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Tehri News: जंगली सुअरों ने बढ़ाई कफुल्टा के किसानों की मुसीबतें
संवाद न्यूज एजेंसी, टिहरी
Updated Mon, 02 Feb 2026 04:45 PM IST
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आलू, मटर और लहसुन की खेती हुई बरबाद, मुआवजे की मांग
थत्यूड़ (टिहरी)। जंगली सुअरों ने ग्राम पंचायत कफुल्टा के किसानों की मुसीबतें बढ़ा दी है। वन विभाग के कार्यालय से महज 500 मीटर की दूरी पर स्थित कफुल्टा गांव में जंगली सुअर रात के समय खेतों में घुसकर आलू, मटर और लहसुन की नकदी फसलों को लगातार नुकसान पहुंचा रहे हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि गांव में आलू, मटर और लहसुन की फसल इन दिनों तैयार हो चुकी है लेकिन जंगली सुअर झुंड बनाकर खेतों में घुस रहे हैं। फसल को तहस नहस कर दे रहे हैं। ग्राम प्रधान प्रमिला देवी, काश्तकार जगत सिंह असवाल, अरविंद नौटियाल, भरत सिंह असवाल, रघुवीर सिंह असवाल, जयवीर सिंह असवाल, राकेश सिंह ने बताया कि जंगली सुअरों के कारण किसानों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।
उन्होंने वन विभाग से फसलों की सुरक्षा के लिए तत्काल ठोस और स्थायी उपाय किए जाने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि खेतों के चारों ओर तारबाड़, सोलर फेंसिंग, निगरानी व्यवस्था और रात्रि गश्त के उपाय किए बिना समस्या का समाधान संभव नहीं है। इस संबंध में वन क्षेत्राधिकारी लतिका उनियाल का कहना है कि यदि काश्तकार की ओर से वन विभाग को लिखित में फसलों की नुकसान की शिकायत दर्ज कराई जाती है तो विभागीय टीम गांव में जाकर फसल क्षति का मौका मुआयना करेगी। जांच के बाद नियमानुसार पात्र किसानों को मुआवजा राशि प्रदान की जाएगी।
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थत्यूड़ (टिहरी)। जंगली सुअरों ने ग्राम पंचायत कफुल्टा के किसानों की मुसीबतें बढ़ा दी है। वन विभाग के कार्यालय से महज 500 मीटर की दूरी पर स्थित कफुल्टा गांव में जंगली सुअर रात के समय खेतों में घुसकर आलू, मटर और लहसुन की नकदी फसलों को लगातार नुकसान पहुंचा रहे हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि गांव में आलू, मटर और लहसुन की फसल इन दिनों तैयार हो चुकी है लेकिन जंगली सुअर झुंड बनाकर खेतों में घुस रहे हैं। फसल को तहस नहस कर दे रहे हैं। ग्राम प्रधान प्रमिला देवी, काश्तकार जगत सिंह असवाल, अरविंद नौटियाल, भरत सिंह असवाल, रघुवीर सिंह असवाल, जयवीर सिंह असवाल, राकेश सिंह ने बताया कि जंगली सुअरों के कारण किसानों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।
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उन्होंने वन विभाग से फसलों की सुरक्षा के लिए तत्काल ठोस और स्थायी उपाय किए जाने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि खेतों के चारों ओर तारबाड़, सोलर फेंसिंग, निगरानी व्यवस्था और रात्रि गश्त के उपाय किए बिना समस्या का समाधान संभव नहीं है। इस संबंध में वन क्षेत्राधिकारी लतिका उनियाल का कहना है कि यदि काश्तकार की ओर से वन विभाग को लिखित में फसलों की नुकसान की शिकायत दर्ज कराई जाती है तो विभागीय टीम गांव में जाकर फसल क्षति का मौका मुआयना करेगी। जांच के बाद नियमानुसार पात्र किसानों को मुआवजा राशि प्रदान की जाएगी।
