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Tehri News: मौलनों और पौखाल बाजार का पेयजल टैंक निर्माण अधर में लटका
संवाद न्यूज एजेंसी, टिहरी
Updated Fri, 13 Mar 2026 06:53 PM IST
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पेयजल टैंक न बनने से लोगों को पर्याप्त मात्रा में नहीं मिल पा रहा पानी
नई टिहरी। जाखणीधार ब्लॉक के मौलनों गांव और पौखाल बाजार में जल जीवन मिशन के तहत दो वर्ष पहले बनाई गई पेयजल योजना वन भूमि के विवाद के कारण अधर में लटक गई है। जल संस्थान घनसाली ने हर घर नल-हर घर जल योजना के तहत कनेक्शन तो दे दिए लेकिन नए पेयजल टैंक का निर्माण वन विभाग की आपत्ति के चलते शुरू नहीं हो पाया। इससे करीब 400 से अधिक परिवारों के साथ नवोदय विद्यालय, जीआईसी, प्राथमिक विद्यालय, बैंक और अस्पताल सहित कई संस्थानों को पर्याप्त पानी नहीं मिल पा रहा है। स्थानीय लोगों के अनुसार असगढ़ तोक से मौलनों और पौखाल बाजार तक करीब चार किमी लंबी पेयजल लाइन लाखों रुपये की लागत से बिछाई गई, जिसे 90 के दशक में बने करीब 12 हजार लीटर क्षमता वाले पुराने टैंक से जोड़ दिया गया है। टैंक जर्जर होने के कारण लीकेज कर रहा है और उसकी स्टोरेज क्षमता भी कम है, जिससे नियमित आपूर्ति प्रभावित हो रही है। गांव के पूर्व प्रधान शीशपाल सिंह गुसाईं, पूर्व प्रधानाचार्य उम्मीद सिंह राणा, गजेंद्र बिष्ट, किशोर सिंह गुसाईं और नागेंद्र कैंतुरा ने बताया कि जल संस्थान ने नए टैंक का निर्माण शुरू किया था, लेकिन भूमि वन विभाग की होने के कारण विभाग ने कार्य रुकवा दिया। कई बार अधिकारियों से गुहार लगाने के बावजूद टैंक का निर्माण शुरू नहीं हो सका, जिसके चलते लोगों को हैंडपंप और अन्य पेयजल स्रोतों पर निर्भर रहना पड़ रहा है।
क्या है, इनका कहना-
जल जीवन मिशन योजना के तहत 25 हजार लीटर के नये पेयजल टैंक का निर्माण किया जाना है। टैंक निर्माण वाली जगह पर वन भूमि होने के कारण टैंक का निर्माण नहीं करवाया जा सकता। उसी जगह टैंक निर्माण का प्रस्ताव गत नवंबर माह में भारत सरकार को भेजा गया है। स्वीकृति मिलते ही शीघ्र पेयजल टैंक का निर्माण कार्य करवाया जाएगा।
संतोष कुमार उपाध्याय, ईई जल संस्थान घनसाली।
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नई टिहरी। जाखणीधार ब्लॉक के मौलनों गांव और पौखाल बाजार में जल जीवन मिशन के तहत दो वर्ष पहले बनाई गई पेयजल योजना वन भूमि के विवाद के कारण अधर में लटक गई है। जल संस्थान घनसाली ने हर घर नल-हर घर जल योजना के तहत कनेक्शन तो दे दिए लेकिन नए पेयजल टैंक का निर्माण वन विभाग की आपत्ति के चलते शुरू नहीं हो पाया। इससे करीब 400 से अधिक परिवारों के साथ नवोदय विद्यालय, जीआईसी, प्राथमिक विद्यालय, बैंक और अस्पताल सहित कई संस्थानों को पर्याप्त पानी नहीं मिल पा रहा है। स्थानीय लोगों के अनुसार असगढ़ तोक से मौलनों और पौखाल बाजार तक करीब चार किमी लंबी पेयजल लाइन लाखों रुपये की लागत से बिछाई गई, जिसे 90 के दशक में बने करीब 12 हजार लीटर क्षमता वाले पुराने टैंक से जोड़ दिया गया है। टैंक जर्जर होने के कारण लीकेज कर रहा है और उसकी स्टोरेज क्षमता भी कम है, जिससे नियमित आपूर्ति प्रभावित हो रही है। गांव के पूर्व प्रधान शीशपाल सिंह गुसाईं, पूर्व प्रधानाचार्य उम्मीद सिंह राणा, गजेंद्र बिष्ट, किशोर सिंह गुसाईं और नागेंद्र कैंतुरा ने बताया कि जल संस्थान ने नए टैंक का निर्माण शुरू किया था, लेकिन भूमि वन विभाग की होने के कारण विभाग ने कार्य रुकवा दिया। कई बार अधिकारियों से गुहार लगाने के बावजूद टैंक का निर्माण शुरू नहीं हो सका, जिसके चलते लोगों को हैंडपंप और अन्य पेयजल स्रोतों पर निर्भर रहना पड़ रहा है।
क्या है, इनका कहना-
जल जीवन मिशन योजना के तहत 25 हजार लीटर के नये पेयजल टैंक का निर्माण किया जाना है। टैंक निर्माण वाली जगह पर वन भूमि होने के कारण टैंक का निर्माण नहीं करवाया जा सकता। उसी जगह टैंक निर्माण का प्रस्ताव गत नवंबर माह में भारत सरकार को भेजा गया है। स्वीकृति मिलते ही शीघ्र पेयजल टैंक का निर्माण कार्य करवाया जाएगा।
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संतोष कुमार उपाध्याय, ईई जल संस्थान घनसाली।