010 रुपये की लागत से कोटिंग लिक्विड से वाटर प्रूफिंग कराया गया।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि भवनों की छतों पर उक्त कार्य नहीं कराए गए। यदि आवासीय भवनों की छतों पर कार्य कराया होता तो छतों से पानी रिसाव और सीलन की समस्या नहीं आती। स्थानीय निवासी शिवेंद्र नेगी, नरोत्तम पोखरियाल ने बताया कि के. ब्लॉक में एक से सात नंबर भवन में कराए गए कार्य का भुगतान मार्च 2025 में 2,41,797 रुपये किया गया।
इसी तरह सी. ब्लॉक दो और तीन नंबर भवन में वाटर प्रूफिंग कार्य के एवज में विभाग की ओर से 2,42,213 रुपये का भुगतान किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि यदि छतों पर वाटर प्रूफिंग और कोटिंग कार्य हुआ होता तो भवनों की छतों पर घास नहीं उगती। छत से घरों के भीतर बारिश के पानी का रिसाव भी नहीं होता। आरोप लगाया कि विभागीय अधिकारियों ने अपने चेहते ठेकेदारों को लाभ पहुंचाने के लिए बिना कार्य के भुगतान किया है। उन्होंने डीएम से उक्त कार्यों की उच्च स्तरीय जांच कराने की गुहार लगाई है।
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नई टिहरी के. ब्लॉक और सी ब्लॉक के पूल्ड हाउस भवनों की छतों पर वाटर प्रूफिंग कार्य हुआ या नहीं इसकी जांच के बाद ही सही स्थिति का पता चल सकता है। यदि भवनाें की छतों पर कार्य को लेकर कही गुणवत्ता संबंधी कमी पाई जाती है तो उनका मरम्मत कार्य कराया जाएगा।
-योगेश कुमार, ईई, लोनिवि प्रांतीय खंड बौराड़ी
बिना काम भुगतान करने का आरोप, जांच की मांग
नई टिहरी। पूल्ड हाउस के आवासीय भवनों की छतों पर लोनिवि प्रांतीय खंड की ओर से कराए गए वाटर प्रूफिंग कार्य को लेकर सवाल उठने लगे हैं। विभाग की ओर से दो साल पहले के. ब्लॉक में एक से सात नंबर भवन, सी. ब्लॉक दो और तीन नंबर भवन की छतों पर 4,84,010 रुपये की लागत से कोटिंग लिक्विड से वाटर प्रूफिंग कराया गया।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि भवनों की छतों पर उक्त कार्य नहीं कराए गए। यदि आवासीय भवनों की छतों पर कार्य कराया होता तो छतों से पानी रिसाव और सीलन की समस्या नहीं आती। स्थानीय निवासी शिवेंद्र नेगी, नरोत्तम पोखरियाल ने बताया कि के. ब्लॉक में एक से सात नंबर भवन में कराए गए कार्य का भुगतान मार्च 2025 में 2,41,797 रुपये किया गया।
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इसी तरह सी. ब्लॉक दो और तीन नंबर भवन में वाटर प्रूफिंग कार्य के एवज में विभाग की ओर से 2,42,213 रुपये का भुगतान किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि यदि छतों पर वाटर प्रूफिंग और कोटिंग कार्य हुआ होता तो भवनों की छतों पर घास नहीं उगती। छत से घरों के भीतर बारिश के पानी का रिसाव भी नहीं होता। आरोप लगाया कि विभागीय अधिकारियों ने अपने चेहते ठेकेदारों को लाभ पहुंचाने के लिए बिना कार्य के भुगतान किया है। उन्होंने डीएम से उक्त कार्यों की उच्च स्तरीय जांच कराने की गुहार लगाई है।
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नई टिहरी के. ब्लॉक और सी ब्लॉक के पूल्ड हाउस भवनों की छतों पर वाटर प्रूफिंग कार्य हुआ या नहीं इसकी जांच के बाद ही सही स्थिति का पता चल सकता है। यदि भवनाें की छतों पर कार्य को लेकर कही गुणवत्ता संबंधी कमी पाई जाती है तो उनका मरम्मत कार्य कराया जाएगा।
-योगेश कुमार, ईई, लोनिवि प्रांतीय खंड बौराड़ी