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Tehri News: गजा क्षेत्र का तोली डांडा सौड़ विकास से वंचित
संवाद न्यूज एजेंसी, टिहरी
Updated Thu, 18 Jun 2026 04:48 PM IST
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12 साल से सड़क नहीं, ग्रामीणों ने मंत्री से लगाई गुहार
गांव तक सड़क पहुुंचने पर बागवानी और होमस्टे का व्यवसाय बढ़ेगा
नई टिहरी। चंबा ब्लॉक में धारअक्रिया पट्टी के ग्राम पंचायत माणदा का तोली डांडा सौड़ 12 साल बाद भी सड़क से नहीं जुड़ पाया है जिससे ग्रामीणों के सामने ढाई-तीन किमी पैदल चलने की मजबूरी बनी है। ग्रामीणों ने स्वास्थ्य एवं वन मंत्री सुबोध उनियाल को ज्ञापन भेजकर सड़क के लिए वन भूमि की एनओसी दिलाने की मांग की है।
माणदा गांव में तोली डांडा सौड़ के ग्रामीण वर्ष 2014 से छह किमी सड़क बनाने की मांग कर रहे हैं लेकिन अभी तक ग्रामीणों का सपना पूरा नहीं हो पाया है। ग्रामीणों ने बताया कि मंत्री ने लोनिवि को सड़क का प्रस्ताव तैयार वन भूमि हस्तांतरण की पत्रावली शासन को भेजने के निर्देश पर लोनिवि अभी तक चार बार सर्वे भी कर चुका है लेकिन सर्वे रिपोर्ट का क्या हुआ कुछ पता नहीं है।
प्रधान भगवानी देवी ने कहा कि सड़क की मांग उठाने पर लोनिवि और वन विभाग सर्वे करने पहुंच जाते हैं। उसके बाद सड़क की फाइल बंद हो जाती है। गांव के आनंद सिंह खाती, रघुवीर सिंह खाती, डीपी उनियाल, नीरज सिंह और महिताब सिंह का कहना है कि गजा क्षेत्र का नजदीकी गांव तोलीडांडा सौड़ कृषि बागवानी, सब्जी उत्पादन और होमस्टे के लिए काफी अच्छी जगह है लेकिन सड़क सुविधा नहीं होने के कारण ग्रामीण कुछ नहीं कर पा रहे हैं।
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सड़क के अभाव में गांव की आबादी घटकर करीब डेढ़ सौ रह गई है। गजा के नजदीक होने के बावजूद ग्रामीण सड़क से वंचित हैं जिससे किसी बीमार व्यक्ति को सड़क तक पहुंचाना, भारी सामान गांव ले जाना और विवाह समारोह के समय खासी परेशानी उठानी पड़ती है। गजा क्षेत्र के तोलीडांडा सौड़ तक सड़क पहुंचती है तो लोग बड़ी संख्या में बागवानी और नकदी फसल का उत्पादन करने के साथ ही होमस्टे व्यवसाय से भी जुड़ सकते हैं। उन्होंने मंत्री को भेजे ज्ञापन में वन भूमि की एनओसी दिलाकर गांव तक जल्दी सड़क पहुंचाने की मांग की है।
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गांव तक सड़क पहुुंचने पर बागवानी और होमस्टे का व्यवसाय बढ़ेगा
नई टिहरी। चंबा ब्लॉक में धारअक्रिया पट्टी के ग्राम पंचायत माणदा का तोली डांडा सौड़ 12 साल बाद भी सड़क से नहीं जुड़ पाया है जिससे ग्रामीणों के सामने ढाई-तीन किमी पैदल चलने की मजबूरी बनी है। ग्रामीणों ने स्वास्थ्य एवं वन मंत्री सुबोध उनियाल को ज्ञापन भेजकर सड़क के लिए वन भूमि की एनओसी दिलाने की मांग की है।
माणदा गांव में तोली डांडा सौड़ के ग्रामीण वर्ष 2014 से छह किमी सड़क बनाने की मांग कर रहे हैं लेकिन अभी तक ग्रामीणों का सपना पूरा नहीं हो पाया है। ग्रामीणों ने बताया कि मंत्री ने लोनिवि को सड़क का प्रस्ताव तैयार वन भूमि हस्तांतरण की पत्रावली शासन को भेजने के निर्देश पर लोनिवि अभी तक चार बार सर्वे भी कर चुका है लेकिन सर्वे रिपोर्ट का क्या हुआ कुछ पता नहीं है।
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प्रधान भगवानी देवी ने कहा कि सड़क की मांग उठाने पर लोनिवि और वन विभाग सर्वे करने पहुंच जाते हैं। उसके बाद सड़क की फाइल बंद हो जाती है। गांव के आनंद सिंह खाती, रघुवीर सिंह खाती, डीपी उनियाल, नीरज सिंह और महिताब सिंह का कहना है कि गजा क्षेत्र का नजदीकी गांव तोलीडांडा सौड़ कृषि बागवानी, सब्जी उत्पादन और होमस्टे के लिए काफी अच्छी जगह है लेकिन सड़क सुविधा नहीं होने के कारण ग्रामीण कुछ नहीं कर पा रहे हैं।
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सड़क के अभाव में गांव की आबादी घटकर करीब डेढ़ सौ रह गई है। गजा के नजदीक होने के बावजूद ग्रामीण सड़क से वंचित हैं जिससे किसी बीमार व्यक्ति को सड़क तक पहुंचाना, भारी सामान गांव ले जाना और विवाह समारोह के समय खासी परेशानी उठानी पड़ती है। गजा क्षेत्र के तोलीडांडा सौड़ तक सड़क पहुंचती है तो लोग बड़ी संख्या में बागवानी और नकदी फसल का उत्पादन करने के साथ ही होमस्टे व्यवसाय से भी जुड़ सकते हैं। उन्होंने मंत्री को भेजे ज्ञापन में वन भूमि की एनओसी दिलाकर गांव तक जल्दी सड़क पहुंचाने की मांग की है।