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Udham Singh Nagar News: ब्लैंक चेकों से करोड़ों की वसूली के आरोप, आयकर विभाग तक पहुंची शिकायत
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर
Updated Mon, 22 Jun 2026 12:34 AM IST
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काशीपुर। ब्लैंक चेकों के कथित दुरुपयोग और सूदखोरी के जरिये करोड़ों रुपये की वसूली के आरोपों का मामला अब आयकर विभाग तक पहुंच गया है। शिकायतकर्ता ने लोगों को कर्ज के रूप में बांटी जा रही रकम के स्रोत और उस पर अदा किए गए आयकर की जांच की मांग की है।
वार्ड-31, मोहल्ला खालसा निवासी कासिफ अली ने चार फरवरी 2026 को आरबीआई गवर्नर को भेजी शिकायत में आरोप लगाया था कि कोर्ट रोड निवासी एक व्यक्ति निजी फाइनेंस कार्यालय की आड़ में अनधिकृत रूप से सूदखोरी का कारोबार करता है। जरूरतमंद लोगों से हस्ताक्षरयुक्त ब्लैंक चेक, स्टांप और रसीदें लेकर उन्हें 10 प्रतिशत ब्याज पर रकम उधार दी जाती है। आरोप है कि बाद में इन चेकों में मनमानी रकम भरकर विभिन्न शहरों की अदालतों में एनआई एक्ट के मुकदमे दायर किए गए।
शिकायत के अनुसार दायर मामलों में चेकों की राशि तीन लाख से 30 लाख रुपये तक है और कुल दावे करोड़ों रुपये के हैं। इस प्रकरण में कई लोग पुलिस से उत्पीड़न की शिकायत कर चुके हैं जिनके बयान भी दर्ज किए गए हैं। आरबीआई गवर्नर ने शिकायत जांच के लिए राज्य कर आयुक्त को भेजी थी।
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विशेष आयुक्त राज्य कर आईएस ब्रजवाल ने छह फरवरी को मामला अपने विभाग के अधिकार क्षेत्र से बाहर बताते हुए प्रधान आयकर आयुक्त को संदर्भित कर दिया। साथ ही शिकायतकर्ता को की गई कार्रवाई से अवगत कराने का अनुरोध भी किया गया है। शिकायतकर्ता ने कथित रूप से ऋण वितरण में इस्तेमाल करोड़ों रुपये के स्रोत और कर अनुपालन की जांच की मांग की है।
वार्ड-31, मोहल्ला खालसा निवासी कासिफ अली ने चार फरवरी 2026 को आरबीआई गवर्नर को भेजी शिकायत में आरोप लगाया था कि कोर्ट रोड निवासी एक व्यक्ति निजी फाइनेंस कार्यालय की आड़ में अनधिकृत रूप से सूदखोरी का कारोबार करता है। जरूरतमंद लोगों से हस्ताक्षरयुक्त ब्लैंक चेक, स्टांप और रसीदें लेकर उन्हें 10 प्रतिशत ब्याज पर रकम उधार दी जाती है। आरोप है कि बाद में इन चेकों में मनमानी रकम भरकर विभिन्न शहरों की अदालतों में एनआई एक्ट के मुकदमे दायर किए गए।
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शिकायत के अनुसार दायर मामलों में चेकों की राशि तीन लाख से 30 लाख रुपये तक है और कुल दावे करोड़ों रुपये के हैं। इस प्रकरण में कई लोग पुलिस से उत्पीड़न की शिकायत कर चुके हैं जिनके बयान भी दर्ज किए गए हैं। आरबीआई गवर्नर ने शिकायत जांच के लिए राज्य कर आयुक्त को भेजी थी।
विशेष आयुक्त राज्य कर आईएस ब्रजवाल ने छह फरवरी को मामला अपने विभाग के अधिकार क्षेत्र से बाहर बताते हुए प्रधान आयकर आयुक्त को संदर्भित कर दिया। साथ ही शिकायतकर्ता को की गई कार्रवाई से अवगत कराने का अनुरोध भी किया गया है। शिकायतकर्ता ने कथित रूप से ऋण वितरण में इस्तेमाल करोड़ों रुपये के स्रोत और कर अनुपालन की जांच की मांग की है।