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Tehri News: बढ़ती महंगाई में घाटे का सौदा साबित हो रहा है पोेल्ट्री फार्म का व्यवसाय
संवाद न्यूज एजेंसी, टिहरी
Updated Tue, 09 Jun 2026 07:04 PM IST
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व्यवसायियों को मुर्गियों का दाना सब्सिडी पर उपलब्ध कराए सरकार
कंडीसौड़ (टिहरी)। पोल्ट्री फार्म व्यवसाय स्थानीय लोगों के लिए घाटे का सौदा साबित हो रहा है। बढ़ती महंगाई में पोल्ट्री का भाव नहीं बढ़ने से व्यवसायियों को काफी नुकसान उठाना पड़ रहा है। इससे परेशान लोगों ने सरकार से मुर्गियों का दाना सब्सिडी पर उपलब्घ कराने की मांग की है।
पोल्ट्री व्यवसाय से जिले के करीब 40 लोग जुड़े हुए हैं। सरकार ने व्यवसाय शुरू करने के लिए उन्हें मुर्गी बाड़ा बनाने से लेकर चूजों पर भी सब्सिडी पर उपलब्ध करा रही है। बावजूद लगातार बढ़ रही महंगाई के कारण मुर्गी पालन व्यवसाय में उन्हें ज्यादा लाभ नहीं मिल पा रहा है। घनसाली के पोल्ट्री फार्म के संचालक विजय जोशी ने बताया कि इस व्यवसाय को बढ़ाने के लिए सरकार ने पोल्ट्री संचालकों को सब्सिडी प्रदान की है लेकिन हर दिन मुर्गियों का दाना मंहगा हो रहा है।
फार्म संचालक ने बताया कि करीब दो किलो का एक ब्रॉयलर 45 दिन में बिक्री के लिए तैयार होता है। इस दौरान उसका दाना और अन्य कुल 220 तक खर्च आ जाता है। 110 रुपये प्रतिकिलो में तैयार हो रहा ब्रॉयलर का बाजार भाव इन दिनों 80 रुपये प्रति किलो है। इस प्रकार उन्हें प्रतिकिलो 30 रुपये का नुकसान उठाना पड़ रहा है। इस स्थिति में पोल्ट्री उत्पादकों के सामने व्यवसाय को सुचारू रखना मुश्किल होता जा रहा है। उन्होंने पहाड़ में इस व्यवसाय को प्रोत्साहन देने के लिए दाना सब्सिडी पर देने की मांग की है।
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व्यवसायियों को सब्सिडी पर चूजे दिए जा रहे हैं। जल्द ही एक महीने पूरा होने पर प्रति चूजा 10 रुपये दाना सब्सिडी देने की तैयारी की जा रही है। ब्रॉयलर का बाजार भाव कम-ज्यादा होता रहता है।
- साक्षी बिजल्वाण, पोल्ट्री फार्म पशु चिकित्साधिकारी कंडीसौड़।
कंडीसौड़ (टिहरी)। पोल्ट्री फार्म व्यवसाय स्थानीय लोगों के लिए घाटे का सौदा साबित हो रहा है। बढ़ती महंगाई में पोल्ट्री का भाव नहीं बढ़ने से व्यवसायियों को काफी नुकसान उठाना पड़ रहा है। इससे परेशान लोगों ने सरकार से मुर्गियों का दाना सब्सिडी पर उपलब्घ कराने की मांग की है।
पोल्ट्री व्यवसाय से जिले के करीब 40 लोग जुड़े हुए हैं। सरकार ने व्यवसाय शुरू करने के लिए उन्हें मुर्गी बाड़ा बनाने से लेकर चूजों पर भी सब्सिडी पर उपलब्ध करा रही है। बावजूद लगातार बढ़ रही महंगाई के कारण मुर्गी पालन व्यवसाय में उन्हें ज्यादा लाभ नहीं मिल पा रहा है। घनसाली के पोल्ट्री फार्म के संचालक विजय जोशी ने बताया कि इस व्यवसाय को बढ़ाने के लिए सरकार ने पोल्ट्री संचालकों को सब्सिडी प्रदान की है लेकिन हर दिन मुर्गियों का दाना मंहगा हो रहा है।
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फार्म संचालक ने बताया कि करीब दो किलो का एक ब्रॉयलर 45 दिन में बिक्री के लिए तैयार होता है। इस दौरान उसका दाना और अन्य कुल 220 तक खर्च आ जाता है। 110 रुपये प्रतिकिलो में तैयार हो रहा ब्रॉयलर का बाजार भाव इन दिनों 80 रुपये प्रति किलो है। इस प्रकार उन्हें प्रतिकिलो 30 रुपये का नुकसान उठाना पड़ रहा है। इस स्थिति में पोल्ट्री उत्पादकों के सामने व्यवसाय को सुचारू रखना मुश्किल होता जा रहा है। उन्होंने पहाड़ में इस व्यवसाय को प्रोत्साहन देने के लिए दाना सब्सिडी पर देने की मांग की है।
व्यवसायियों को सब्सिडी पर चूजे दिए जा रहे हैं। जल्द ही एक महीने पूरा होने पर प्रति चूजा 10 रुपये दाना सब्सिडी देने की तैयारी की जा रही है। ब्रॉयलर का बाजार भाव कम-ज्यादा होता रहता है।
- साक्षी बिजल्वाण, पोल्ट्री फार्म पशु चिकित्साधिकारी कंडीसौड़।