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आफत की बारिश : निचले इलाकों में हुआ जलभराव, बदतर हो गए हालात
Thu, 09 Jul 2026 06:19 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, टिहरी
संवाद न्यूज एजेंसी, टिहरी
Updated Thu, 09 Jul 2026 06:19 PM IST
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रातभर बाल्टियों से पानी निकालते रहे लोग, आपदा कंट्रोल रूम तक नहीं पहुंची कोई सूचना
सिताबपुर, बालासौड़, सिमलचौड़, बलभद्रपुर और घमंडपुर में जलभराव से जनजीवन प्रभावित
कोटद्वार। बारिश ने प्रशासन की तैयारियों की पोल खोल दी। नगर के कई वार्डों में जलभराव से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। कई परिवार पूरी रात घरों में घुसे पानी को बाल्टियों से निकालते रहे। वहीं तहसील और नगर निगम के आपदा कंट्रोल रूम में जलभराव की कोई सूचना दर्ज नहीं है।
वार्ड-16 सिताबपुर के कंडवाल मोहल्ले में सबसे अधिक परेशानी हुई। वीरेंद्र प्रसाद कोटनाला, कलावती गौड़, मदन मोहन कोठारी, हीरामणि कुकशाल, रामस्वरूप बुड़ाकोटी, दीनदयाल गौड़, मदनलाल, पार्वती अधिकारी, आरएस ध्यानी समेत कई लोगों के घरों में वर्षा जलभराव हुआ। लोगों ने मुख्य गेट पर अवरोधक लगाकर पानी रोकने का प्रयास किया, लेकिन तेज बहाव के आगे सभी प्रयास विफल रहे। घरों में पानी और मलबा भर गया।
लोगों का आरोप है कि मोहल्ले के निचले हिस्से में सिंचाई विभाग की नाली बंद किए जाने से लालपुर, शिवपुर और मानपुर क्षेत्र का बरसाती पानी नहर और खेतों के रास्ते कॉलोनी में आ गया। रामस्वरूप बुड़ाकोटी ने बताया कि जलनिकासी की मांग को लेकर स्थानीय प्रशासन व जनप्रतिनिधियों को कई बार पत्र दिए गए लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। मायके आई लक्ष्मी ध्यानी ने बताया कि उनका परिवार पिछले 50 वर्षों से यहां रह रहा है लेकिन ऐसा जलभराव पहली बार देखा है। मंजू देवी ने बताया कि पानी शौचालयों के पिटों तक में भर गया।
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उधर, सिमलचौड़ में सुखरो नदी के उफान व जंगल का पानी परिवहन विभाग कार्यालय मार्ग पर सुखरो नदी से सटे घरों तक पहुंच गया। प्रशासन की ओर से यहां जंगल का पानी नदी में डायवर्ट करने के लिए जेसीबी लगा दी गई है। बलभद्रपुर में भी नाले का पानी आबादी क्षेत्र में घुसने से लोगों को काफी दिक्कतें हुईं। घमंडपुर में सड़क पर जलभराव से स्कूल जा रहे बच्चे परेशान हुए। हल्दूखाता-कण्वाश्रम मोटर मार्ग पर बरसाती पानी उफान पर रहा। वहीं, देवी रोड पर खुशी वेडिंग प्वाइंट और जल निगम स्टोर के समीप, कोटद्वार-किशनपुर मार्ग पर मिलन चौक पर भी जलभराव हुआ।
सूचना मिलने पर मेयर शैलेंद्र सिंह रावत, पार्षद रजनी बिष्ट, पार्षद मनोज शाह व प्रभारी तहसीलदार राजेंद्र प्रसाद सनवाल ने प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण कर जल निकासी की प्रभावी व्यवस्था कराने का भरोसा दिया। वहीं, तहसील और नगर निगम में बने आपदा कंट्रोल रूम से संपर्क करने पर वहां तैनात कर्मियों ने बताया कि क्षेत्र में जलभराव की कहीं से कोई सूचना प्राप्त नहीं हुई है।
उफान पर रहे नदी नाले, सहमे तटीय इलाकों के लोग
कोटद्वार रात भर हुई मूसलाधार बारिश के कारण क्षेत्र की मालन, खोह, सुखरो, पनियाली, सिगड्डी स्रोत, तेलीस्रोत समेत सभी नदी नाले ऊफान पर रहे। जिससे तटीय इलाकों में रह रहे परिवारों में दहशत बनी रही। सुबह बारिश थमने के बाद नदियों का जल स्तर कम होने के बाद लोगों ने राहत की सांस ली।
.
इन नंबरों पर दें आपदा संबंधी सूचना :
पौड़ी : 8279982285
तहसील कोटद्वार : 7453053640
नगर निगम कोटद्वार : 7579476028
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सिताबपुर, बालासौड़, सिमलचौड़, बलभद्रपुर और घमंडपुर में जलभराव से जनजीवन प्रभावित
कोटद्वार। बारिश ने प्रशासन की तैयारियों की पोल खोल दी। नगर के कई वार्डों में जलभराव से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। कई परिवार पूरी रात घरों में घुसे पानी को बाल्टियों से निकालते रहे। वहीं तहसील और नगर निगम के आपदा कंट्रोल रूम में जलभराव की कोई सूचना दर्ज नहीं है।
वार्ड-16 सिताबपुर के कंडवाल मोहल्ले में सबसे अधिक परेशानी हुई। वीरेंद्र प्रसाद कोटनाला, कलावती गौड़, मदन मोहन कोठारी, हीरामणि कुकशाल, रामस्वरूप बुड़ाकोटी, दीनदयाल गौड़, मदनलाल, पार्वती अधिकारी, आरएस ध्यानी समेत कई लोगों के घरों में वर्षा जलभराव हुआ। लोगों ने मुख्य गेट पर अवरोधक लगाकर पानी रोकने का प्रयास किया, लेकिन तेज बहाव के आगे सभी प्रयास विफल रहे। घरों में पानी और मलबा भर गया।
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लोगों का आरोप है कि मोहल्ले के निचले हिस्से में सिंचाई विभाग की नाली बंद किए जाने से लालपुर, शिवपुर और मानपुर क्षेत्र का बरसाती पानी नहर और खेतों के रास्ते कॉलोनी में आ गया। रामस्वरूप बुड़ाकोटी ने बताया कि जलनिकासी की मांग को लेकर स्थानीय प्रशासन व जनप्रतिनिधियों को कई बार पत्र दिए गए लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। मायके आई लक्ष्मी ध्यानी ने बताया कि उनका परिवार पिछले 50 वर्षों से यहां रह रहा है लेकिन ऐसा जलभराव पहली बार देखा है। मंजू देवी ने बताया कि पानी शौचालयों के पिटों तक में भर गया।
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उधर, सिमलचौड़ में सुखरो नदी के उफान व जंगल का पानी परिवहन विभाग कार्यालय मार्ग पर सुखरो नदी से सटे घरों तक पहुंच गया। प्रशासन की ओर से यहां जंगल का पानी नदी में डायवर्ट करने के लिए जेसीबी लगा दी गई है। बलभद्रपुर में भी नाले का पानी आबादी क्षेत्र में घुसने से लोगों को काफी दिक्कतें हुईं। घमंडपुर में सड़क पर जलभराव से स्कूल जा रहे बच्चे परेशान हुए। हल्दूखाता-कण्वाश्रम मोटर मार्ग पर बरसाती पानी उफान पर रहा। वहीं, देवी रोड पर खुशी वेडिंग प्वाइंट और जल निगम स्टोर के समीप, कोटद्वार-किशनपुर मार्ग पर मिलन चौक पर भी जलभराव हुआ।
सूचना मिलने पर मेयर शैलेंद्र सिंह रावत, पार्षद रजनी बिष्ट, पार्षद मनोज शाह व प्रभारी तहसीलदार राजेंद्र प्रसाद सनवाल ने प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण कर जल निकासी की प्रभावी व्यवस्था कराने का भरोसा दिया। वहीं, तहसील और नगर निगम में बने आपदा कंट्रोल रूम से संपर्क करने पर वहां तैनात कर्मियों ने बताया कि क्षेत्र में जलभराव की कहीं से कोई सूचना प्राप्त नहीं हुई है।
उफान पर रहे नदी नाले, सहमे तटीय इलाकों के लोग
कोटद्वार रात भर हुई मूसलाधार बारिश के कारण क्षेत्र की मालन, खोह, सुखरो, पनियाली, सिगड्डी स्रोत, तेलीस्रोत समेत सभी नदी नाले ऊफान पर रहे। जिससे तटीय इलाकों में रह रहे परिवारों में दहशत बनी रही। सुबह बारिश थमने के बाद नदियों का जल स्तर कम होने के बाद लोगों ने राहत की सांस ली।
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इन नंबरों पर दें आपदा संबंधी सूचना :
पौड़ी : 8279982285
तहसील कोटद्वार : 7453053640
नगर निगम कोटद्वार : 7579476028